नए CM कार्यालय पर विपक्ष के हमले का सुक्खू का जवाब: '15-20 साल बाद विपक्ष का CM भी यहीं बैठेगा'
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 सितंबर 2026 को शिमला में नए मुख्यमंत्री कार्यालय के उद्घाटन के बाद विपक्ष की फिजूलखर्ची की आलोचनाओं पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यालय उनका निजी आवास नहीं, बल्कि एक संस्थागत भवन है जो भविष्य के सभी मुख्यमंत्रियों के काम आएगा।
मुख्यमंत्री का सीधा जवाब
शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुक्खू ने कहा, 'विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। विपक्ष ने ₹1,000 करोड़ की इमारतें बनवाकर फिजूलखर्ची की है। मैंने तो सिर्फ मुख्यमंत्री का ऑफिस बनवाया है।' उन्होंने जोड़ा, 'अगर 15-20 साल बाद विपक्ष का कोई मुख्यमंत्री सत्ता में आता है, तो वह भी इसी ऑफिस में बैठेगा।'
संस्था की ज़रूरत का तर्क
मुख्यमंत्री ने नए कार्यालय की ज़रूरत को लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'यह मेरा निजी घर नहीं है — यह संस्थान का कार्यालय है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट लोकतंत्र की संस्थाएं हैं, ठीक वैसे ही जैसे न्यायपालिका और कार्यपालिका हैं।' सुक्खू ने यह भी कहा कि पहले अक्सर यह कहा जाता था कि डीसी के कार्यालय मुख्यमंत्री के कार्यालय से भी बेहतर हैं।
पुराने दफ्तर की सीमाएँ और नई सुविधाएँ
सुक्खू ने बताया कि पुराने कार्यालय में पर्याप्त बैठने की जगह तक नहीं थी। एक अधिकारी द्वारा यह बात उठाए जाने के बाद नए भवन के निर्माण की योजना बनाई गई। नए भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ-साथ प्रिंसिपल सेक्रेटरी, एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी और उनके स्टाफ के कार्यालय भी हैं। विधायकों और आम जनता से मिलने के लिए अलग कक्ष, अन्य पदाधिकारियों के कार्यालय, तथा 40 गाड़ियों की पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।
जनहित याचिका और लोकतांत्रिक अधिकार
नए कार्यालय को लेकर दायर जनहित याचिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में याचिका दायर करना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा, 'लोग कोर्ट, अधिकारियों, मंत्रिमंडल के सदस्यों और मुख्यमंत्री के पास जाते हैं — यह उनका अधिकार है।' गौरतलब है कि नए कार्यालय के उद्घाटन के तुरंत बाद न्यायिक चुनौती का सामना करना सरकार के लिए एक नई राजनीतिक पेचीदगी पैदा करता है।
मंत्रिमंडल विस्तार पर संकेत
मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में पूछे जाने पर सुक्खू ने स्पष्ट कहा कि विस्तार जल्द होगा और इसमें कोई संशय नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विस्तार के साथ ही मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जाएगा। यह संकेत ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर विपक्षी दबाव लगातार बना हुआ है।