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राष्ट्रगान अपमान विवाद: जयराम ठाकुर का सीएम सुक्खू पर पलटवार, विशेषाधिकार प्रस्ताव और हाईकोर्ट की चेतावनी

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राष्ट्रगान अपमान विवाद: जयराम ठाकुर का सीएम सुक्खू पर पलटवार, विशेषाधिकार प्रस्ताव और हाईकोर्ट की चेतावनी

सारांश

हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रगान अपमान का आरोप अब कानूनी रण में बदल रहा है। जयराम ठाकुर ने वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए सीएम सुक्खू के आरोपों को झूठा करार दिया, विशेषाधिकार प्रस्ताव दाखिल किया और मानहानि मुकदमे की चेतावनी दी — यह विवाद अब विधानसभा से अदालत तक पहुँचने की राह पर है।

मुख्य बातें

जयराम ठाकुर ने 26 अगस्त को शिमला में प्रेसवार्ता कर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया।
ठाकुर ने दावा किया कि उन्होंने वीडियो फुटेज 10 बार देखी और BJP के किसी विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया।
BJP ने विधानसभा स्पीकर को सीएम के विरुद्ध विशेषाधिकार प्रस्ताव सौंपा।
पार्टी ने मामले को मानहानि के नजरिए से परखने और हाईकोर्ट जाने का संकेत दिया।
ठाकुर ने राज्य में केवल कांग्रेस पदाधिकारियों को सरकारी काम देने और मेरिट की अनदेखी का भी आरोप लगाया।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने 26 अगस्त को शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर कड़ा पलटवार किया और दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के किसी भी विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया। उन्होंने सीएम से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार प्रस्ताव सौंपने और मामले को हाईकोर्ट तक ले जाने की घोषणा की।

मुख्य घटनाक्रम

विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पूर्व राष्ट्रगान का गायन हुआ, जिसमें सभी सदस्य सम्मानपूर्वक खड़े रहे। इसके बाद विपक्ष ने सदस्यों से राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने का आग्रह किया। ठाकुर के अनुसार, कांग्रेस के सदस्यों ने राष्ट्रगीत गाने से इनकार किया और बाद में यह प्रचारित किया कि BJP ने राष्ट्रगान का अपमान किया।

ठाकुर ने कहा कि उन्होंने स्वयं विधानसभा अध्यक्ष से वीडियो फुटेज माँगी और उसे 10 बार देखा। उनका दावा है कि फुटेज में विपक्ष के सभी सदस्य राष्ट्रगान के दौरान पूरे सम्मान के साथ खड़े दिखते हैं और किसी ने कोई अमर्यादित आचरण नहीं किया।

सीएम पर सीधा हमला

ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुक्खू को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना होगा और वे कानून से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अधिकारियों को दरकिनार कर केवल कांग्रेस के पदाधिकारियों को सरकारी काम दिया जा रहा है, जिसमें मेरिट की अनदेखी हो रही है।

ठाकुर ने यह भी कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही सरकार से सवाल कर चुका है कि निर्धारित एजेंसियों के चयन का आधार क्या है और जिन्हें अस्वीकार किया गया उनके साथ क्या हुआ।

विशेषाधिकार प्रस्ताव और कानूनी कार्रवाई

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि उन्होंने विधानसभा स्पीकर को सीएम के विरुद्ध विशेषाधिकार प्रस्ताव सौंप दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अध्यक्ष नियमों के अनुरूप कार्रवाई करेंगे।

इसके अतिरिक्त, ठाकुर ने संकेत दिया कि पार्टी इस मामले को मानहानि के कानूनी दृष्टिकोण से भी परखेगी और यदि आवश्यक हुआ तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

BJP का रुख: सजा देने को तैयार, लेकिन सबूत चाहिए

ठाकुर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा है कि यदि BJP के किसी सदस्य ने राष्ट्रगान का अपमान किया हो तो वे स्वयं उस सदस्य के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। इसके लिए उन्होंने वीडियो फुटेज या सदन की रिकॉर्डिंग माँगी, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई क्लिपिंग उपलब्ध नहीं कराई गई।

उन्होंने कहा, 'अगर इस तरह के आरोप लग रहे हैं तो हमारे लिए यह चिंता का विषय है।' उनके अनुसार, कांग्रेस ने बिना साक्ष्य के हर जिले में BJP के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया।

आगे क्या होगा

विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दाखिल विशेषाधिकार प्रस्ताव पर निर्णय अपेक्षित है। BJP ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह मानहानि के पहलू की कानूनी जाँच करेगी और हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। यह विवाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को और गहरा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हिमाचल में यह विवाद दर्शाता है कि सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों इसे जनभावना भड़काने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। ठाकुर का वीडियो फुटेज का आग्रह तर्कसंगत है — यदि सदन की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक नहीं की जाती, तो यह पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है। विशेषाधिकार प्रस्ताव और मानहानि की धमकी राजनीतिक दबाव की रणनीति भी हो सकती है, पर असली जवाबदेही तब तय होगी जब विधानसभा अध्यक्ष फुटेज सार्वजनिक करें।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रगान विवाद क्या है?
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत में राष्ट्रगान गायन के बाद विपक्ष ने वंदे मातरम गाने का आग्रह किया। कांग्रेस के सदस्यों ने इनकार किया और बाद में आरोप लगाया कि BJP विधायकों ने राष्ट्रगान का अपमान किया, जिसे BJP ने सिरे से नकार दिया है।
जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू से माफी क्यों माँगी है?
ठाकुर का कहना है कि सीएम सुक्खू ने BJP विधायकों पर राष्ट्रगान अपमान के झूठे आरोप लगाए और कांग्रेस ने हर जिले में विरोध प्रदर्शन किए। वीडियो फुटेज में कोई अपमान नहीं दिखने के बाद उन्होंने सीएम से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
BJP ने विधानसभा अध्यक्ष को क्या दिया है?
BJP ने मुख्यमंत्री सुक्खू के विरुद्ध विधानसभा स्पीकर को विशेषाधिकार प्रस्ताव सौंपा है। पार्टी को उम्मीद है कि अध्यक्ष नियमों के अनुसार इस पर कार्रवाई करेंगे।
क्या BJP हाईकोर्ट जाएगी?
जयराम ठाकुर ने संकेत दिया है कि पार्टी इस मामले को मानहानि के कानूनी नजरिए से भी परखेगी और यदि आवश्यक हुआ तो हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी। अभी तक कोई औपचारिक याचिका दाखिल नहीं हुई है।
ठाकुर ने सरकारी एजेंसियों पर क्या आरोप लगाए?
ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार मेरिट की अनदेखी कर केवल कांग्रेस पदाधिकारियों को सरकारी काम दे रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही सरकार से एजेंसियों के चयन का आधार पूछ चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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