8 जुलाई 2026
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जमशेदपुर हत्याकांड: ₹2 लाख के इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल ने कोर्ट में किया सरेंडर

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जमशेदपुर हत्याकांड: ₹2 लाख के इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल ने कोर्ट में किया सरेंडर

सारांश

करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड में ₹2 लाख का इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा 8 जुलाई को जमशेदपुर कोर्ट में सरेंडर हो गया। 27 जून की रात बिष्टूपुर के डबल डाउन बार के बाहर हुई इस हत्या में अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

मुख्य बातें

विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने 8 जुलाई को जमशेदपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया; उस पर ₹2 लाख का इनाम घोषित था।
करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या 27 जून की रात बिष्टूपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर धारदार हथियारों से की गई थी।
अब तक इस मामले में 9 आरोपी गिरफ्तार और एक नाबालिग हिरासत में लिया गया।
बार मालिक नीरज सिंह को राजस्थान के खाटूश्यामजी से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाया गया।
घटना के बाद राज्य सरकार ने तत्कालीन SSP समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

जमशेदपुर में करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बहुचर्चित मामले में ₹2 लाख के इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार, 8 जुलाई को जमशेदपुर न्यायालय में स्वयं आत्मसमर्पण कर दिया। हत्या की घटना के बाद से फरार चल रहे विश्वनाथ पर पुलिस का लगातार बढ़ता कानूनी दबाव अंततः उन्हें कोर्ट तक ले आया।

मुख्य आरोपी का आत्मसमर्पण

विश्वनाथ मंडल को इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर पुलिस की कई टीमें झारखंड समेत अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस ने उस पर ₹2 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। बढ़ते दबाव के बीच उसने अंततः न्यायालय की शरण ली।

अब तक की गिरफ्तारियाँ और बरामदगी

इससे पहले पुलिस इस मामले में कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चापड़, कुल्हाड़ी, भुजाली और चाकू जैसे धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। इससे पहले डबल डाउन बार के मालिक नीरज सिंह को राजस्थान के खाटूश्यामजी क्षेत्र से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाया गया था।

घटनाक्रम: कैसे हुई हिमांशु सिंह की हत्या

27 जून की रात बिष्टूपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि महिलाओं से कथित छेड़खानी का विरोध करने के बाद विवाद बढ़ा और यह घटना हुई।

पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई

इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठे। राज्य सरकार ने तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। जाँच एजेंसियाँ घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जाँच जारी रखे हुए हैं।

आगे क्या होगा

विश्वनाथ मंडल के आत्मसमर्पण के बाद न्यायालय में उसकी पेशी और पुलिस रिमांड की प्रक्रिया अपेक्षित है। जाँच एजेंसियाँ अब उससे पूछताछ कर हत्याकांड की पूरी साजिश की परतें खोलने की कोशिश करेंगी। इस मामले में अभी भी कुछ पहलू जाँच के दायरे में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कानूनी दबाव का नतीजा है — यह फर्क महत्वपूर्ण है। हत्याकांड के बाद SSP-स्तर तक कार्रवाई यह दर्शाती है कि राज्य सरकार ने जनदबाव को भाँपा, लेकिन असली सवाल यह है कि 27 जून की रात बार के बाहर इतने बड़े हमले को रोका क्यों नहीं जा सका। जब तक साजिश की पूरी कड़ी — वित्त पोषण, हथियार आपूर्ति और संगठित गिरोह का नेटवर्क — उजागर नहीं होती, तब तक केवल गिरफ्तारियाँ न्याय की गारंटी नहीं हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्वनाथ मंडल कौन है और उसने सरेंडर क्यों किया?
विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा जमशेदपुर में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। पुलिस के लगातार छापों और ₹2 लाख के इनाम से बढ़ते दबाव के बीच उसने 8 जुलाई को जमशेदपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।
हिमांशु सिंह की हत्या कब और कहाँ हुई?
करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या 27 जून की रात जमशेदपुर के बिष्टूपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर धारदार हथियारों से हमला कर की गई थी। प्रारंभिक जाँच में महिलाओं से कथित छेड़खानी का विरोध करने के बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
विश्वनाथ मंडल के सरेंडर से पहले पुलिस 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया था। बार मालिक नीरज सिंह को राजस्थान के खाटूश्यामजी से पकड़ा गया और ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाया गया।
घटना के बाद पुलिस पर क्या कार्रवाई हुई?
हत्याकांड के बाद कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद झारखंड राज्य सरकार ने तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
मामले में क्या हथियार बरामद हुए हैं?
पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चापड़, कुल्हाड़ी, भुजाली और चाकू जैसे धारदार हथियार बरामद किए हैं। जाँच एजेंसियाँ घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जाँच जारी रखे हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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