13 जुलाई 2026
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अमेरिका-इजरायल एकमत हैं या नहीं? ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर उठाए तीखे सवाल

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अमेरिका-इजरायल एकमत हैं या नहीं? ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर उठाए तीखे सवाल

सारांश

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर तीखा सवाल दागा — भले ही ट्रंप युद्धविराम करवा लें, क्या अमेरिका और इजरायल के अंतिम लक्ष्य एक हैं? 26 मई को होर्मुज पर अमेरिकी हमले और परस्पर विरोधाभासी वार्ता संकेतों के बीच यह सवाल वैश्विक कूटनीति के केंद्र में आ गया है।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स पर सवाल उठाया कि क्या अमेरिका और इजरायल संघर्ष के अंतिम परिणाम पर एकमत हैं।
26 मई को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ( सेंटकाम ) ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट कार्रवाई की; प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने इसे आत्मरक्षा में बताया।
अमेरिका ने बारूदी सुरंग बिछाती नौकाओं और बंदर अब्बास पोर्ट के निकट मिसाइल साइट को निशाना बनाया।
ईरान ने इस हमले को सीजफायर उल्लंघन, दुर्भावनापूर्ण और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के विरुद्ध बताते हुए 'मुकम्मल जवाब' की चेतावनी दी।
अराघची के अनुसार, संघर्ष के वैश्विक आर्थिक प्रभाव काफी हद तक होर्मुज से ईंधन-आवागमन पर रोक की अवधि पर निर्भर करेंगे।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा सवाल दागा है — क्या अमेरिका और इजरायल इस युद्ध के अंतिम परिणाम को लेकर वाकई एकमत हैं? यह बयान ऐसे समय में आया है जब 26 मई को अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट ईरानी ठिकानों पर हमले किए, और दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम वार्ता को लेकर परस्पर विरोधाभासी संकेत सामने आ रहे हैं।

अराघची के एक्स पोस्ट में क्या कहा

अराघची ने एक्स पर लिखा, 'व्हाइट हाउस और ईरान इस बात पर अलग-अलग संकेत दे रहे हैं कि बातचीत शुरू भी हुई है या नहीं, जबकि हजारों अमेरिकी सैनिक मध्य-पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं। भले ही ट्रंप युद्धविराम करवा लें, लेकिन यह साफ नहीं है कि अमेरिका और इजरायल इस संघर्ष के अंतिम परिणाम को लेकर एकमत हैं या नहीं। आपको क्या लगता है?' उनके इस सवाल ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है।

एक अन्य पोस्ट में अराघची ने कहा, 'ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध की शुरुआत को एक महीना बीत चुका है, और अब दुनिया भर की सरकारें वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीतिक व्यवस्था पर इसके दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन करने की कोशिश कर रही हैं।'

होर्मुज पर अमेरिकी हमला और ईरान का आरोप

26 मई की सुबह अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट कार्रवाई की। सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स के अनुसार, यह हमला आत्मरक्षा में किया गया — अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को कथित खतरे से बचाने के लिए। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास कथित तौर पर बारूदी सुरंग बिछा रही नौकाओं को निशाना बनाया, और बंदर अब्बास पोर्ट के निकट एक सरफेस-टू-एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया।

ईरान ने इस कार्रवाई को सीजफायर नियमों का उल्लंघन करार देते हुए इसे दुर्भावना से प्रेरित और वादाखिलाफी बताया। तेहरान ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है और देश इस आक्रामक कार्रवाई का 'मुकम्मल जवाब' देगा।

होर्मुज स्ट्रेट: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दाँव

अराघची ने स्पष्ट किया कि संघर्ष का वैश्विक असर काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि यह कितने समय तक चलता है, और ईरान कितने समय तक होर्मुज स्ट्रेट से ईंधन निर्यात और मालवाहक जहाजों के आवागमन पर रोक बनाए रखता है। गौरतलब है कि होर्मुज दुनिया की सबसे व्यस्त तेल पारगमन धमनियों में से एक है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।

अमेरिका-इजरायल के बीच रणनीतिक मतभेद का सवाल

अराघची का केंद्रीय तर्क यह है कि डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम की दिशा में काम कर रहे हैं, किंतु अमेरिका और इजरायल के दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्य एकसमान नहीं हो सकते। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब व्हाइट हाउस और तेहरान दोनों ही वार्ता की स्थिति को लेकर अलग-अलग बयान दे रहे हैं, जिससे कूटनीतिक अनिश्चितता और गहरी हो गई है।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि क्या कोई ठोस युद्धविराम समझौता संभव है, या तनाव और बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उसकी पारंपरिक रणनीति है। लेकिन जो बात मुख्यधारा की कवरेज नज़रअंदाज़ कर रही है, वह यह है कि वार्ता को लेकर व्हाइट हाउस और तेहरान के परस्पर विरोधाभासी बयान खुद एक संकेत हैं — या तो संचार टूट चुका है, या दोनों पक्ष घरेलू दर्शकों के लिए अलग-अलग कहानियाँ गढ़ रहे हैं। इस अनिश्चितता में होर्मुज की नाकेबंदी जितनी लंबी खिंचेगी, वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव उतना ही गहरा होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका-इजरायल पर क्या सवाल उठाया?
अराघची ने एक्स पर पूछा कि भले ही ट्रंप युद्धविराम करवा लें, यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका और इजरायल इस संघर्ष के अंतिम परिणाम को लेकर एकमत हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ता शुरू हुई है या नहीं, इस पर दोनों पक्षों के संकेत अलग-अलग हैं।
26 मई को होर्मुज स्ट्रेट पर क्या हुआ?
26 मई को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाम) ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट कार्रवाई की, जिसमें कथित तौर पर बारूदी सुरंग बिछाती नौकाओं और बंदर अब्बास पोर्ट के पास एक मिसाइल साइट को निशाना बनाया गया। सेंटकाम ने इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया।
ईरान ने अमेरिकी हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ईरान ने इस हमले को सीजफायर नियमों का उल्लंघन, दुर्भावनापूर्ण और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के विरुद्ध करार दिया। तेहरान ने कहा कि वह इस आक्रामक कार्रवाई का 'मुकम्मल जवाब' देगा।
होर्मुज स्ट्रेट पर रोक का वैश्विक असर क्यों पड़ता है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की सबसे व्यस्त तेल पारगमन धमनियों में से एक है। अराघची के अनुसार, ईरान जितने समय तक इस मार्ग से ईंधन निर्यात और मालवाहक जहाजों पर रोक रखेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीतिक व्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव उतना ही गहरा होगा।
अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम वार्ता की स्थिति क्या है?
स्थिति अस्पष्ट है — व्हाइट हाउस और तेहरान दोनों ही इस बारे में अलग-अलग संकेत दे रहे हैं कि वार्ता शुरू हुई है या नहीं। इसी अनिश्चितता को अराघची ने अपने एक्स पोस्ट में उजागर किया है।
राष्ट्र प्रेस
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