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जनकपुरी में 29वीं रामलीला की शुरुआत: भूमिपूजन में मंत्री आशीष सूद व जगदीश मुखी शामिल

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जनकपुरी में 29वीं रामलीला की शुरुआत: भूमिपूजन में मंत्री आशीष सूद व जगदीश मुखी शामिल

सारांश

जनकपुरी में 29वीं वार्षिक रामलीला की शुरुआत भूमिपूजन के साथ हुई। मंत्री आशीष सूद, पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी और स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती जैसी हस्तियों की उपस्थिति ने इस तीन दशक पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को और गरिमा दी।

मुख्य बातें

जनकपुरी के दशहरा ग्राउंड में 29वीं वार्षिक रामलीला का भूमिपूजन 20 सितंबर 2026 को संपन्न हुआ।
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद , असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी , स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती और पूर्व मेयर नरेंद्र चावला कार्यक्रम में शामिल रहे।
आयोजन स्थल पर 10 हज़ार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जाती है, जो प्रत्येक वर्ष पूरी भरती है।
श्री रामलीला कमेटी जनकपुरी पिछले 29 वर्षों से इस परंपरा का निर्बाध आयोजन करती आ रही है।
स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती ने रामलीला को विश्व बंधुत्व और मानवता के निर्माण का माध्यम बताया।

नई दिल्ली के जनकपुरी स्थित दशहरा ग्राउंड में श्री रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित होने वाली 29वीं वार्षिक रामलीला की तैयारियाँ 20 सितंबर 2026 को औपचारिक रूप से शुरू हो गईं। इस अवसर पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद, असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी, स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती और दिल्ली के पूर्व मेयर नरेंद्र चावला समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन

भूमिपूजन कार्यक्रम धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती ने उपस्थित जनसमूह को आशीर्वाद दिया। गौरतलब है कि जनकपुरी की रामलीला कमेटी पिछले करीब तीन दशकों से इस परंपरा को निरंतर बनाए हुए है और इस आयोजन ने स्थानीय समुदाय में एक विशेष स्थान अर्जित किया है।

मंत्री आशीष सूद की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री आशीष सूद ने कहा, 'आज दिल्ली में रामलीला के लिए भूमिपूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनकपुरी में बहुत पुरानी रामलीला कमेटी है। स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती जी इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं और उन्होंने सभी को आशीर्वाद दिया है।' उन्होंने आगे कहा, 'एक अच्छे उत्सव की तैयारी चल रही है। प्रभु राम देश समेत पूरी दिल्ली और जनकपुरी के लोगों को खुश रखें।'

स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती का संदेश

स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती ने इस अवसर पर कहा, 'राम और कृष्ण की भूमि है। उनके चरित्र से जनमानस में मानवता का निर्माण हो। विश्व बंधुत्व का निर्माण हो। सद्भाव की संस्कृति का उद्भाषाण हो।' उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम के चरित्र को रामलीला के माध्यम से दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर प्रस्तुत किया जाता है, और श्री रामलीला कमेटी जनकपुरी को उनकी शुभकामनाएँ हैं।

पूर्व मेयर नरेंद्र चावला का बयान

दिल्ली के पूर्व मेयर नरेंद्र चावला ने बताया कि पिछले 29 वर्षों से जनकपुरी में रामलीला का निरंतर आयोजन होता आ रहा है। उन्होंने कहा, 'इस साल भी इसे और अच्छे से संपन्न कराने के लिए भूमिपूजन किया गया है। इसमें हमारे तमाम अतिथि, सलाहकार, मंत्री, विधायक समेत आसपास के क्षेत्र के तमाम लोग शामिल हुए हैं।' चावला ने बताया कि आयोजन स्थल पर 10 हज़ार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जाती है, जो हर वर्ष पूरी तरह भरी रहती है।

आगे क्या होगा

भूमिपूजन के साथ ही मंच निर्माण और सज्जा की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। दशहरे के आसपास होने वाले इस आयोजन में जनकपुरी और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के आने की उम्मीद है। समिति का लक्ष्य इस बार के आयोजन को पिछले वर्षों से भी भव्य बनाने का है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिमी दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुकी है — यही कारण है कि तीन दशकों में राजनीतिक रंग बदलते रहने के बावजूद इसमें सत्तापक्ष के प्रतिनिधि नियमित रूप से शिरकत करते हैं। मंत्री और पूर्व राज्यपाल की उपस्थिति इस आयोजन की सामाजिक पहुँच को रेखांकित करती है। हालाँकि, असल परीक्षा आयोजन की गुणवत्ता और जनभागीदारी से होगी, न कि मंच पर बैठे चेहरों से।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनकपुरी रामलीला 2026 का भूमिपूजन कब और कहाँ हुआ?
भूमिपूजन कार्यक्रम 20 सितंबर 2026 को जनकपुरी के दशहरा ग्राउंड में आयोजित किया गया। यह 29वीं वार्षिक रामलीला की आधिकारिक शुरुआत थी।
भूमिपूजन में कौन-कौन से प्रमुख लोग शामिल हुए?
कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद, असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी, स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती और दिल्ली के पूर्व मेयर नरेंद्र चावला समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
जनकपुरी रामलीला में कितने दर्शकों की व्यवस्था होती है?
पूर्व मेयर नरेंद्र चावला के अनुसार आयोजन स्थल पर 10 हज़ार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की जाती है, जो हर वर्ष पूरी तरह भरी रहती है।
जनकपुरी में रामलीला का आयोजन कितने वर्षों से हो रहा है?
श्री रामलीला कमेटी जनकपुरी पिछले 29 वर्षों से निरंतर रामलीला का मंचन करती आ रही है। इस वर्ष यह 29वाँ संस्करण है।
स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती ने रामलीला के बारे में क्या कहा?
स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान राम के चरित्र से जनमानस में मानवता और विश्व बंधुत्व का निर्माण होता है। उन्होंने रामलीला कमेटी को शुभकामनाएँ दीं और उपस्थित जनसमूह को आशीर्वाद प्रदान किया।
राष्ट्र प्रेस
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