29 जुलाई 2026
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झारखंड भर्ती परीक्षा घोटाले पर BJP सांसदों का संसद भवन के बाहर प्रदर्शन, CBI जांच की मांग

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झारखंड भर्ती परीक्षा घोटाले पर BJP सांसदों का संसद भवन के बाहर प्रदर्शन, CBI जांच की मांग

सारांश

झारखंड में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं पर BJP सांसदों ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। छह वर्षों की सभी परीक्षाओं की CBI जांच, उत्पाद सिपाही भर्ती में 19 कथित मौतों पर ₹1 करोड़ मुआवजे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की माँग — यह मामला अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है।

मुख्य बातें

BJP सांसदों ने 29 जुलाई को संसद भवन के मकर द्वार के सामने झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया।
माँग: पिछले छह वर्षों की सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच ।
आदित्य साहू ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान 19 अभ्यर्थियों की मौत का आरोप लगाया और परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजे की माँग की।
JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं पर कथित गड़बड़ियों के आरोप; निशिकांत दुबे ने कहा — अब तक केवल CID जांच हुई।
BJP ने राहुल गांधी , मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी से झारखंड आकर स्थिति स्पष्ट करने की माँग की।
प्रदर्शन में केंद्रीय राज्यमंत्री संजय सेठ सहित कई वरिष्ठ BJP नेता शामिल।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झारखंड सांसदों ने बुधवार, 29 जुलाई को संसद भवन के मकर द्वार के सामने प्रदर्शन कर झारखंड में पिछले छह वर्षों के दौरान आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की माँग की। यह प्रदर्शन राज्य में कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोपों के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद एवं झारखंड BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, सांसद निशिकांत दुबे, बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, कालीचरण सिंह, ढुल्लू महतो और मनीष जायसवाल सहित कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में सरकार-विरोधी तख्तियाँ थीं, जिनमें भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।

BJP के आरोप और माँगें

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC)-CGL समेत कई परीक्षाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार निष्पक्ष जांच कराने के बजाय मामलों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी दिल्ली में युवाओं के मुद्दे उठाती है, लेकिन झारखंड में भर्ती अनियमितताओं पर चुप्पी साधे हुए है।

साहू ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान कथित तौर पर 19 अभ्यर्थियों की मौत का मुद्दा भी उठाया और माँग की कि राज्य सरकार प्रत्येक मृतक अभ्यर्थी के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दे।

कांग्रेस नेतृत्व को चुनौती

BJP सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से झारखंड आकर छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की माँग की। साहू ने यहाँ तक कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में युवाओं के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की माँग करनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री और अन्य सांसदों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि JPSC और JSSC जैसी परीक्षाओं में लगातार विवाद सामने आए हैं और जिस परीक्षा एजेंसी पर पहले सवाल उठ चुके थे, उसे दोबारा परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने दावा किया कि इससे सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में अविश्वास पैदा हो रहा है।

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि अब तक केवल CID जांच हुई है और मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने JPSC की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की माँग करते हुए कहा कि JMM पूरे मामले को दबाना चाहती है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र संगठन पहले से ही आंदोलनरत हैं। BJP के इस केंद्रीय प्रदर्शन से मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश स्पष्ट है। राज्य सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। CBI जांच की माँग के आगे बढ़ने के लिए केंद्र सरकार या न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP सांसद झारखंड भर्ती परीक्षाओं में CBI जांच की माँग क्यों कर रहे हैं?
BJP का आरोप है कि झारखंड में पिछले छह वर्षों में आयोजित JPSC और JSSC जैसी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताएँ हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच के लिए CBI की आवश्यकता है। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार CID जांच के जरिये मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में 19 अभ्यर्थियों की मौत का मामला क्या है?
BJP सांसद आदित्य साहू ने आरोप लगाया है कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर 19 अभ्यर्थियों की मौत हुई। उन्होंने राज्य सरकार से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की माँग की है। राज्य सरकार की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है।
इस प्रदर्शन में कौन-कौन से BJP नेता शामिल थे?
प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद एवं झारखंड BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, सांसद निशिकांत दुबे, बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, कालीचरण सिंह, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल और केंद्रीय राज्यमंत्री संजय सेठ सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
BJP ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप क्यों लगाया?
BJP सांसद आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाती है, लेकिन झारखंड में जहाँ वह सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है, वहाँ भर्ती अनियमितताओं और पेपर लीक पर चुप्पी साधे हुए है। BJP ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी को झारखंड आकर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती दी।
JPSC और JSSC विवाद क्या है और इसका युवाओं पर क्या असर है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC)-CGL की परीक्षाओं पर कथित धाँधली के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री संजय सेठ के अनुसार, विवादित परीक्षा एजेंसी को दोबारा परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दिए जाने से युवाओं में सरकारी भर्ती प्रक्रिया के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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