जयपुर: पूर्णिमा विश्वविद्यालय की छठी मंजिल से गिरी एमबीए छात्रा यशस्वी रोहिल्ला की मौत, परिवार ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर के पूर्णिमा विश्वविद्यालय में 31 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक घटना में 23 वर्षीय एमबीए छात्रा यशस्वी रोहिल्ला की इमारत की छठी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटना के सटीक कारण और परिस्थितियाँ अभी स्पष्ट नहीं हैं और जाँच जारी है।
घटनाक्रम: कक्षा से छत तक
पुलिस और विश्वविद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यशस्वी रोहिल्ला एमबीए के दूसरे वर्ष की छात्रा थीं और जयपुर के गुर्जर की थाड़ी इलाके के प्रेम नगर की निवासी थीं। घटना से कुछ समय पहले तक वह अपने सहपाठियों के साथ सामान्य रूप से बातचीत कर रही थीं।
बताया जाता है कि वह वॉशरूम जाने के बहाने कक्षा से निकलीं, फोन पर बात की और थोड़ी देर बाद अपना मोबाइल फोन कक्षा में छोड़कर इमारत की छत की ओर चली गईं। कुछ सहपाठियों ने उन्हें छत पर देखा और रोकने के लिए दौड़े, लेकिन वे समय पर नहीं पहुँच सके।
अस्पताल में मृत घोषित
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने यशस्वी को तत्काल संस्थान के आपातकालीन वाहन से महात्मा गांधी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शिवदासपुरा पुलिस ने उनका बैग और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। उनका शव अस्पताल के मॉर्चरी में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय में निर्धारित मध्यावधि परीक्षा स्थगित कर दी गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया
पूर्णिमा विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक राहुल सिंधी ने बताया कि यशस्वी पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और कुछ ही दिन पहले उन्हें नौकरी मिली थी। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने घटना के तुरंत बाद संस्थान के आपातकालीन वाहन से उन्हें अस्पताल पहुँचाया।
परिवार ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
महात्मा गांधी अस्पताल में जुटे यशस्वी के परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि एक छात्रा बिना किसी रोकटोक के इमारत की छत तक कैसे पहुँच सकती है, और तर्क दिया कि पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात होने चाहिए थे।
परिवार ने नीरजा मोदी स्कूल में हुई पिछली घटना के बाद सरकार द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही की माँग की। हालाँकि, परिवार ने अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार की पृष्ठभूमि और माँ की हालत
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, यशस्वी के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उनकी माता दुर्गा देवी राजस्थान सचिवालय के सांख्यिकी विभाग में कार्यरत हैं और अकेले ही यशस्वी की पढ़ाई का खर्च उठा रही थीं। उनके भाई शुभम वकील हैं। रिश्तेदारों के अनुसार, यह खबर सुनकर दुर्गा देवी का मनोबल टूट गया — उन्हें पहले अस्पताल लाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर घर भेज दिया गया।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान में शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत और परिसर सुरक्षा को लेकर बहस पहले से चल रही है। पुलिस ने कहा है कि घटना के सटीक हालात और कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और जाँच जारी है।