बाबा रामदेव ने कंगना रनौत को भेजी मिठाई और तोहफे, रक्षाबंधन पर विवाद खत्म करने की पहल
सारांश
मुख्य बातें
योग गुरु बाबा रामदेव ने 28 अगस्त को भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के साथ चल रही कड़वाहट को समाप्त करने की दिशा में पहल करते हुए उन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर मिठाइयाँ और उपहार डाक से भेजे। हरिद्वार में मीडिया से बातचीत में रामदेव ने कहा कि देश में किसी भी कारण से नफरत और बैर की भावना नहीं होनी चाहिए।
रामदेव की सुलह की पहल
बाबा रामदेव ने मीडिया के सामने एक लिफाफे में कुछ रुपए डालते हुए कहा, 'बहन कंगना रनौत को हम कुछ उपहार और मिठाइयाँ भेज रहे हैं, जिससे रिश्ते में मिठास बनी रहे।' उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे कंगना को फोन करके रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ देंगे। रामदेव ने कहा, 'विवाद को संवाद से खत्म करें — यही रक्षाबंधन का संदेश है।'
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने 'जेन-जी' प्रदर्शनकारियों को 'गटर जेनरेशन' और 'गटरछाप' जैसे शब्दों से संबोधित किया था। एक टीवी कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि युवा पीढ़ी को इस तरह संबोधित करना 'बिगड़े हुए दिमाग की निशानी' है। रामदेव ने कंगना के अतीत, बचपन और जवानी पर भी सवाल उठाए थे।
कंगना का पलटवार
बाबा रामदेव के बयान पर कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामदेव उनकी जवानी या बेडरूम के बारे में 'दिन में सपने देखना' बंद करें। कंगना ने यह भी कहा कि उन पर कभी 'फर्जी मेडिकल दावों या कानूनी फजीहत' का दाग नहीं लगा। इसके बाद रामदेव ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे 'ऐसे ओछे लोगों' पर टिप्पणी कर इस विवाद को और तूल नहीं देना चाहते।
सुलह का संदेश
अब 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर रामदेव ने सार्वजनिक रूप से सुलह की पहल करते हुए कहा, 'बहुत से ऐसे प्रवाह होते हैं जिससे हमने कुछ बोला, लेकिन सब शिकवे भुलाकर हम एक-दूसरे के साथ प्रेम से आगे बढ़ें।' यह कदम उनके इस विवाद को सार्वजनिक मंच से आगे न बढ़ाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।