जॉन ब्रिटास का राहुल गांधी पर कड़ा आरोप, पिनाराई विजयन की गिरफ्तारी का एजेंडा उजागर
सारांश
Key Takeaways
- जॉन ब्रिटास ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए।
- राहुल गांधी का केरल में एक ही एजेंडा है: मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी।
- सोशल मीडिया पर राहुल का एक वीडियो चर्चा में है।
- जॉन ब्रिटास ने राजनीतिक पाखंड की ओर इशारा किया।
- यह विवाद भाजपा-कांग्रेस के बीच गहरे मतभेदों का प्रतीक है।
तिरुवनंतपुरम, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सीपीआई (एम) के सांसद जॉन ब्रिटास ने लोकसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि जब भी राहुल केरल आते हैं, तो उनका एक ही एजेंडा होता है, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की गिरफ्तारी की मांग करना।
जॉन ब्रिटास ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वे कह रहे हैं कि केंद्रीय जांच एजेंसियां विपक्षी दलों के खिलाफ तो कार्रवाई करती हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
जॉन ब्रिटास ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि इंडिया गठबंधन के नेता राहुल गांधी का जब भी केरल दौरा होता है, उनकी प्राथमिकता केवल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की गिरफ्तारी की मांग करना होती है।
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी यह नहीं बताते कि मुख्यमंत्री के खिलाफ ईडी या सीबीआई को कार्रवाई की आवश्यकता क्यों है। इसके बावजूद, वे बार-बार पिनाराई विजयन की गिरफ्तारी की मांग करते हैं और पुराने, बेबुनियाद आरोपों को दोहराते हैं, जो अक्सर भाजपा द्वारा वामपंथियों पर लगाए जाते हैं।
जॉन ब्रिटास ने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी खुद कहते हैं कि नेशनल हेराल्ड केस में उनसे ईडी ने कई घंटों तक पूछताछ की, तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? क्या इसके पीछे भाजपा के साथ कोई गुप्त सांठगांठ है? उन्होंने यह भी पूछा कि राहुल गांधी के जीजा से जुड़े मामलों का क्या हुआ, जिनसे संबंधित कंपनियों ने भाजपा को चुनावी बॉन्ड के जरिए बड़ा चंदा दिया था।
जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि सभी जानते हैं कि कांग्रेस और भाजपा ने मिलकर दिल्ली के कथित एक्साइज घोटाले को खड़ा किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम आदमी पार्टी को कमजोर करना और भाजपा की जीत सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अंत में कहा कि अब देखना होगा कि क्या राहुल गांधी के पास भाजपा के खिलाफ लड़ाई की कोई नैतिक ताकत बची है, जब कांग्रेस के कई नेता भाजपा को लाभ पहुँचाते नजर आते हैं? यह राजनीतिक पाखंड का एक उदाहरण है, जिसका जवाब केरल देगा।