जमशेदपुर हत्याकांड: ₹2 लाख के इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल ने कोर्ट में किया सरेंडर
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर में करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बहुचर्चित मामले में ₹2 लाख के इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार, 8 जुलाई को जमशेदपुर न्यायालय में स्वयं आत्मसमर्पण कर दिया। हत्या की घटना के बाद से फरार चल रहे विश्वनाथ पर पुलिस का लगातार बढ़ता कानूनी दबाव अंततः उन्हें कोर्ट तक ले आया।
मुख्य आरोपी का आत्मसमर्पण
विश्वनाथ मंडल को इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर पुलिस की कई टीमें झारखंड समेत अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस ने उस पर ₹2 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। बढ़ते दबाव के बीच उसने अंततः न्यायालय की शरण ली।
अब तक की गिरफ्तारियाँ और बरामदगी
इससे पहले पुलिस इस मामले में कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चापड़, कुल्हाड़ी, भुजाली और चाकू जैसे धारदार हथियार बरामद किए गए हैं। इससे पहले डबल डाउन बार के मालिक नीरज सिंह को राजस्थान के खाटूश्यामजी क्षेत्र से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाया गया था।
घटनाक्रम: कैसे हुई हिमांशु सिंह की हत्या
27 जून की रात बिष्टूपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि महिलाओं से कथित छेड़खानी का विरोध करने के बाद विवाद बढ़ा और यह घटना हुई।
पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई
इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठे। राज्य सरकार ने तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। जाँच एजेंसियाँ घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जाँच जारी रखे हुए हैं।
आगे क्या होगा
विश्वनाथ मंडल के आत्मसमर्पण के बाद न्यायालय में उसकी पेशी और पुलिस रिमांड की प्रक्रिया अपेक्षित है। जाँच एजेंसियाँ अब उससे पूछताछ कर हत्याकांड की पूरी साजिश की परतें खोलने की कोशिश करेंगी। इस मामले में अभी भी कुछ पहलू जाँच के दायरे में हैं।