31 अक्टूबर 2026
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जयपुर: पूर्णिमा विश्वविद्यालय की छठी मंजिल से गिरी एमबीए छात्रा यशस्वी रोहिल्ला की मौत, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

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जयपुर: पूर्णिमा विश्वविद्यालय की छठी मंजिल से गिरी एमबीए छात्रा यशस्वी रोहिल्ला की मौत, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

सारांश

जयपुर के पूर्णिमा विश्वविद्यालय में 23 वर्षीय एमबीए छात्रा यशस्वी रोहिल्ला की छठी मंजिल से गिरकर मौत ने परिसर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में नौकरी पाई इस होनहार छात्रा के परिजन विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब माँग रहे हैं, जबकि पुलिस जाँच जारी है।

मुख्य बातें

31 अक्टूबर 2026 को जयपुर के पूर्णिमा विश्वविद्यालय की छठी मंजिल से गिरने के बाद 23 वर्षीय एमबीए छात्रा यशस्वी रोहिल्ला की मौत हो गई।
यशस्वी एमबीए के दूसरे वर्ष की छात्रा थीं और घटना से कुछ दिन पहले ही उन्हें नौकरी मिली थी।
शिवदासपुरा पुलिस ने उनका बैग और मोबाइल फोन जब्त किया; घटना के सटीक कारण अभी अस्पष्ट हैं और जाँच जारी है।
परिजनों ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और नीरजा मोदी स्कूल घटना के बाद जारी सरकारी दिशानिर्देशों का हवाला दिया।
यशस्वी की माता दुर्गा देवी राजस्थान सचिवालय में कार्यरत हैं; पिता का पहले ही निधन हो चुका था।
विश्वविद्यालय की मध्यावधि परीक्षा स्थगित कर दी गई; परिवार ने अब तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई।

जयपुर के पूर्णिमा विश्वविद्यालय में 31 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक घटना में 23 वर्षीय एमबीए छात्रा यशस्वी रोहिल्ला की इमारत की छठी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटना के सटीक कारण और परिस्थितियाँ अभी स्पष्ट नहीं हैं और जाँच जारी है।

घटनाक्रम: कक्षा से छत तक

पुलिस और विश्वविद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यशस्वी रोहिल्ला एमबीए के दूसरे वर्ष की छात्रा थीं और जयपुर के गुर्जर की थाड़ी इलाके के प्रेम नगर की निवासी थीं। घटना से कुछ समय पहले तक वह अपने सहपाठियों के साथ सामान्य रूप से बातचीत कर रही थीं।

बताया जाता है कि वह वॉशरूम जाने के बहाने कक्षा से निकलीं, फोन पर बात की और थोड़ी देर बाद अपना मोबाइल फोन कक्षा में छोड़कर इमारत की छत की ओर चली गईं। कुछ सहपाठियों ने उन्हें छत पर देखा और रोकने के लिए दौड़े, लेकिन वे समय पर नहीं पहुँच सके।

अस्पताल में मृत घोषित

विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने यशस्वी को तत्काल संस्थान के आपातकालीन वाहन से महात्मा गांधी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिवदासपुरा पुलिस ने उनका बैग और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। उनका शव अस्पताल के मॉर्चरी में रखा गया है।

घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय में निर्धारित मध्यावधि परीक्षा स्थगित कर दी गई।

विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया

पूर्णिमा विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक राहुल सिंधी ने बताया कि यशस्वी पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और कुछ ही दिन पहले उन्हें नौकरी मिली थी। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने घटना के तुरंत बाद संस्थान के आपातकालीन वाहन से उन्हें अस्पताल पहुँचाया।

परिवार ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

महात्मा गांधी अस्पताल में जुटे यशस्वी के परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि एक छात्रा बिना किसी रोकटोक के इमारत की छत तक कैसे पहुँच सकती है, और तर्क दिया कि पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात होने चाहिए थे।

परिवार ने नीरजा मोदी स्कूल में हुई पिछली घटना के बाद सरकार द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही की माँग की। हालाँकि, परिवार ने अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिवार की पृष्ठभूमि और माँ की हालत

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, यशस्वी के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उनकी माता दुर्गा देवी राजस्थान सचिवालय के सांख्यिकी विभाग में कार्यरत हैं और अकेले ही यशस्वी की पढ़ाई का खर्च उठा रही थीं। उनके भाई शुभम वकील हैं। रिश्तेदारों के अनुसार, यह खबर सुनकर दुर्गा देवी का मनोबल टूट गया — उन्हें पहले अस्पताल लाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर घर भेज दिया गया।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान में शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत और परिसर सुरक्षा को लेकर बहस पहले से चल रही है। पुलिस ने कहा है कि घटना के सटीक हालात और कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके अनुपालन की कोई जवाबदेह निगरानी व्यवस्था नहीं है। एक होनहार छात्रा, जिसे अभी-अभी नौकरी मिली थी और जो कुछ देर पहले सहपाठियों से हँसकर बात कर रही थी — उसकी मौत यह भी पूछती है कि क्या संस्थान केवल अकादमिक प्रदर्शन देखते हैं, या छात्रों की भीतरी तकलीफ भी।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्णिमा विश्वविद्यालय में एमबीए छात्रा की मौत कैसे हुई?
31 अक्टूबर 2026 को जयपुर के पूर्णिमा विश्वविद्यालय में 23 वर्षीय एमबीए छात्रा यशस्वी रोहिल्ला इमारत की छठी मंजिल से गिर गईं और महात्मा गांधी अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार घटना के सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और जाँच जारी है।
यशस्वी रोहिल्ला कौन थीं?
यशस्वी रोहिल्ला जयपुर के गुर्जर की थाड़ी इलाके के प्रेम नगर की निवासी थीं और पूर्णिमा विश्वविद्यालय में एमबीए के दूसरे वर्ष में पढ़ रही थीं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वह पढ़ाई में होशियार थीं और घटना से कुछ दिन पहले ही उन्हें नौकरी मिली थी।
परिवार ने विश्वविद्यालय पर क्या आरोप लगाए हैं?
यशस्वी के परिजनों ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं — उनका कहना है कि पर्याप्त सुरक्षाकर्मी होते तो छात्रा छत तक नहीं पहुँच सकती थी। उन्होंने नीरजा मोदी स्कूल घटना के बाद सरकार द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया, हालाँकि अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
पुलिस इस मामले में क्या कर रही है?
शिवदासपुरा पुलिस ने यशस्वी का बैग और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और घटना की परिस्थितियों की जाँच कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद विश्वविद्यालय ने क्या कदम उठाए?
पूर्णिमा विश्वविद्यालय ने घटना के तुरंत बाद यशस्वी को अपने आपातकालीन वाहन से महात्मा गांधी अस्पताल पहुँचाया और निर्धारित मध्यावधि परीक्षा स्थगित कर दी। प्रबंध निदेशक राहुल सिंधी ने यशस्वी की प्रतिभा और हालिया नौकरी का उल्लेख किया, लेकिन सुरक्षा चूक पर विस्तृत जवाब नहीं दिया।
राष्ट्र प्रेस
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