ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, अमेरिकी दबाव को नकारा: राष्ट्रपति पेजेश्कियन
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 16 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोई इच्छा नहीं रखता और उन्होंने ईरान विरोधी प्रचार को सिरे से नकारते हुए इसे 'झूठ' करार दिया। येरेवन में आयोजित जैव विविधता सम्मेलन (COP17) के दौरान यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया।
येरेवन में कूटनीतिक संवाद
पेजेश्कियन ने यह बात अर्मेनिया की राजधानी येरेवन में जॉर्जिया के प्रधानमंत्री इराक्ली कोबाखिद्जे के साथ बैठक के दौरान कही। उनके कार्यालय की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, "ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करना चाहता और हम अपने देश के खिलाफ विनाशकारी प्रचार को झूठ मानते हैं।" उन्होंने परमाणु हथियारों के विकास पर रोक के संदर्भ में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के रुख का भी हवाला दिया।
अमेरिकी दबाव के सामने झुकने से इनकार
पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहा है, लेकिन अमेरिका की यह सोच कि वह ईरान को 'आत्मसमर्पण के लिए मजबूर' कर सकता है, सही नहीं है। उन्होंने कहा, "हम जबरदस्ती के सामने नहीं झुकेंगे।" उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों को मानवीय ढाँचे के विरुद्ध बताया और अमेरिका इज़राइल के हालिया हमलों को 'अनुचित एवं अमानवीय' कहा।
आर्मेनिया के प्रधानमंत्री से अलग बैठक
एक अन्य बैठक में आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से मुलाकात के दौरान पेजेश्कियन ने दोहराया कि अमेरिका को समझना होगा कि ईरान अपनी जनता पर भरोसा करते हुए और पड़ोसी देशों के साथ समन्वय बनाते हुए अपने वैश्विक संबंध जारी रखेगा। उन्होंने वाशिंगटन को चेतावनी दी कि यदि वह प्रतिबंधों की नीति पर कायम रहा, तो पूरी दुनिया के लिए स्थिति और बिगड़ सकती है।
ट्रंप का दावा: जल्द खत्म होगा संघर्ष
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एरिजोना से मोंटाना रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ संघर्ष 'बहुत जल्द' समाप्त होगा। उन्होंने कहा, "ईरान का मामला बहुत जल्द खत्म हो जाएगा और आपके ऊर्जा के दाम बहुत तेजी से, बहुत जल्दी गिरेंगे।" ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
व्यापक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि पेजेश्कियन का यह बयान उसी समय आया है जब COP17 के मंच का उपयोग कूटनीतिक संदेशों के लिए किया जा रहा है। जॉर्जिया के प्रधानमंत्री कोबाखिद्जे ने इस अवसर पर कहा कि उनका देश राज्यों के आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को अस्वीकार करता है। आने वाले हफ्तों में ईरान अमेरिका संबंधों की दिशा वैश्विक ऊर्जा बाज़ार और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों पर गहरा असर डाल सकती है।