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कांजूरमार्ग-बदलापुर मेट्रो-14 को मंजूरी: ₹18,000 करोड़ की परियोजना से लाखों यात्रियों को राहत

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कांजूरमार्ग-बदलापुर मेट्रो-14 को मंजूरी: ₹18,000 करोड़ की परियोजना से लाखों यात्रियों को राहत

सारांश

₹18,000 करोड़ की कांजूरमार्ग-बदलापुर मेट्रो-14 परियोजना को मंजूरी मिल गई है। 43.69 किमी लंबे इस कॉरिडोर में ठाणे खाड़ी के नीचे भूमिगत सुरंग और चिखलोली में इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब शामिल होगा — बदलापुर, कल्याण और डोंबिवली के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत।

मुख्य बातें

कांजूरमार्ग-बदलापुर मेट्रो-14 परियोजना को सरकारी मंजूरी मिली; लागत लगभग ₹18,000 करोड़ ।
कुल 43.69 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर; ठाणे खाड़ी के नीचे भूमिगत सुरंग से होकर गुजरेगा।
चिखलोली में आधुनिक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब बनेगा — मेट्रो, लोकल रेलवे और सड़क परिवहन एक साथ।
निर्माण दो चरणों में: पहले शीळफाटा-बदलापुर एलिवेटेड, फिर शीळफाटा-कांजूरमार्ग ।
श्रीकांत शिंदे की लगातार पैरवी को मंजूरी में अहम भूमिका माना जा रहा है।
बदलापुर, अंबरनाथ, कल्याण और डोंबिवली के लाखों यात्रियों को मुंबई-ठाणे तक आवागमन में राहत मिलेगी।

कांजूरमार्ग-बदलापुर मेट्रो-14 परियोजना को आखिरकार सरकारी मंजूरी मिल गई है — ₹18,000 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 43.69 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो मुंबई के कांजूरमार्ग को बदलापुर से जोड़ेगा। इस मंजूरी से बदलापुर, अंबरनाथ, कल्याण और डोंबिवली के लाखों यात्रियों को मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई तक तेज़ और सुगम परिवहन सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

मेट्रो-14 की सबसे उल्लेखनीय तकनीकी विशेषता यह है कि यह ठाणे खाड़ी के नीचे भूमिगत सुरंग से होकर गुजरेगी — जो इस क्षेत्र की पहली ऐसी परियोजना होगी। इसके अलावा चिखलोली में एक आधुनिक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाएगा, जहाँ मेट्रो, लोकल रेलवे और सड़क परिवहन को एक ही छत के नीचे जोड़ा जाएगा। प्रमुख स्टेशनों में कांजूरमार्ग, घणसोली, महापे, शीळफाटा, निळजे और बदलापुर शामिल हैं।

दो चरणों में होगा निर्माण

परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में शीळफाटा से बदलापुर तक एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में शीळफाटा से कांजूरमार्ग तक का मार्ग विकसित किया जाएगा। यह चरणबद्ध दृष्टिकोण परियोजना को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से लागू करने में सहायक होगा।

सांसद श्रीकांत शिंदे की भूमिका

इस परियोजना को मंजूरी दिलाने में कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की लगातार पैरवी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों के स्तर पर निरंतर प्रयास किए। मंजूरी मिलने के बाद शिंदे ने इसे कल्याण लोकसभा क्षेत्र और आसपास के शहरों के विकास के लिए 'ऐतिहासिक कदम' बताया।

आम जनता पर असर

मेट्रो-14 के चालू होने से मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई तक पहुँचने में लगने वाला समय उल्लेखनीय रूप से घटेगा और सड़कों पर ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल परिवहन व्यवस्था को नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और शहरी विकास को भी नई गति देगी — रियल एस्टेट से लेकर स्थानीय रोज़गार तक हर क्षेत्र पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई महानगर क्षेत्र अपने मेट्रो नेटवर्क के तेज़ विस्तार की दिशा में काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — मुंबई में कई मेट्रो परियोजनाएँ वर्षों तक भूमि अधिग्रहण और वित्त पोषण की अड़चनों में फँसी रही हैं। ठाणे खाड़ी के नीचे भूमिगत सुरंग तकनीकी रूप से जटिल और महंगी है, जो लागत-वृद्धि का जोखिम बढ़ाती है। चिखलोली इंटीग्रेटेड हब की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि विभिन्न परिवहन एजेंसियाँ आपस में कितने प्रभावी ढंग से समन्वय करती हैं — जो ऐतिहासिक रूप से मुंबई की कमज़ोर कड़ी रही है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांजूरमार्ग-बदलापुर मेट्रो-14 परियोजना क्या है?
यह मुंबई महानगर क्षेत्र की एक प्रमुख मेट्रो परियोजना है, जिसमें कांजूरमार्ग से बदलापुर तक 43.69 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत ₹18,000 करोड़ है और इसे हाल ही में सरकारी मंजूरी मिली है।
मेट्रो-14 का निर्माण कितने चरणों में होगा?
परियोजना दो चरणों में बनेगी। पहले चरण में शीळफाटा से बदलापुर तक एलिवेटेड कॉरिडोर और दूसरे चरण में शीळफाटा से कांजूरमार्ग तक का मार्ग विकसित किया जाएगा।
मेट्रो-14 से किन यात्रियों को सबसे ज़्यादा फायदा होगा?
बदलापुर, अंबरनाथ, कल्याण और डोंबिवली के लाखों दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई तक पहुँचने का समय घटेगा और सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा।
चिखलोली इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब क्या होगा?
चिखलोली में एक आधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब बनाया जाएगा जहाँ मेट्रो, लोकल रेलवे और सड़क परिवहन को एक ही स्थान पर जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को परिवहन बदलने में आसानी होगी और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
सांसद श्रीकांत शिंदे की इस परियोजना में क्या भूमिका रही?
कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों के स्तर पर लगातार पैरवी की, जिसे परियोजना को मंजूरी दिलाने में अहम माना जा रहा है। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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