जयशंकर की बहरीन के राजा हमद से मुलाकात, भारत-बहरीन सहयोग और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 6 जुलाई 2026 को मनामा में बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा और क्राउन प्रिंस तथा प्रधानमंत्री सलमान बिन हमद अल खलीफा से महत्त्वपूर्ण बैठक की। इन वार्ताओं में भारत-बहरीन द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने और बहरीन में भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा व कल्याण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
राजा हमद और क्राउन प्रिंस से मुलाकात
जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा से मुलाकात करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं। साथ ही क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री सलमान बिन हमद अल खलीफा से भी मुलाकात करने का अवसर मिला। भारत-बहरीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बहरीन के राजा के लगातार मार्गदर्शन की हम दिल से सराहना करते हैं। बहरीन में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए भी उनका धन्यवाद किया।' उन्होंने बताया कि इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रेषित की गईं।
बहरीनी समकक्ष से द्विपक्षीय वार्ता
बहरीन के राजा से मुलाकात से पहले जयशंकर ने अपने बहरीनी समकक्ष डॉ. अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से भी बैठक की। इस वार्ता में दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने तथा क्षेत्र में चल रहे मौजूदा हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'आज मनामा में बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से मिलकर खुशी हुई। भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की और क्षेत्र में चल रहे हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'
छह देशों के दौरे का दूसरा पड़ाव
गौरतलब है कि बहरीन यात्रा जयशंकर के छह देशों के दौरे का दूसरा पड़ाव है। इससे पहले वे कतर की यात्रा पूरी करके मनामा पहुँचे, जहाँ उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की और कतर में बसे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। बहरीन के बाद वे कुवैत, ओमान, अमेरिका और ब्रुसेल्स की यात्रा करेंगे।
खाड़ी में भारत की कूटनीतिक सक्रियता
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक हलचल तेज़ है और भारत अपने प्रवासी समुदाय — जो इस क्षेत्र में लाखों की संख्या में है — के हितों की रक्षा के लिए राजनयिक संपर्क बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रहा है। बहरीन में भारतीय मूल के नागरिकों की बड़ी आबादी है, जिससे यह द्विपक्षीय रिश्ता आर्थिक और मानवीय — दोनों दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। आगामी यात्राओं में अमेरिका और ब्रुसेल्स के दौरे भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता को और रेखांकित करते हैं।