22 जुलाई 2026
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कांवड़ यात्रा 2026: एडीजी पद्मजा चौहान ने गाजियाबाद में फायर सेफ्टी तैयारियों की समीक्षा की, 12 जनपदों को कड़े निर्देश

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कांवड़ यात्रा 2026: एडीजी पद्मजा चौहान ने गाजियाबाद में फायर सेफ्टी तैयारियों की समीक्षा की, 12 जनपदों को कड़े निर्देश

सारांश

कांवड़ यात्रा 2026 से पहले उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग ने कमर कस ली है। एडीजी पद्मजा चौहान ने गाजियाबाद में 12 जनपदों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शिविरों और हाईराइज इमारतों में फायर ऑडिट के कड़े निर्देश दिए। नया वाटर बाउजर और जिम भी विभाग को समर्पित किया गया।

मुख्य बातें

एडीजी पद्मजा चौहान ने 22 जुलाई 2026 को गाजियाबाद के फायर स्टेशन वैशाली में कांवड़ यात्रा 2026 की अग्नि सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत सहित 12 जनपदों के मुख्य अग्निशमन अधिकारी शामिल हुए।
कांवड़ शिविरों में गैस सिलेंडर सुरक्षा, विद्युत उपकरण संचालन और आपातकालीन सावधानियों के पालन के कड़े निर्देश जारी किए गए।
गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर की सभी हाईराइज इमारतों में नियमित फायर ऑडिट अनिवार्य किया गया; मानक न पूरे करने वाले भवनों पर कार्रवाई के निर्देश।
कविनगर स्वदेशी कंपाउंड इंडस्ट्री द्वारा प्रदत्त वाटर बाउजर और नई व्यायामशाला (जिम) का फायर स्टेशन वैशाली में लोकार्पण किया गया।

उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग की अपर पुलिस महानिदेशक पद्मजा चौहान ने 22 जुलाई 2026 को गाजियाबाद स्थित फायर स्टेशन वैशाली पहुँचकर कांवड़ यात्रा 2026 की अग्नि सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, बदायूं और अमरोहा — कुल 12 जनपदों के मुख्य अग्निशमन अधिकारी उपस्थित रहे। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए विभाग ने यात्रा मार्गों पर व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।

बैठक में क्या हुआ

एडीजी पद्मजा चौहान ने सभी जनपदों के अधिकारियों से कांवड़ यात्रा मार्गों पर की जा रही अग्नि सुरक्षा तैयारियों का ब्यौरा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान स्थापित होने वाले कांवड़ शिविरों में अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। शिविर संचालकों और आयोजकों को आग से बचाव, गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग, विद्युत उपकरणों के संचालन और आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।

अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि संवेदनशील स्थानों पर फायर ब्रिगेड की टीमें पूरी तरह सतर्क रहें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए। सभी जिलों में आपसी समन्वय के ज़रिए त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मज़बूत करने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया।

बहुमंजिला इमारतों पर विशेष ध्यान

बैठक में गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जनपदों में स्थित बहुमंजिला इमारतों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। एडीजी चौहान ने निर्देश दिए कि सभी हाईराइज भवनों में नियमित फायर ऑडिट कराया जाए और जहाँ भी अग्निशमन सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाए, वहाँ तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही होटल, गेस्ट हाउस, कोचिंग सेंटर तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी लगातार फायर ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिन भवनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप अग्निशमन सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त कराने पर ज़ोर दिया गया।

नए संसाधनों का लोकार्पण

इस अवसर पर फायर स्टेशन वैशाली में अग्निशमन कर्मियों की शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्मित व्यायामशाला (जिम) का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा कविनगर स्वदेशी कंपाउंड इंडस्ट्री द्वारा अग्निशमन विभाग को प्रदान किए गए एक वाटर बाउजर को भी एडीजी चौहान ने हरी झंडी दिखाकर विभाग को समर्पित किया। इस आधुनिक संसाधन के शामिल होने से आग लगने की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण पाने में सहायता मिलेगी।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पश्चिमोत्तर जनपदों से लाखों श्रद्धालु गुज़रते हैं, जिससे शिविरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अग्नि सुरक्षा की चुनौती कई गुना बढ़ जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में हाल के महीनों में शिविरों और अस्थायी ढाँचों में आग की घटनाएँ सामने आई हैं। विभाग का कहना है कि व्यापक तैयारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूरी तरह सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

आगे क्या होगा

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी 12 जनपदों में यात्रा शुरू होने से पहले संवेदनशील स्थानों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया जाएगा। फायर ऑडिट अभियान और शिविर संचालकों को जागरूक करने का कार्य निरंतर जारी रहेगा, ताकि कांवड़ यात्रा 2026 सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी क्रियान्वयन की होती है। गौरतलब है कि अस्थायी शिविरों में बिजली के अनियमित कनेक्शन और गैस सिलेंडरों का असुरक्षित उपयोग हर वर्ष आग की घटनाओं की प्रमुख वजह बनते हैं, फिर भी जवाबदेही तंत्र कमज़ोर रहता है। बहुमंजिला इमारतों में फायर ऑडिट का निर्देश स्वागतयोग्य है, किंतु यह तभी प्रभावी होगा जब अनुपालन न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सार्वजनिक और समयबद्ध हो। विभाग के पास संसाधन बढ़ रहे हैं — वाटर बाउजर इसका उदाहरण है — परंतु 12 जनपदों में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए संसाधन और जनशक्ति का अनुपात अभी भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांवड़ यात्रा 2026 में फायर सेफ्टी के लिए क्या तैयारियाँ की गई हैं?
उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग ने 12 जनपदों में व्यापक तैयारियाँ शुरू की हैं। एडीजी पद्मजा चौहान ने 22 जुलाई 2026 को गाजियाबाद में समीक्षा बैठक कर शिविरों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन, फायर ब्रिगेड की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मज़बूत करने के निर्देश दिए।
कांवड़ शिविरों में अग्नि सुरक्षा के लिए कौन-से निर्देश जारी किए गए हैं?
शिविर संचालकों को गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग, विद्युत उपकरणों के संचालन और आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करना शिविर आयोजकों की ज़िम्मेदारी होगी।
गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर की बहुमंजिला इमारतों के लिए क्या निर्देश हैं?
एडीजी चौहान ने निर्देश दिए हैं कि दोनों जनपदों की सभी हाईराइज इमारतों में नियमित फायर ऑडिट कराया जाए। जहाँ भी अग्निशमन सुरक्षा मानकों में कमी मिले, वहाँ तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए और मानक पूरे न करने वाले भवनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फायर स्टेशन वैशाली में 22 जुलाई को और क्या हुआ?
फायर स्टेशन वैशाली में अग्निशमन कर्मियों की फिटनेस के लिए बनाई गई व्यायामशाला (जिम) का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा कविनगर स्वदेशी कंपाउंड इंडस्ट्री द्वारा प्रदत्त एक वाटर बाउजर को भी एडीजी ने हरी झंडी दिखाकर विभाग को समर्पित किया।
इस समीक्षा बैठक में कौन-से जनपद शामिल थे?
बैठक में मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, बदायूं और अमरोहा — कुल 12 जनपदों के मुख्य अग्निशमन अधिकारी शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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