1 अगस्त 2026
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झारखंड भर्ती परीक्षा घोटाले पर BJP का मशाल जुलूस, CBI जांच और CM सोरेन के इस्तीफे की मांग

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झारखंड भर्ती परीक्षा घोटाले पर BJP का मशाल जुलूस, CBI जांच और CM सोरेन के इस्तीफे की मांग

सारांश

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित गड़बड़ियों पर BJP सड़क पर उतरी — रांची से जमशेदपुर तक मशाल जुलूस, JPSC-JSSC समेत कई परीक्षाओं की CBI जांच और CM हेमंत सोरेन के इस्तीफे की माँग। 1 अगस्त को सभी जिलों में युवा मोर्चा का प्रदर्शन तय।

मुख्य बातें

BJP ने 31 जुलाई को रांची, जमशेदपुर समेत झारखंड के कई शहरों में मशाल जुलूस निकाला।
पार्टी ने 1 अगस्त को सभी जिलों में युवा मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन का ऐलान किया।
प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने पिछले 6 वर्षों की सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की माँग की।
विवादित परीक्षाओं में 14वीं JPSC , JSSC CGL , उत्पाद सिपाही और जूनियर इंजीनियर परीक्षाएँ शामिल।
22 जुलाई को JPSC घेराव के बाद आयोग अध्यक्ष का इस्तीफा हुआ, पर BJP CID जांच को अपर्याप्त मानती है।
BJP ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफे और कांग्रेस से समर्थन वापसी की माँग की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 31 जुलाई को झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ दिया। शुक्रवार शाम पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रांची, जमशेदपुर समेत राज्य के दर्जनों शहरों और जिलों में मशाल जुलूस निकाला, जिसमें छात्रों एवं युवाओं के साथ न्याय की माँग की गई।

मुख्य घटनाक्रम

मशाल जुलूस के दौरान BJP कार्यकर्ताओं ने कथित भर्ती घोटालों के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। पार्टी ने 1 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में युवा मोर्चा के नेतृत्व में व्यापक प्रदर्शन का ऐलान भी किया है। इससे पहले 29 जुलाई को झारखंड के BJP सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया, जबकि 31 जुलाई को मौन आंदोलन आयोजित किया गया।

BJP की प्रमुख माँगें

प्रदेश BJP महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने शुक्रवार अपराह्न प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं से कहा कि पार्टी छात्रों और युवाओं की न्याय की लड़ाई में पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने तीन प्रमुख माँगें रखीं — विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए, पिछले छह वर्षों में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराई जाए, और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को जेल भेजा जाए।

बाउरी ने यह भी माँग की कि कांग्रेस झारखंड सरकार से तत्काल समर्थन वापस ले और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नैतिक आधार पर इस्तीफा दें। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की एजेंसियाँ वास्तविक दोषियों को बचाने के लिए 'कवर फायर' देने वाली संस्था बनकर रह गई हैं।

जांच एजेंसियों पर सवाल

बाउरी ने सीआईडी और एसीबी की जांच को 'आईवॉश' करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार हर मामले की जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को JPSC कार्यालय का घेराव किए जाने के बाद CID जांच शुरू हुई, जिसके बाद छापेमारी, गिरफ्तारियाँ हुईं और आयोग के अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया। हालाँकि BJP का कहना है कि यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।

कौन-सी परीक्षाएँ विवादों में

बाउरी के अनुसार 14वीं JPSC परीक्षा, JSSC CGL, उत्पाद सिपाही और जूनियर इंजीनियर समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर युवाओं में आक्रोश बढ़ रहा है। गौरतलब है कि NEET विवाद के बाद भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं।

आगे क्या होगा

बाउरी ने स्पष्ट किया कि BJP का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। पार्टी ने इस मुद्दे को 'सड़क से संसद तक' उठाने का संकल्प लिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता दाँव पर लगी है। BJP की CBI जांच की माँग राजनीतिक दृष्टि से स्वाभाविक है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि केंद्रीय एजेंसियों की जांच कितनी स्वतंत्र और त्वरित होगी। JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा और CID जांच प्रशासनिक प्रतिक्रिया तो है, पर बिना फास्ट ट्रैक परिणाम के यह युवाओं के आक्रोश को शांत करने में नाकाफी साबित हो सकती है। असली कसौटी यह है कि राज्य सरकार जांच को तार्किक अंजाम तक पहुँचाती है या नहीं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद क्या है?
झारखंड में 14वीं JPSC, JSSC CGL, उत्पाद सिपाही और जूनियर इंजीनियर समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। BJP के अनुसार पिछले छह वर्षों में हुई इन परीक्षाओं में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच नहीं हुई है।
BJP ने झारखंड में क्या माँगें रखी हैं?
BJP ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — विवादित परीक्षाएँ रद्द की जाएँ, पिछले छह वर्षों की सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच हो, और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को जेल भेजा जाए। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफे की भी माँग है।
JPSC विवाद में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
22 जुलाई को BJP द्वारा JPSC कार्यालय घेराव के बाद CID जांच शुरू हुई, जिसके बाद छापेमारी और गिरफ्तारियाँ हुईं और आयोग के अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया। हालाँकि BJP इस कार्रवाई को अपर्याप्त मानती है और CBI जांच की माँग पर अड़ी है।
BJP का आंदोलन आगे कैसे बढ़ेगा?
पार्टी ने 1 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में युवा मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती।
इस विवाद से झारखंड के युवाओं पर क्या असर पड़ रहा है?
कथित गड़बड़ियों के कारण लाखों युवा अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। BJP नेताओं के अनुसार इन घटनाओं से युवाओं में आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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