झारखंड: कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक का निधन, सजा के चार दिन बाद रांची में ली अंतिम सांस
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पूर्व मंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का मंगलवार, 14 जुलाई को रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके जाने से धनबाद और झारखंड के राजनीतिक गलियारों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।
राजनीतिक सफर
मन्नान मल्लिक झारखंड कांग्रेस के स्तंभों में गिने जाते थे। 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने धनबाद सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली पहली गठबंधन सरकार में उन्हें मंत्री पद से नवाज़ा गया। वह लंबे अरसे तक धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे और पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
मटकुरिया गोलीकांड में सजा
उनके निधन से महज चार दिन पहले धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था। करीब 15 वर्ष पुराने इस मामले में मन्नान मल्लिक सहित 30 आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, सजा की अवधि तीन वर्ष होने के कारण कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें जमानत भी मिल गई थी।
नेताओं की श्रद्धांजलि
धनबाद के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक राज सिन्हा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मन्नान मल्लिक एक अनुभवी जननेता और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उन्होंने कहा, 'वैचारिक मतभेद लोकतंत्र की स्वाभाविक विशेषता है, किंतु समाज और जनहित के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आत्मीयता सदैव प्रेरणा देती रहेगी।' विभिन्न दलों के नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब धनबाद में कांग्रेस का संगठन पहले से ही चुनौतियों से जूझ रहा है। मल्लिक के निधन से जिले में पार्टी नेतृत्व की रिक्तता और गहरी होगी। उनके राजनीतिक उत्तराधिकार और धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी की अगली दिशा पर अब नज़रें टिकी हैं।