झारखंड में ओलावृष्टि के बाद अलर्ट: मंत्री इरफान अंसारी ने सभी उपायुक्तों से तीन दिन में माँगी फसल नुकसान की रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में हालिया ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनज़र राज्य सरकार ने आपातकालीन सतर्कता की स्थिति अपना ली है। आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी उपायुक्तों को राहत एवं बचाव कार्यों में तत्काल सक्रियता बरतने का निर्देश दिया है और प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर सरकार को सौंपने को कहा है। यह निर्देश 14 मई को रांची में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जारी किया गया।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गुरुवार को विभागीय सचिव विप्रा भाल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में मौसम की ताज़ा स्थिति, ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों की समग्र समीक्षा की गई। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून-पूर्व मौसमी उथल-पुथल ने झारखंड के कई जिलों में फसलों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।
उपायुक्तों को निर्देश
बैठक के बाद जारी आधिकारिक निर्देश में मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि ओलावृष्टि, तेज बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए। किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा में सरकार को भेजना अनिवार्य किया गया है।
किसानों को राहत का आश्वासन
मंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसलें ओलावृष्टि या खराब मौसम की वजह से बर्बाद हुई हैं, उन्हें नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन को तेज़ी से कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि झारखंड में मानसून-पूर्व ओलावृष्टि से हर वर्ष बड़ी संख्या में किसान प्रभावित होते हैं और राहत वितरण में देरी एक पुरानी शिकायत रही है।
आपदा प्रबंधन तैयारियाँ
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव दल पूरी तरह सक्रिय रहें और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नज़र रखी जाए। आम नागरिकों को मौसम संबंधी चेतावनियों के प्रति जागरूक करने और आवश्यक एहतियात बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तत्काल उपलब्ध कराए जाएँगे।
ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू
सरकार के निर्देश के बाद कई जिलों में जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। फसल क्षति का आकलन शुरू हो चुका है और प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार को मिलने वाली जिलेवार रिपोर्टों के आधार पर राहत राशि के वितरण की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।