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जे.जे. अस्पताल विस्तार: मिलिंद देवड़ा ने एकनाथ शिंदे से माँगी 11 एकड़ जमीन, कैंसर और रिसर्च सेंटर का प्रस्ताव

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जे.जे. अस्पताल विस्तार: मिलिंद देवड़ा ने एकनाथ शिंदे से माँगी 11 एकड़ जमीन, कैंसर और रिसर्च सेंटर का प्रस्ताव

सारांश

शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर जे.जे. अस्पताल के विस्तार के लिए रिचर्डसन एंड क्रूडास की 11 एकड़ सरकारी जमीन हस्तांतरित करने की माँग की है। इस जमीन पर कैंसर अस्पताल, बोन मैरो सेंटर और रिसर्च सुविधाएँ विकसित करने का प्रस्ताव है।

मुख्य बातें

शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने 10 जून को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र सौंपा।
रिचर्डसन एंड क्रूडास के कब्जे वाली 11 एकड़ सरकारी जमीन जे.जे.
अस्पताल को हस्तांतरित करने का अनुरोध।
प्रस्तावित सुविधाओं में पैलिएटिव कैंसर अस्पताल , बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर , रिसर्च केंद्र और मेडिकल हॉस्टल शामिल।
अस्पताल परिसर में जल्द ही सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होने वाला है।
इस पहल से महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आने वाले हजारों मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद।

शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने बुधवार, 10 जून को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक औपचारिक पत्र सौंपकर मुंबई स्थित सर जे.जे. ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और ग्रांट मेडिकल कॉलेज के विस्तार हेतु रिचर्डसन एंड क्रूडास के कब्जे वाली करीब 11 एकड़ सरकारी जमीन अस्पताल को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया। यह पहल जे.जे. अस्पताल के डीन के उस प्रस्ताव के आधार पर की गई है, जिसमें बढ़ती स्वास्थ्य सेवा और शैक्षणिक जरूरतों के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता बताई गई है।

मुख्य घटनाक्रम

राज्यसभा की अधीनस्थ विधान संबंधी समिति के अध्यक्ष देवड़ा ने शिंदे से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए कहा कि इस जमीन के हस्तांतरण से कैंसर उपचार, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से उन हजारों मरीजों का उल्लेख किया जो महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए मुंबई आते हैं।

गौरतलब है कि जे.जे. अस्पताल महाराष्ट्र के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन हजारों मरीज उपचार के लिए पहुँचते हैं। अस्पताल परिसर में जल्द ही एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होने वाला है, जिसके मद्देनजर भूमि की माँग और अधिक प्रासंगिक हो गई है।

प्रस्तावित परियोजनाएँ

देवड़ा के पत्र के अनुसार, यदि रिचर्डसन एंड क्रूडास की 11 एकड़ भूमि अस्पताल को सौंपी जाती है, तो वहाँ कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ विकसित की जा सकती हैं। इनमें पैलिएटिव कैंसर अस्पताल, बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर, अत्याधुनिक रिसर्च और प्रशिक्षण केंद्र, मेडिकल छात्रों के लिए हॉस्टल, अस्पताल कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएँ तथा मरीजों के परिजनों के लिए ठहरने की व्यवस्था शामिल है।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब देश के सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का बोझ लगातार बढ़ रहा है और मेडिकल शिक्षा के विस्तार की माँग तेज हो रही है।

आम जनता पर असर

यदि यह भूमि हस्तांतरण संभव होता है, तो इसका सीधा लाभ महाराष्ट्र के उन लाखों मरीजों को मिलेगा जो कैंसर, हड्डी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जे.जे. अस्पताल पर निर्भर हैं। बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर और पैलिएटिव कैंसर अस्पताल जैसी सुविधाएँ अभी मुंबई में सरकारी क्षेत्र में सीमित हैं, जिससे मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।

देवड़ा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि यह कदम न केवल मुंबई, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के स्वास्थ्य ढाँचे को सुदृढ़ करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

क्या होगा आगे

देवड़ा ने उपमुख्यमंत्री शिंदे से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया है। अब यह देखना होगा कि महाराष्ट्र सरकार रिचर्डसन एंड क्रूडास की भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया को कितनी तेज़ी से आगे बढ़ाती है और सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाओं के विकास की समयसीमा क्या होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि रिचर्डसन एंड क्रूडास जैसी औद्योगिक संस्था के कब्जे वाली सरकारी जमीन का हस्तांतरण कितना सरल होगा — इसमें कानूनी और प्रशासनिक पेचीदगियाँ हो सकती हैं। मुंबई में सरकारी जमीन के पुनर्आवंटन के पुराने मामले अक्सर वर्षों तक लंबित रहे हैं। देवड़ा की यह पहल राजनीतिक रूप से सराहनीय है, पर इसे ज़मीन पर उतारने के लिए महाराष्ट्र सरकार की ठोस प्रशासनिक इच्छाशक्ति और स्पष्ट समयसीमा की जरूरत होगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिलिंद देवड़ा ने जे.जे. अस्पताल के लिए कितनी जमीन माँगी है और क्यों?
देवड़ा ने रिचर्डसन एंड क्रूडास के कब्जे वाली करीब 11 एकड़ सरकारी जमीन जे.जे. अस्पताल को हस्तांतरित करने की माँग की है। यह माँग अस्पताल के डीन के उस प्रस्ताव पर आधारित है जिसमें कैंसर उपचार, मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की जरूरत बताई गई है।
इस जमीन पर कौन-सी नई सुविधाएँ बनाने का प्रस्ताव है?
प्रस्ताव के अनुसार इस जमीन पर पैलिएटिव कैंसर अस्पताल, बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर, रिसर्च और प्रशिक्षण केंद्र, मेडिकल छात्रों के लिए हॉस्टल, कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएँ और मरीजों के परिजनों के लिए ठहरने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
जे.जे. अस्पताल विस्तार से किन मरीजों को फायदा होगा?
इस विस्तार का सीधा लाभ महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए मुंबई आने वाले हजारों मरीजों को मिलेगा। विशेष रूप से कैंसर और गंभीर रक्त रोगों से पीड़ित वे मरीज लाभान्वित होंगे जिन्हें अभी सरकारी क्षेत्र में सीमित विकल्पों के कारण निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है।
रिचर्डसन एंड क्रूडास की जमीन जे.जे. अस्पताल को क्यों दी जानी चाहिए?
रिचर्डसन एंड क्रूडास की यह जमीन सरकारी स्वामित्व की है और जे.जे. अस्पताल परिसर के निकट स्थित है। अस्पताल में सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं की बढ़ती माँग और मेडिकल शिक्षा के विस्तार को देखते हुए इस जमीन का स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपयोग तार्किक और जनहित में माना जा रहा है।
इस प्रस्ताव पर आगे क्या होगा?
मिलिंद देवड़ा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग देने का आग्रह किया है। अब महाराष्ट्र सरकार को भूमि हस्तांतरण की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया शुरू करनी होगी, जिसकी समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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