विशाखापट्टनम नौका हादसा: जगन मोहन रेड्डी ने नायडू सरकार को ठहराया जिम्मेदार, ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने 14 जुलाई को विशाखापट्टनम में नौका हादसे में जान गंवाने वाले छह मछुआरों के परिजनों से मुलाकात की और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
हादसे का घटनाक्रम
गंगावरम पोर्ट से करीब 10 मील की दूरी पर समुद्र में सात मछुआरों को ले जा रही नाव पलट गई। हादसे में केवल चिन्ना नामक एक मछुआरा तैरकर बच निकला, जिसे बाद में एक चीनी जहाज ने बचाया। जगन मोहन रेड्डी ने इस बचे हुए एकमात्र व्यक्ति से भी मुलाकात कर घटना का विस्तृत ब्यौरा लिया।
जगन के अनुसार, मृतक मछुआरों के परिजनों ने 4 जुलाई की रात ही एसओएस संदेश भेज दिए थे और कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को बार-बार फोन किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि समय पर प्रतिक्रिया होती तो बाकी मछुआरों की जान बचाई जा सकती थी।
सरकारी समिति की रिपोर्ट पर सवाल
जगन मोहन रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना की जानकारी 5 जुलाई सुबह 5 बजे मिली, जबकि मृतकों के परिवारों के कॉल रिकॉर्ड और संदेश यह साबित करते हैं कि 4 जुलाई की रात ही अलर्ट भेजे जा चुके थे। उन्होंने इस विरोधाभास को सरकारी लापरवाही का प्रमाण बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि विशाखापट्टनम में कोस्ट गार्ड की उपस्थिति है और यह पूर्वी नौसेना कमान का मुख्यालय भी है — इसके बावजूद समय पर बचाव अभियान नहीं चलाया गया।
सरकार की प्रतिक्रिया पर आक्षेप
जगन मोहन रेड्डी ने कहा, 'सबसे दुखद बात यह है कि मुख्यमंत्री से लेकर मत्स्य पालन और आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्रियों तक, किसी ने भी अब तक पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की। सरकार ने केवल ₹10-10 लाख का मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।'
उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में पाकिस्तान और बांग्लादेश में बंद भारतीय मछुआरों की रिहाई के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रयास किए गए थे।
वाईएसआरसीपी की आर्थिक सहायता
वाईएसआरसीपी के विशाखापट्टनम जिला अध्यक्ष के.के. राजू ने बताया कि जगन मोहन रेड्डी ने मृतक मछुआरों के परिवारों और बचे हुए व्यक्ति चिन्ना को ₹7-7 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
आगे क्या
जगन मोहन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि यदि मौजूदा गठबंधन सरकार प्रत्येक परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा नहीं देती, तो सत्ता में लौटने पर वाईएसआर कांग्रेस यह वादा पूरा करेगी। इस हादसे ने आंध्र प्रदेश में तटीय आपदा प्रबंधन और मछुआरों की सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ला दिया है।