सिमडेगा हत्याकांड: जेबा परवीन को गोली मारने वाला इंस्टाग्राम दोस्त आदर्श कुमार तेलंगाना से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के सिमडेगा जिले में 24 वर्षीय जेबा परवीन की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आदर्श कुमार को तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। यह गिरफ्तारी सिमडेगा पुलिस की उस विशेष जांच टीम (SIT) की कार्रवाई का नतीजा है, जो कई राज्यों में छानबीन के बाद आरोपी तक पहुँची।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
16 मई की सुबह कोलेबिरा थाना क्षेत्र के नवाटोली गाँव में आरोपी ने कथित तौर पर जेबा परवीन के घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल युवती को पहले कोलेबिरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) रेफर किया गया। हालाँकि, रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ संबंध, विवाह प्रस्ताव ठुकराने पर हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आदर्श कुमार, जो बिहार के वैशाली जिले का निवासी है, की पहचान जेबा परवीन से घटना से करीब एक महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के ज़रिए हुई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच बातचीत के बाद आरोपी ने विवाह का प्रस्ताव रखा, जिसे परिजनों ने अस्वीकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि इसी एकतरफा लगाव के चलते आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
SIT जांच और गिरफ्तारी
इस हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए सिमडेगा पुलिस ने तत्काल विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। तकनीकी साक्ष्यों और कई राज्यों में की गई सघन छानबीन के आधार पर आरोपी का सुराग मिला और उसे तेलंगाना से दबोचा गया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था और अंतरराज्यीय नेटवर्क के ज़रिए उसे ट्रेस किया गया।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आदर्श कुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरामद हथियार और कारतूस फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। यह मामला सोशल मीडिया के ज़रिए बनने वाले अपरिचित संबंधों और उनसे उपजने वाले खतरों को एक बार फिर रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा
सिमडेगा पुलिस मामले में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। जांच अधिकारियों के अनुसार, मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है। इस घटना ने झारखंड में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और महिला सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।