21 सितंबर 2026
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नए CM कार्यालय पर विपक्ष के हमले का सुक्खू का जवाब: '15-20 साल बाद विपक्ष का CM भी यहीं बैठेगा'

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नए CM कार्यालय पर विपक्ष के हमले का सुक्खू का जवाब: '15-20 साल बाद विपक्ष का CM भी यहीं बैठेगा'

सारांश

नए CM दफ्तर के उद्घाटन के बाद हिमाचल में सियासत गरम है। सुक्खू का विपक्ष को जवाब — 'यह मेरा घर नहीं, संस्था का दफ्तर है।' साथ में मंत्रिमंडल विस्तार का भी ऐलान जल्द।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 सितंबर 2026 को शिमला में नए CM कार्यालय के उद्घाटन के बाद विपक्ष की आलोचनाओं पर पलटवार किया।
सुक्खू ने कहा — विपक्ष ने ₹1,000 करोड़ की इमारतें बनवाई हैं; नया दफ्तर संस्था का है, किसी एक नेता का नहीं।
नए भवन में 40 गाड़ियों की पार्किंग, विधायकों व आम जनता से मिलने के लिए अलग कक्ष सहित कई सुविधाएँ शामिल हैं।
नए कार्यालय को लेकर जनहित याचिका दायर हुई है; CM ने कहा — याचिका दायर करना नागरिकों का अधिकार है।
सुक्खू ने मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों में फेरबदल जल्द होने के संकेत दिए।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 सितंबर 2026 को शिमला में नए मुख्यमंत्री कार्यालय के उद्घाटन के बाद विपक्ष की फिजूलखर्ची की आलोचनाओं पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यालय उनका निजी आवास नहीं, बल्कि एक संस्थागत भवन है जो भविष्य के सभी मुख्यमंत्रियों के काम आएगा।

मुख्यमंत्री का सीधा जवाब

शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुक्खू ने कहा, 'विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। विपक्ष ने ₹1,000 करोड़ की इमारतें बनवाकर फिजूलखर्ची की है। मैंने तो सिर्फ मुख्यमंत्री का ऑफिस बनवाया है।' उन्होंने जोड़ा, 'अगर 15-20 साल बाद विपक्ष का कोई मुख्यमंत्री सत्ता में आता है, तो वह भी इसी ऑफिस में बैठेगा।'

संस्था की ज़रूरत का तर्क

मुख्यमंत्री ने नए कार्यालय की ज़रूरत को लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'यह मेरा निजी घर नहीं है — यह संस्थान का कार्यालय है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट लोकतंत्र की संस्थाएं हैं, ठीक वैसे ही जैसे न्यायपालिका और कार्यपालिका हैं।' सुक्खू ने यह भी कहा कि पहले अक्सर यह कहा जाता था कि डीसी के कार्यालय मुख्यमंत्री के कार्यालय से भी बेहतर हैं।

पुराने दफ्तर की सीमाएँ और नई सुविधाएँ

सुक्खू ने बताया कि पुराने कार्यालय में पर्याप्त बैठने की जगह तक नहीं थी। एक अधिकारी द्वारा यह बात उठाए जाने के बाद नए भवन के निर्माण की योजना बनाई गई। नए भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ-साथ प्रिंसिपल सेक्रेटरी, एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी और उनके स्टाफ के कार्यालय भी हैं। विधायकों और आम जनता से मिलने के लिए अलग कक्ष, अन्य पदाधिकारियों के कार्यालय, तथा 40 गाड़ियों की पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।

जनहित याचिका और लोकतांत्रिक अधिकार

नए कार्यालय को लेकर दायर जनहित याचिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में याचिका दायर करना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा, 'लोग कोर्ट, अधिकारियों, मंत्रिमंडल के सदस्यों और मुख्यमंत्री के पास जाते हैं — यह उनका अधिकार है।' गौरतलब है कि नए कार्यालय के उद्घाटन के तुरंत बाद न्यायिक चुनौती का सामना करना सरकार के लिए एक नई राजनीतिक पेचीदगी पैदा करता है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर संकेत

मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में पूछे जाने पर सुक्खू ने स्पष्ट कहा कि विस्तार जल्द होगा और इसमें कोई संशय नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विस्तार के साथ ही मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जाएगा। यह संकेत ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर विपक्षी दबाव लगातार बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह असली सवाल से ध्यान भटकाता है — कि वित्तीय संकट से जूझ रहे हिमाचल में नए दफ्तर की प्राथमिकता कितनी जायज़ थी। विपक्ष का ₹1,000 करोड़ की पुरानी इमारतों का हवाला देकर पलटवार करना यह स्वीकार करना है कि दोनों पक्षों ने सार्वजनिक धन पर सवाल उठाने की नैतिक ऊँचाई खो दी है। जनहित याचिका दर्ज होना इस बात का संकेत है कि जनता इस विवाद को महज़ राजनीतिक नहीं मान रही। मंत्रिमंडल विस्तार की घोषणा ठीक इसी मौके पर करना — चाहे अनजाने में हो — मीडिया चक्र को मोड़ने की कोशिश भी लग सकती है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कार्यालय पर विवाद क्यों है?
विपक्ष ने नए CM कार्यालय के निर्माण पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाया है। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह उनका निजी घर नहीं बल्कि एक संस्थागत भवन है जो भविष्य के सभी मुख्यमंत्रियों के काम आएगा।
नए CM कार्यालय में क्या-क्या सुविधाएँ हैं?
नए भवन में मुख्यमंत्री के कार्यालय के अलावा प्रिंसिपल सेक्रेटरी, एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी और स्टाफ के कार्यालय, विधायकों व जनता से मिलने के लिए अलग कक्ष, और 40 गाड़ियों की पार्किंग सुविधा भी शामिल है।
नए CM कार्यालय को लेकर जनहित याचिका क्यों दायर हुई?
नए मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्माण और खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए एक जनहित याचिका दायर की गई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में याचिका दायर करना हर नागरिक का अधिकार है।
सुक्खू ने विपक्ष पर क्या पलटवार किया?
सुक्खू ने कहा कि विपक्ष ने खुद ₹1,000 करोड़ की इमारतें बनवाई हैं। उन्होंने जोड़ा कि 15-20 साल बाद अगर विपक्ष का कोई मुख्यमंत्री सत्ता में आएगा, तो वह भी इसी दफ्तर में बैठेगा — इसलिए यह एक दलगत नहीं, संस्थागत निर्माण है।
हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा?
मुख्यमंत्री सुक्खू ने 21 सितंबर 2026 को संकेत दिया कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा और इसके साथ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जाएगा। हालाँकि उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई।
राष्ट्र प्रेस
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