ईरानी सेना प्रमुख हातमी की चेतावनी: युद्ध खत्म नहीं, दुश्मन झेले और कड़े प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने 27 सितंबर 2026 को तेहरान में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर थोपा गया युद्ध अभी समाप्त नहीं हुआ है और शत्रु पक्ष को ईरानी सशस्त्र बलों के और भी कठोर प्रहार झेलने के लिए तत्पर रहना होगा। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हातमी ने यह भी कहा कि हमलावर दुश्मन को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन संघर्ष का यह अध्याय अभी बंद नहीं हुआ।
हातमी का बयान: 'युद्ध जारी है'
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, हातमी ने समारोह में कहा, 'युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है... हमलावर दुश्मन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन उसे ईरान के सशस्त्र बलों के और भी कड़े प्रहार झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।' उन्होंने क्षेत्रीय देशों को आगाह किया कि अमेरिका के साथ सहयोग उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता और क्षेत्र की सुरक्षा वहाँ के देशों को आपसी सहयोग से सुनिश्चित करनी होगी।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब 18 जून 2026 को हस्ताक्षरित एमओयू के तहत 60 दिनों की वार्ता अवधि 17 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुकी है और दोनों देशों के बीच किसी अंतिम समझौते तक अभी पहुँचा नहीं जा सका है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान सहित ईरान के अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों तथा संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए, और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी सामरिक पकड़ को और मज़बूत कर लिया।
इसके बाद 18 जून 2026 को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में युद्धविराम और आगे की वार्ता के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए। एमओयू की शर्तों के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते पर बातचीत करनी थी, जो 17 अगस्त 2026 को समाप्त हो गई। हाल में बढ़े तनाव के बाद वार्ता का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट पर नई चेतावनी
इसी बीच, ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) ने जहाज मालिकों को कड़ी चेतावनी दी है। रविवार तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक आधिकारिक पोस्ट में पीजीएसए ने कहा कि कुछ चार्टरर्स जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य में 'अवैध मार्गों' से गुज़रने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
पीजीएसए के अनुसार, ऐसी गतिविधियों से जहाज, उसके मालिक, मास्टर और चालक दल को आर्थिक नुकसान तथा जान का खतरा हो सकता है। अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि यदि ये गतिविधियाँ साबित होती हैं, तो संबंधित चार्टरर्स को 'नॉन-कम्प्लायंस लिस्ट' में शामिल किया जाएगा और उनके सभी जहाजों के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण मार्ग है और दुनिया के कच्चे तेल की एक बड़ी मात्रा इसी रास्ते गुज़रती है। इस जलडमरूमध्य पर किसी भी प्रकार का तनाव या प्रतिबंध वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को सीधे प्रभावित कर सकता है।
हातमी के बयान और पीजीएसए की चेतावनी एक साथ आने से यह संकेत मिलता है कि ईरान फिलहाल राजनयिक और सैन्य — दोनों मोर्चों पर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर चल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, एमओयू की अवधि समाप्त होने के बाद किसी नई वार्ता की रूपरेखा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है, जो स्थिति की नाज़ुकता को और उजागर करती है।
आगे क्या
दोनों पक्षों के बीच वार्ता का कोई नया दौर निर्धारित होने की सूचना अभी तक नहीं है। ऐसे में क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं। हातमी के ताज़ा बयान के बाद अब दुनिया की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका और ईरान कूटनीतिक रास्ते पर वापस लौट पाएंगे या तनाव एक बार फिर सैन्य टकराव की ओर बढ़ेगा।