हिमाचल कैबिनेट विस्तार पर रजनी पाटिल का बड़ा बयान: सुक्खू ने अभी कोई प्रस्ताव नहीं दिया
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार का कोई औपचारिक प्रस्ताव पार्टी के समक्ष नहीं रखा है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्ताव नहीं आता, तब तक इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई संभव नहीं है।
दो दिन की बैठकों के बाद पाटिल का रुख
पाटिल ने दो दिवसीय बैठकों के समापन के बाद यह बयान दिया। उन्होंने बताया कि इन बैठकों में शामिल हुए लगभग 90 प्रतिशत जिला अध्यक्षों ने यह शिकायत की कि ब्लॉक अध्यक्ष उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। पाटिल ने इस अनुशासनहीनता को गंभीर बताते हुए चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नेगी को सार्वजनिक बयानबाज़ी से बचने की हिदायत
पाटिल ने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी को संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के बयान जारी रहे तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हालाँकि, पाटिल ने यह भी स्वीकार किया कि किसी भी राजनीतिक संगठन में कुछ आंतरिक मतभेद स्वाभाविक होते हैं और उन्होंने इसे 'पारिवारिक संबंधों का हिस्सा' बताया।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी और युवा एजेंडा
पाटिल ने बताया कि कांग्रेस ने 2027 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और पार्टी जल्द ही एक नई रणनीति के साथ जनता के सामने आएगी। उन्होंने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को एक बड़ा मुद्दा बताते हुए दावा किया कि इस तरह की घटनाओं के कारण 70 से 80 युवाओं ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के सामने प्रमुखता से उठाएगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की तारीफ करते हुए पाटिल ने हिमाचल में भी इसी तरह की पहल के आयोजन का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राज्य में लंबित समितियों में नियुक्तियाँ जल्द होंगी।
चुनाव आयोग पर तीखे आरोप
पाटिल ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें 'देशद्रोही' तक कह दिया और माँग की कि उन्हें जेल भेजा जाए। यह बयान राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया का कारण बन सकता है।
सरकार और संगठन में कोई टकराव नहीं: पाटिल
पाटिल ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और पार्टी संगठन के बीच कोई टकराव नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी को साथ लेकर चला जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिमाचल में कांग्रेस की अंदरूनी एकता पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले हफ्तों में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक फेरबदल इस बात की परीक्षा लेंगे कि क्या पाटिल की चेतावनियाँ वास्तव में अमल में आती हैं।