आजाद बिंद हत्याकांड: ₹1 लाख इनामी रवि यादव एनकाउंटर में ढेर, परिवार बोला — बाकी आरोपियों पर भी हो सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
जौनपुर में दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी और ₹1 लाख के इनाम वाला रवि यादव कथित तौर पर पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। 25 मई 2025 को यह खबर सामने आने के बाद मृतक के परिवार ने प्रतिक्रिया दी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। परिवार ने माँग की है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों पर समान कार्रवाई हो।
परिवार को मीडिया से मिली सूचना
आजाद बिंद की बहन सौम्या बिंद और माँ चांद तारा ने कहा कि एनकाउंटर की जानकारी उन्हें मीडिया के ज़रिए मिली — प्रशासन ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं बताया। सौम्या बिंद ने कहा, 'कंफर्म होने के बाद ही कुछ कह सकते हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि उनके भाई की हत्या में शामिल कई मुख्य लोग अभी भी बाहर हैं और कथित तौर पर उन्हें 'सत्ता का संरक्षण' मिला हुआ है।
परिवार की मुख्य माँग
सौम्या बिंद ने स्पष्ट किया कि एक आरोपी जेल गया है, लेकिन परिवार को आशंका है कि वह बाहर आ सकता है। परिवार ने माँग की है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। चांद तारा ने कहा, 'सभी आरोपियों के साथ ऐसा ही होना चाहिए — जब तक यह नहीं होता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।'
डीजीपी और अखिलेश यादव से मुलाकात
परिवार ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। सौम्या बिंद के अनुसार, अखिलेश यादव ने परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया और कहा कि इस मुद्दे को लोकसभा और विधानसभा में उठाया जाएगा। डीजीपी ने परिवार को आश्वस्त किया था कि 'आरोपी बच नहीं पाएंगे।' परिवार का कहना है कि उसी आश्वासन के बाद उन्हें कुछ हिम्मत मिली थी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात की इच्छा
सौम्या बिंद ने यह भी कहा कि परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात करना चाहता है। उन्होंने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए भी मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया जाएगा। गौरतलब है कि यह मामला जौनपुर जिले में दूल्हे की हत्या से जुड़ा है, जिसने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक बहस छेड़ी है।
आगे क्या होगा
एनकाउंटर की आधिकारिक पुष्टि अभी पुलिस की ओर से बाकी है। परिवार का रुख साफ है — जब तक सभी नामज़द आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे न्याय की माँग जारी रखेंगे। इस मामले में राजनीतिक दबाव और पुलिस कार्रवाई का संयोग आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।