बांग्लादेश में कश्मीरी MBBS छात्र अदनान राथर की मौत, जेकेएसए ने जयशंकर से शव जल्द वापस लाने की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने 4 नवंबर 2026 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर बांग्लादेश के कुमिला में मृत पाए गए कश्मीरी एमबीबीएस छात्र अदनान अल्ताफ राथर के पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत वापस लाने की माँग की है। बारामूला जिले के सोपोर निवासी इस युवा छात्र की मृत्यु की परिस्थितियाँ अभी तक आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हो पाई हैं और बांग्लादेशी अधिकारी जाँच में जुटे हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
अदनान अल्ताफ राथर, जो बांग्लादेश के कुमिला स्थित ईस्टर्न मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे, 2 नवंबर की देर रात 11:36 बजे भारतीय खाना परोसने वाले एक रेस्तरां में जाने के लिए कॉलेज परिसर से निकले थे। उसके बाद से वे लापता हो गए। जब उनका कोई अता-पता नहीं चला, तो बुरिचंग पुलिस स्टेशन में एक 'जनरल डायरी' दर्ज कराई गई और स्थानीय प्रशासन ने तलाशी अभियान शुरू किया।
दो दिन की गहन खोजबीन के बाद 4 नवंबर की सुबह अदनान का पार्थिव शरीर कॉलेज से महज 500 गज दूर कुमिला के बुरिचंग उपजिला में ढाका-चटगांव राजमार्ग के समीप स्थित एक जलाशय से बरामद हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए कुमिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। मृत्यु का कारण और परिस्थितियाँ अभी भी जाँच के दायरे में हैं।
जेकेएसए की माँगें
एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि अदनान की माँ निहत इस वक्त बांग्लादेश में हैं और परिवार तथा परिचितों से दूर गहरे सदमे में हैं। एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय, ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग और संबंधित बांग्लादेशी अधिकारियों से आग्रह किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, क्लीयरेंस, एम्बामिंग सर्टिफिकेट तथा शव परिवहन की अनुमति जैसी सभी ज़रूरी औपचारिकताएँ जल्द से जल्द पूरी की जाएँ।
संगठन ने यह भी माँग की है कि शोकाकुल माँ को तत्काल लॉजिस्टिक, प्रशासनिक और मानवीय सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, भारतीय उच्चायोग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए जो परिवार से सीधे संपर्क में रहे और पार्थिव शरीर को सुरक्षित रूप से स्वदेश लाने की प्रक्रिया में समन्वय करे।
परिवार की स्थिति और मानवीय पहलू
खुएहामी ने विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर से विशेष रूप से अपील की है कि इस मामले को सर्वोच्च मानवीय प्राथमिकता दी जाए। उनके अनुसार, परिवार को अपने बेटे को जम्मू-कश्मीर वापस लाकर सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का अधिकार है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वह शोकसंतप्त परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।
आगे क्या होगा
बांग्लादेशी अधिकारी कथित तौर पर मौत की परिस्थितियों की जाँच कर रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ व्यक्त होती रही हैं। एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय से शीघ्र प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई है और मंत्रालय के विदेशों में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के प्रयासों की सराहना भी की है।