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जबलपुर मंदिर विवाद: गणेश उत्सव में कथित मुस्लिम दुकानों पर हंगामा, पुलिस मध्यस्थता से स्थिति नियंत्रण में

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जबलपुर मंदिर विवाद: गणेश उत्सव में कथित मुस्लिम दुकानों पर हंगामा, पुलिस मध्यस्थता से स्थिति नियंत्रण में

सारांश

जबलपुर के ग्वारीघाट मंदिर में गणेश उत्सव के दौरान कथित मुस्लिम दुकानदारों को लेकर VHP और बजरंग दल ने देर रात विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने तत्काल मध्यस्थता कर स्थिति नियंत्रित की। मंदिर समिति ने आरोपों का खंडन किया; कोई हिंसा नहीं हुई।

मुख्य बातें

जबलपुर के श्री सिद्ध गणेश हनुमान मंदिर (ग्वारीघाट) में गणेश उत्सव के दौरान कथित मुस्लिम दुकानदारों को लेकर विवाद उठा।
VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार देर रात विरोध प्रदर्शन किया और गैर-हिंदुओं को परिसर में दुकान देने का आरोप लगाया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर बातचीत से विवाद सुलझाया।
मंदिर समिति ने गैर-हिंदू व्यापारियों को दुकान देने के आरोपों का खंडन किया।
पुलिस के अनुसार अब तक हिंसा या किसी अप्रिय घटना की कोई शिकायत नहीं; स्थिति सामान्य।

जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित श्री सिद्ध गणेश हनुमान मंदिर में 22 सितंबर 2026 को गणेश उत्सव के दौरान उस समय तनाव उत्पन्न हो गया, जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में कथित तौर पर मुस्लिम व्यापारियों को अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर बातचीत के ज़रिए विवाद को शांत किया और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।

विवाद की पृष्ठभूमि

सोमवार देर रात VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया। उनका आरोप था कि त्योहार के दौरान लगाई गई अस्थायी दुकानें गैर-हिंदू व्यापारियों द्वारा संचालित हैं। इस विरोध के चलते परिसर में काफी भीड़ एकत्रित हो गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। गणेश पर्व पर इस मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और आगंतुकों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अस्थायी स्टॉल लगाने की परंपरा रही है।

पुलिस की कार्रवाई और मध्यस्थता

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुँची। उन्होंने कहा, 'गणेश उत्सव के दौरान कुछ लोगों ने शिकायत की कि वहाँ स्थापित दुकानें मुस्लिम व्यापारियों के स्वामित्व में हैं। यह मामला आपसी परामर्श और बातचीत के माध्यम से सुलझा लिया गया।' मध्यस्थता के बाद दोनों पक्ष शांत हो गए और स्थिति नियंत्रण में आ गई।

मंदिर समिति का पक्ष

मंदिर समिति ने उन आरोपों का खंडन किया है कि उसने गैर-हिंदू व्यापारियों को परिसर में दुकानें चलाने की अनुमति दी थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शर्मा ने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति परिसर को नियंत्रित करती है और यह उसके अधिकार क्षेत्र में है कि वह तय करे कि परिसर में कौन दुकानें लगा सकता है।

वर्तमान स्थिति

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक हिंसा या किसी अन्य अप्रिय घटना की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और मंदिर में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पुलिस ने कहा कि वे स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं और कानून के उल्लंघन संबंधी कोई विशिष्ट शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब त्योहारों के मौसम में धार्मिक स्थलों और उत्सव स्थलों पर प्रशासन की कड़ी निगरानी बनाए रखी जा रही है। गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में त्योहारी आयोजनों के दौरान धार्मिक स्थलों पर दुकानदारी को लेकर इस तरह के विवाद पहले भी उठ चुके हैं। मध्य प्रदेश पुलिस ने इस प्रकरण में तत्परता से मध्यस्थता कर बड़ी अप्रिय स्थिति को टालने में सफलता पाई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि त्योहारी अस्थायी दुकानों के आवंटन की कोई पारदर्शी व्यवस्था क्यों नहीं है, जो ऐसी स्थितियों को पहले ही रोक सके।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जबलपुर मंदिर विवाद क्या है?
जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित श्री सिद्ध गणेश हनुमान मंदिर में गणेश उत्सव के दौरान VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि परिसर में कथित तौर पर मुस्लिम व्यापारियों को अस्थायी दुकानें लगाने दी गई हैं। इस पर देर रात विरोध प्रदर्शन हुआ और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस ने इस विवाद को कैसे सुलझाया?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुँची। आपसी परामर्श और बातचीत के माध्यम से दोनों पक्षों को शांत किया गया और बिना किसी अप्रिय घटना के विवाद नियंत्रण में आ गया।
मंदिर समिति का इस मामले में क्या कहना है?
मंदिर समिति ने उन आरोपों का खंडन किया है कि उसने गैर-हिंदू व्यापारियों को परिसर में दुकानें चलाने की अनुमति दी थी। पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि परिसर में दुकान आवंटन का निर्णय पूरी तरह मंदिर समिति के अधिकार क्षेत्र में है।
क्या इस घटना में कोई हिंसा हुई?
नहीं। पुलिस के अनुसार अब तक हिंसा या किसी अन्य अप्रिय घटना की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मंदिर में स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण है।
यह विवाद किस पर्व के दौरान हुआ और आगे क्या होगा?
यह विवाद गणेश उत्सव के दौरान हुआ, जब मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और अस्थायी स्टॉल लगाए जाते हैं। पुलिस ने कहा है कि वे स्थिति पर निगरानी बनाए रखेंगे और कानून के उल्लंघन की कोई शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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