झारखंड भर्ती परीक्षा घोटाले पर BJP का मशाल जुलूस, CBI जांच और CM सोरेन के इस्तीफे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 31 जुलाई को झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ दिया। शुक्रवार शाम पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रांची, जमशेदपुर समेत राज्य के दर्जनों शहरों और जिलों में मशाल जुलूस निकाला, जिसमें छात्रों एवं युवाओं के साथ न्याय की माँग की गई।
मुख्य घटनाक्रम
मशाल जुलूस के दौरान BJP कार्यकर्ताओं ने कथित भर्ती घोटालों के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। पार्टी ने 1 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में युवा मोर्चा के नेतृत्व में व्यापक प्रदर्शन का ऐलान भी किया है। इससे पहले 29 जुलाई को झारखंड के BJP सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया, जबकि 31 जुलाई को मौन आंदोलन आयोजित किया गया।
BJP की प्रमुख माँगें
प्रदेश BJP महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने शुक्रवार अपराह्न प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं से कहा कि पार्टी छात्रों और युवाओं की न्याय की लड़ाई में पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने तीन प्रमुख माँगें रखीं — विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए, पिछले छह वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराई जाए, और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को जेल भेजा जाए।
बाउरी ने यह भी माँग की कि कांग्रेस झारखंड सरकार से तत्काल समर्थन वापस ले और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नैतिक आधार पर इस्तीफा दें। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की एजेंसियाँ वास्तविक दोषियों को बचाने के लिए 'कवर फायर' देने वाली संस्था बनकर रह गई हैं।
जांच एजेंसियों पर सवाल
बाउरी ने सीआईडी और एसीबी की जांच को 'आईवॉश' करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार हर मामले की जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को JPSC कार्यालय का घेराव किए जाने के बाद CID जांच शुरू हुई, जिसके बाद छापेमारी, गिरफ्तारियाँ हुईं और आयोग के अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया। हालाँकि BJP का कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
कौन-सी परीक्षाएँ विवादों में
बाउरी के अनुसार 14वीं JPSC परीक्षा, JSSC CGL, उत्पाद सिपाही और जूनियर इंजीनियर समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर युवाओं में आक्रोश बढ़ रहा है। गौरतलब है कि NEET विवाद के बाद भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या होगा
बाउरी ने स्पष्ट किया कि BJP का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। पार्टी ने इस मुद्दे को 'सड़क से संसद तक' उठाने का संकल्प लिया है।