7 वर्षीय इशांक सिंह ने पाल्क स्ट्रेट पार कर रचा विश्व रिकॉर्ड, सीएम हेमंत सोरेन ने ₹5 लाख देकर किया सम्मानित

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7 वर्षीय इशांक सिंह ने पाल्क स्ट्रेट पार कर रचा विश्व रिकॉर्ड, सीएम हेमंत सोरेन ने ₹5 लाख देकर किया सम्मानित

सारांश

सात साल की उम्र, 29 किलोमीटर का समुद्र और 9 घंटे 50 मिनट की अटूट जिजीविषा — रांची के इशांक सिंह ने पाल्क स्ट्रेट पार कर वह कर दिखाया जो अनुभवी तैराकों को भी चुनौती देता है। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने ₹5 लाख देकर इस नन्हे चैंपियन को सम्मानित किया।

मुख्य बातें

इशांक सिंह (उम्र 7 वर्ष , रांची) ने 30 अप्रैल को 29 किमी लंबे पाल्क स्ट्रेट को 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
सीएम हेमंत सोरेन ने 7 मई को इशांक को ₹5 लाख का चेक, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इशांक के माता-पिता और कोच को भी समारोह में सम्मानित किया गया।
सरकार ने खेल विभाग को तैराकी प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
समारोह में खेल मंत्री सुदिव्य कुमार , मुख्य सचिव अविनाश कुमार और झारखंड तैराकी संघ के शैलेंद्र तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रांची के 7 वर्षीय बाल तैराक इशांक सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को भारत और श्रीलंका के बीच स्थित चुनौतीपूर्ण पाल्क स्ट्रेट को 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर पार करते हुए विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 7 मई को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित विशेष समारोह में इशांक को ₹5 लाख का चेक, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

क्या है इशांक की ऐतिहासिक उपलब्धि

इशांक सिंह ने 29 किलोमीटर लंबे पाल्क स्ट्रेट जलडमरूमध्य को लगातार 9 घंटे 50 मिनट तक तैरकर पार किया — यह उपलब्धि किसी भी सात वर्षीय बच्चे के लिए अभूतपूर्व मानी जा रही है। इस उपलब्धि के बाद से इशांक को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से प्रशंसा मिल रही है। गौरतलब है कि पाल्क स्ट्रेट अपनी तेज़ धाराओं और कठिन समुद्री परिस्थितियों के कारण अनुभवी तैराकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

सम्मान समारोह में क्या हुआ

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समारोह में इशांक के साथ-साथ उनके माता-पिता और कोच को भी सम्मानित किया। सोरेन ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना एक बड़े सवाल को भी सामने लाती है — क्या झारखंड जैसे राज्य में खेल प्रतिभाओं को सिर्फ चमत्कारी व्यक्तिगत उपलब्धियों के बाद ही पहचाना जाता है? सम्मान समारोह और ₹5 लाख का चेक स्वागतयोग्य है, परंतु राज्य में तैराकी अवसंरचना की स्थिति पर सवाल बने हुए हैं — अगर सुविधाएँ पहले से होतीं, तो शायद और भी इशांक उभर चुके होते। खेल विभाग को दी गई कार्ययोजना की निर्देश-सूची पर अमल ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इशांक सिंह ने पाल्क स्ट्रेट कब और कितने समय में पार किया?
इशांक सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को पाल्क स्ट्रेट को लगातार 9 घंटे 50 मिनट में तैरकर पार किया। यह 29 किलोमीटर लंबा समुद्री जलडमरूमध्य भारत और श्रीलंका के बीच स्थित है।
इशांक सिंह को झारखंड सरकार ने क्या पुरस्कार दिया?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 7 मई को इशांक सिंह को ₹5 लाख का चेक, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उनके माता-पिता और कोच को भी इसी समारोह में सम्मानित किया गया।
पाल्क स्ट्रेट क्या है और यह इतना कठिन क्यों है?
पाल्क स्ट्रेट भारत और श्रीलंका के बीच स्थित 29 किलोमीटर लंबा समुद्री जलडमरूमध्य है। इसकी तेज़ धाराएँ और कठिन समुद्री परिस्थितियाँ इसे अनुभवी तैराकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।
झारखंड सरकार ने तैराकी प्रशिक्षण के लिए क्या घोषणा की?
सीएम हेमंत सोरेन ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में तैराकी प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। सरकार का लक्ष्य भविष्य में और प्रतिभाशाली तैराक तैयार करना है।
सम्मान समारोह में कौन-कौन उपस्थित थे?
समारोह में खेल मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, खेल सचिव मुकेश कुमार, खेल निदेशक आसिफ इकराम और झारखंड तैराकी संघ के शैलेंद्र तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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