रामगढ़ NH-33 जमीन मुआवजा घोटाला: ACB ने दो पूर्व सरकारी कर्मियों को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 1 अक्टूबर 2026 को रामगढ़ जिले में NH-33 के चौड़ीकरण हेतु अधिग्रहीत भूमि के मुआवजा घोटाले में दो पूर्व सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। यह मामला करीब आठ साल पुराना है और एसीबी थाना कांड संख्या 13/18 से संबंधित है, जिसमें प्राथमिकी 18 सितंबर 2018 को दर्ज की गई थी।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं। पहले आरोपी बालेश्वर प्रसाद (69 वर्ष), घटना के समय रामगढ़ जिले के मांडू अंचल में अमीन के पद पर कार्यरत थे। वह हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेरू के निवासी हैं।
दूसरे आरोपी प्रवीण कुमार सिन्हा (63 वर्ष), उस दौरान जिला भू-अर्जन कार्यालय, रामगढ़ में प्रधान सहायक के पद पर तैनात थे। वह हजारीबाग के रामनगर के निवासी हैं।
मुख्य घटनाक्रम और आरोप
ACB के अनुसार, यह मामला रामगढ़ जिले के मांडू अंचल के जोंडाकर्म मौजा की भूमि से जुड़ा है। खाता संख्या 126 और प्लॉट संख्या 2677 की कुल 1.92 एकड़ जमीन NH-33 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई थी। कथित तौर पर इस भूमि के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए गंभीर अनियमितताएं बरतीं।
आरोपियों पर सरकारी राशि से जुड़े लेन-देन में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। प्राथमिकी में तत्कालीन सहायक, प्रधान सहायक, अमीन, कानूनगो सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
किन धाराओं के तहत दर्ज है मामला
इस प्रकरण में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी और 406 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। ये धाराएं आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित हैं।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले झारखंड में एक संवेदनशील मुद्दा रहे हैं, जहाँ राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण होते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दे रही है। आठ साल बाद हुई यह गिरफ्तारी यह भी दर्शाती है कि ACB पुराने लंबित मामलों में भी सक्रियता से जाँच जारी रखे हुए है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ACB द्वारा मामले में अन्य नामित आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।