26 सितंबर 2026
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हिमाचल कैबिनेट विस्तार पर रजनी पाटिल का बड़ा बयान: सुक्खू ने अभी कोई प्रस्ताव नहीं दिया

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हिमाचल कैबिनेट विस्तार पर रजनी पाटिल का बड़ा बयान: सुक्खू ने अभी कोई प्रस्ताव नहीं दिया

सारांश

हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें अभी थमती नहीं दिखतीं — कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री सुक्खू का कोई प्रस्ताव नहीं आया। साथ ही, चुनाव आयुक्त पर 'देशद्रोही' जैसे गंभीर आरोप और 2027 चुनाव की तैयारी — एक बयान में कई बड़े मुद्दे।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने 26 सितंबर 2026 को कहा — मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कैबिनेट विस्तार का अभी कोई प्रस्ताव नहीं दिया।
दो दिवसीय बैठकों में 90 प्रतिशत जिला अध्यक्षों ने ब्लॉक अध्यक्षों की अनदेखी की शिकायत की।
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी को संगठनात्मक पुनर्गठन पर सार्वजनिक बयान न देने की हिदायत।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप, 'देशद्रोही' कहा और जेल भेजने की माँग।
कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की; परीक्षा पेपर लीक से 70-80 युवाओं की आत्महत्या का दावा किया।

कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार का कोई औपचारिक प्रस्ताव पार्टी के समक्ष नहीं रखा है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्ताव नहीं आता, तब तक इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई संभव नहीं है।

दो दिन की बैठकों के बाद पाटिल का रुख

पाटिल ने दो दिवसीय बैठकों के समापन के बाद यह बयान दिया। उन्होंने बताया कि इन बैठकों में शामिल हुए लगभग 90 प्रतिशत जिला अध्यक्षों ने यह शिकायत की कि ब्लॉक अध्यक्ष उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। पाटिल ने इस अनुशासनहीनता को गंभीर बताते हुए चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नेगी को सार्वजनिक बयानबाज़ी से बचने की हिदायत

पाटिल ने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी को संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के बयान जारी रहे तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हालाँकि, पाटिल ने यह भी स्वीकार किया कि किसी भी राजनीतिक संगठन में कुछ आंतरिक मतभेद स्वाभाविक होते हैं और उन्होंने इसे 'पारिवारिक संबंधों का हिस्सा' बताया।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी और युवा एजेंडा

पाटिल ने बताया कि कांग्रेस ने 2027 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और पार्टी जल्द ही एक नई रणनीति के साथ जनता के सामने आएगी। उन्होंने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को एक बड़ा मुद्दा बताते हुए दावा किया कि इस तरह की घटनाओं के कारण 70 से 80 युवाओं ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के सामने प्रमुखता से उठाएगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की तारीफ करते हुए पाटिल ने हिमाचल में भी इसी तरह की पहल के आयोजन का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्य में लंबित समितियों में नियुक्तियाँ जल्द होंगी।

चुनाव आयोग पर तीखे आरोप

पाटिल ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें 'देशद्रोही' तक कह दिया और माँग की कि उन्हें जेल भेजा जाए। यह बयान राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया का कारण बन सकता है।

सरकार और संगठन में कोई टकराव नहीं: पाटिल

पाटिल ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और पार्टी संगठन के बीच कोई टकराव नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी को साथ लेकर चला जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिमाचल में कांग्रेस की अंदरूनी एकता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले हफ्तों में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक फेरबदल इस बात की परीक्षा लेंगे कि क्या पाटिल की चेतावनियाँ वास्तव में अमल में आती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ सुक्खू की स्वायत्तता को खुली चुनौती न देना। गौरतलब है कि हिमाचल में कांग्रेस सरकार पहले भी विधायकों की बगावत की कगार देख चुकी है, और 2027 चुनावों से पहले संगठनात्मक दरारें बड़ा जोखिम हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर 'देशद्रोही' जैसे आरोप लगाना कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा दिख रहा है, लेकिन इस तरह के बयान पार्टी की विश्वसनीयता के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकते हैं।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट विस्तार अभी क्यों नहीं हो रहा?
कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के अनुसार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अभी तक कैबिनेट विस्तार का कोई औपचारिक प्रस्ताव पार्टी को नहीं सौंपा है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
रजनी पाटिल ने जगत सिंह नेगी को क्यों चेताया?
पाटिल ने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी को संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान पर सार्वजनिक बयान देने से रोका और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। पाटिल का मानना है कि ऐसे बयान पार्टी की एकता को कमज़ोर करते हैं।
पाटिल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर क्या आरोप लगाए?
रजनी पाटिल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, उन्हें 'देशद्रोही' कहा और माँग की कि उन्हें जेल भेजा जाए। यह बयान राजनीतिक रूप से विवादास्पद है और चुनाव आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठाता है।
हिमाचल में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी कांग्रेस ने कैसे शुरू की है?
पाटिल ने बताया कि कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। पार्टी परीक्षा पेपर लीक जैसे युवा मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी और राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रमों को राज्य में दोहराने की योजना है।
हिमाचल में कांग्रेस के भीतर अनुशासन की क्या स्थिति है?
दो दिवसीय बैठकों में लगभग 90 प्रतिशत जिला अध्यक्षों ने ब्लॉक अध्यक्षों की अनदेखी की शिकायत की। पाटिल ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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