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क्या ईरानी जनरल का दावा सही है? 'अगर हम पर हुआ हमला, तो पाकिस्तान करेगा इजरायल पर न्यूक्लियर अटैक'

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क्या ईरानी जनरल का दावा सही है? 'अगर हम पर हुआ हमला, तो पाकिस्तान करेगा इजरायल पर न्यूक्लियर अटैक'

सारांश

बीते तीन दिनों से चल रही ईरान और इजरायल की जंग में पाकिस्तान ने ईरान का समर्थन किया है। इजरायल पर न्यूक्लियर हमले की बात करते हुए ईरानी जनरल ने पाकिस्तान के समर्थन का दावा किया है। क्या यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है? जानिए पूरी खबर।

मुख्य बातें

ईरान और इजरायल के बीच युद्ध बढ़ रहा है।
पाकिस्तान ने ईरान का समर्थन किया है।
यदि इजरायल ने न्यूक्लियर हमला किया, तो पाकिस्तान संघर्ष में अब तक 224 लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शांति समझौते का आश्वासन दिया है।

नई दिल्ली, 16 जून (राष्ट्र प्रेस)। पिछले तीन दिनों से ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष जारी है। इस दौरान पाकिस्तान ने ईरान का समर्थन करते हुए इजरायल को चेतावनी दी है। ईरान का दावा है कि पाकिस्तान ने उसे आश्वासन दिया है कि यदि इजरायल ने तेहरान पर न्यूक्लियर हमला किया, तो वह भी इजरायल पर न्यूक्लियर हमले के लिए तैयार होगा।

तुर्किए टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी जनरल मोहसिन रेजाई ने सरकारी टीवी चैनल पर कहा, "पाकिस्तान ने हमें बताया है कि अगर इजरायल परमाणु मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान की धरती पर करता है, तो हम भी उस पर परमाणु हथियारों का उपयोग करेंगे।"

मोहसिन रेजाई, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनरल और ईरान के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्य हैं।

पाकिस्तान पहले भी ईरान का समर्थन कर चुका है। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि उनके देश का ईरान के साथ खड़ा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका देश ईरान के हितों की रक्षा करेगा। साथ ही, उन्होंने ईरान को अपना भाई बताते हुए उनके दुख को अपना दुख माना है।

इस बीच, दोनों देशों के बीच हवाई हमले तेज हो गए हैं। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमलों में अब तक 224 लोगों की मौत हो चुकी है और 1277 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजरायल की आपातकालीन चिकित्सा सेवा प्रदान करने वाले संगठन मैगन डेविड एडोम (एमडीए) के अनुसार, मध्य इजरायल में चार ईरानी मिसाइलों के हमले में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि 67 लोग घायल हैं।

मध्य इजरायल में बैलिस्टिक मिसाइलों से प्रभावित स्थलों से 67 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एमडीए ने कहा कि इनमें 30 वर्षीय एक महिला की हालत गंभीर है, जबकि छह लोगों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इसके अलावा, 60 लोग मामूली रूप से घायल हैं, जिनमें कुछ एंग्जायटी से भी पीड़ित हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वह इजरायल और ईरान के बीच शांति समझौता कराने में सक्षम हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ईरान और इजरायल के बीच का संघर्ष केवल क्षेत्रीय नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शक्तियों की राजनीति का भी हिस्सा है। पाकिस्तान का समर्थन ईरान के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, जिससे संभावित रूप से स्थिति और तनाव बढ़ सकता है। हमें इस मामले में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष का कारण क्या है?
ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष कई कारणों से उत्पन्न हुआ है, जिसमें क्षेत्रीय प्रभुत्व, धार्मिक मतभेद और राजनीतिक हित शामिल हैं।
पाकिस्तान ने ईरान का समर्थन क्यों किया?
पाकिस्तान ने ईरान का समर्थन किया है क्योंकि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं और वे एक-दूसरे के साथ खड़े होने की आवश्यकता महसूस करते हैं।
क्या पाकिस्तान इजरायल पर न्यूक्लियर हमला कर सकता है?
पाकिस्तान के जनरल का दावा है कि अगर इजरायल ने ईरान पर न्यूक्लियर हमला किया, तो पाकिस्तान भी इसी तरह का जवाब दे सकता है, लेकिन यह एक गंभीर स्थिति होगी।
राष्ट्र प्रेस
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