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जयराम ठाकुर का आरोप: सीएम सुक्खू मंत्री पद का सपना दिखाकर विधायकों को अपने खेमे में जोड़ रहे

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जयराम ठाकुर का आरोप: सीएम सुक्खू मंत्री पद का सपना दिखाकर विधायकों को अपने खेमे में जोड़ रहे

सारांश

जयराम ठाकुर का आरोप है कि सीएम सुक्खू विधायकों को मंत्री बनाने के झूठे वादों से अपना गुट मज़बूत कर रहे हैं — और खुद कांग्रेस प्रभारी ने कह दिया कि मंत्रिमंडल विस्तार का प्रस्ताव ही नहीं आया। कार्यकाल के अंतिम पड़ाव में यह विवाद हिमाचल की सत्तारूढ़ पार्टी की भीतरी दरारों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 27 सितंबर 2026 को शिमला में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर मंत्री पद का प्रलोभन देकर खेमेबंदी का आरोप लगाया।
ठाकुर के अनुसार, सुक्खू ने करीब एक वर्ष पहले विधानसभा और जनसभा दोनों में एक विधायक को मंत्री बनाने की घोषणा की थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई।
कांग्रेस की हिमाचल प्रभारी ने मीडिया को बताया कि मंत्रिमंडल विस्तार का कोई प्रस्ताव उनके पास आया ही नहीं है।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुक्खू किसी विधायक को भय दिखाकर और किसी को पद का लालच देकर अपनी सरकार की कुर्सी बचाने की कोशिश में हैं।
हिमाचल में कांग्रेस सरकार दिसंबर 2022 में सत्ता में आई थी और वर्तमान में कार्यकाल के अंतिम चरण में है।

हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने 27 सितंबर 2026 को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि वे विधायकों को मंत्री पद का प्रलोभन देकर अपना राजनीतिक गुट मज़बूत करने में जुटे हैं। ठाकुर के अनुसार, सुक्खू ने सड़क से लेकर विधानसभा तक कई बार विधायकों को मंत्री बनाने का वादा किया, लेकिन जब आलाकमान के सामने बात आई तो वे चुप्पी साध लेते हैं।

मुख्य आरोप: घोषणा और अमल के बीच की खाई

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने करीब एक वर्ष पहले विधानसभा के भीतर और एक जनसभा में एक विधायक को मंत्री बनाने की घोषणा की थी। उनका आरोप है कि वह विधायक विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाकर मुख्यमंत्री की ढाल बनते थे, जिसके बदले में सुक्खू ने उन्हें मंत्री पद देने का वादा किया। ठाकुर ने कहा, 'जहाँ मुख्यमंत्री का प्रवास होता है — चाहे दिल्ली हो, शिमला हो या मंडी — वह विधायक उनके साथ दिखाई देते हैं। उनके चेहरे पर बेचैनी साफ़ देखी जा सकती है।'

कांग्रेस प्रभारी की स्वीकृति से बढ़ा विवाद

ठाकुर ने कहा कि इस मामले में खुद कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश प्रभारी ने मीडिया को बताया है कि मंत्रिमंडल विस्तार का कोई प्रस्ताव उनके पास आया ही नहीं है। विपक्ष के नेता के अनुसार, यह बयान सिद्ध करता है कि मुख्यमंत्री पार्टी की प्रभारी को भी अँधेरे में रखकर विधायकों को लालच दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल पार्टी के भीतर असत्य बयानबाज़ी है, बल्कि विधानसभा की मर्यादा का भी उल्लंघन है।

कार्यकाल समाप्ति की ओर बढ़ते कदम

ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब सरकार के चार वर्ष पूरे होने को हैं, तो मंत्री पद का प्रस्ताव कब तक आएगा? उन्होंने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा कि कार्यकाल समाप्त होने की ओर बढ़ते इस दौर में कोई विधायक मंत्री बनना भी चाहेगा या नहीं — यह भी अपने आप में एक प्रश्न है।

राजनीतिक खेमेबंदी का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू किसी विधायक को भय दिखाकर और किसी को पद का प्रलोभन देकर अपना गुट बनाए हुए हैं, ताकि उनकी कुर्सी सुरक्षित रहे। उनके अनुसार, यह रवैया प्रदेश की जनता, विधानसभा और पार्टी के विधायकों — तीनों के साथ असत्य आचरण है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार दिसंबर 2022 में सत्ता में आई थी, और तब से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें आती रही हैं। यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब सरकार का कार्यकाल अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पर्दे के पीछे शुरू हो चुकी हैं। विपक्ष की इस आक्रामकता को आगामी राजनीतिक जंग की आहट के रूप में भी देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि खुद कांग्रेस प्रभारी ने अनजाने में विपक्ष का काम कर दिया। जब सत्तारूढ़ दल की अपनी पर्यवेक्षक यह कहे कि मंत्रिमंडल विस्तार का प्रस्ताव ही नहीं आया, तो यह केवल प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर संवाद की गहरी खाई को उजागर करता है। हिमाचल में कांग्रेस के लिए असली खतरा विपक्ष से कम, भीतरी असंतोष से ज़्यादा है — और कार्यकाल के आखिरी वर्ष में यह दरार चुनावी नुकसान में बदल सकती है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू पर क्या आरोप लगाए?
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू विधायकों को मंत्री पद का प्रलोभन देकर अपना राजनीतिक गुट मज़बूत कर रहे हैं। उनके अनुसार, सुक्खू ने करीब एक वर्ष पहले विधानसभा और जनसभा में एक विधायक को मंत्री बनाने की घोषणा की थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई।
हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार पर कांग्रेस प्रभारी ने क्या कहा?
कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश प्रभारी ने मीडिया को बताया कि मंत्रिमंडल विस्तार का कोई प्रस्ताव उनके पास आया ही नहीं है। इस बयान को जयराम ठाकुर ने यह साबित करने के लिए उद्धृत किया कि मुख्यमंत्री पार्टी आलाकमान को भी अँधेरे में रखकर विधायकों से वादे कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार का कार्यकाल कब समाप्त होगा?
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार दिसंबर 2022 में सत्ता में आई थी और उसका पाँच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2027 तक है। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि कार्यकाल के अंतिम पड़ाव में मंत्री पद का वादा कब पूरा होगा।
क्या हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में अंदरूनी कलह है?
विपक्ष के आरोपों और कांग्रेस प्रभारी के बयान के बाद यह सवाल उठा है कि सत्तारूढ़ दल के भीतर संवाद की कमी है। कांग्रेस प्रभारी का यह कहना कि मंत्रिमंडल विस्तार का प्रस्ताव नहीं आया, विपक्ष को पार्टी की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाने का अवसर दे रहा है।
जयराम ठाकुर कौन हैं?
जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं। वे 2017 से 2022 तक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के नेता हैं।
राष्ट्र प्रेस
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