31 जुलाई 2026
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इंदिरा लंकेश के निधन पर कर्नाटक CM शिवकुमार का शोक, कन्नड़ साहित्य को अपूरणीय क्षति

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इंदिरा लंकेश के निधन पर कर्नाटक CM शिवकुमार का शोक, कन्नड़ साहित्य को अपूरणीय क्षति

सारांश

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस अध्यक्ष हरिप्रसाद ने इंदिरा लंकेश के निधन पर गहरा शोक जताया। साहित्यकार-पत्रकार पी. लंकेश की पत्नी इंदिरा ने लेखन, प्रकाशन और मीडिया में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाई थी। उनके जाने को कन्नड़ साहित्य और प्रगतिशील पत्रकारिता की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार ने 15 जून 2026 को इंदिरा लंकेश के निधन पर एक्स पर भावुक श्रद्धांजलि साझा की।
इंदिरा लंकेश, प्रख्यात साहित्यकार-पत्रकार पी.
लंकेश की पत्नी थीं और स्वयं भी लेखन, प्रकाशन और व्यवसाय में सक्रिय रहीं।
शिवकुमार ने उन्हें अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास की प्रतीक बताया।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष हरिप्रसाद ने इंदिरा लंकेश के निधन को कन्नड़ साहित्य, पत्रकारिता और प्रगतिशील सोच के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया।
दोनों नेताओं ने शोक संतप्त परिवार और साहित्य प्रेमियों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 15 जून 2026 को प्रख्यात साहित्यकार एवं पत्रकार पी. लंकेश की पत्नी इंदिरा लंकेश के निधन पर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि इंदिरा लंकेश ने न केवल अपने पति की साहित्यिक और पत्रकारिता विरासत को मजबूत आधार दिया, बल्कि स्वयं भी लेखन, प्रकाशन और व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई।

मुख्यमंत्री की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपना शोक संदेश साझा करते हुए लिखा, 'इंदिरा लंकेश के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख पहुंचा है। इंदिरा लंकेश, दिवंगत साहित्यकार और पत्रकार पी. लंकेश की उपलब्धियों की मजबूत आधारशिला थीं और उनके जीवन व कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इंदिरा लंकेश ने साहित्य, मीडिया और फिल्म जगत में पी. लंकेश की उपलब्धियों को स्थायित्व प्रदान किया।

साहित्य और समाज में योगदान

शिवकुमार के अनुसार, इंदिरा लंकेश ने व्यवसाय, लेखन और पुस्तक प्रकाशन जैसे क्षेत्रों में स्वयं को पूरी तरह समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा लंकेश ने अपने जीवन में अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास का परिचय दिया, जो उन्हें समाज में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करता है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार, रिश्तेदारों, प्रशंसकों और साहित्य प्रेमियों को इस कठिन समय में धैर्य की कामना की।

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष की संवेदनाएँ

कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष हरिप्रसाद ने भी इंदिरा लंकेश के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, 'वरिष्ठ साहित्यकार और जाने-माने पत्रकार पी. लंकेश की पत्नी इंदिरा लंकेश के अचानक निधन से मुझे गहरा सदमा लगा है।' हरिप्रसाद ने यह भी कहा कि अपनी अनूठी सोच, लेखन और सामाजिक प्रतिबद्धता के जरिए इंदिरा लंकेश ने कर्नाटक के सांस्कृतिक और बौद्धिक जगत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई थी।

कन्नड़ साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति

हरिप्रसाद ने इंदिरा लंकेश के निधन को कन्नड़ साहित्य, पत्रकारिता और प्रगतिशील सोच के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने परिवार के सदस्यों और मित्रों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति की प्रार्थना की। यह ऐसे समय में हुआ है जब कन्नड़ साहित्य और प्रगतिशील पत्रकारिता की विरासत को सहेजने की चर्चा एक बार फिर केंद्र में आ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे पी. लंकेश ने खड़ा किया था। उल्लेखनीय है कि मुख्यधारा की श्रद्धांजलियाँ अक्सर ऐसी महिलाओं को उनके पति की छाया में ही याद करती हैं, जबकि इंदिरा लंकेश ने लेखन, प्रकाशन और व्यवसाय में स्वतंत्र पहचान बनाई। राजनीतिक नेताओं का एकमत शोक इस बात का संकेत है कि वे कर्नाटक के सांस्कृतिक परिदृश्य में कितनी गहरी जड़ें रखती थीं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदिरा लंकेश कौन थीं?
इंदिरा लंकेश, प्रख्यात कन्नड़ साहित्यकार और पत्रकार पी. लंकेश की पत्नी थीं। वे स्वयं भी लेखन, पुस्तक प्रकाशन और व्यवसाय के क्षेत्र में सक्रिय रहीं और कर्नाटक के सांस्कृतिक एवं बौद्धिक जगत में उनकी विशिष्ट पहचान थी।
डी.के. शिवकुमार ने इंदिरा लंकेश को कैसे याद किया?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक्स पर शोक संदेश साझा करते हुए इंदिरा लंकेश को पी. लंकेश की उपलब्धियों की 'मजबूत आधारशिला' बताया। उन्होंने उनके अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष हरिप्रसाद ने क्या कहा?
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष हरिप्रसाद ने इंदिरा लंकेश के निधन को कन्नड़ साहित्य, पत्रकारिता और प्रगतिशील सोच के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया। उन्होंने कहा कि इंदिरा लंकेश ने अपनी अनूठी सोच और सामाजिक प्रतिबद्धता से कर्नाटक के सांस्कृतिक जगत में अलग पहचान बनाई थी।
इंदिरा लंकेश का साहित्य और मीडिया में क्या योगदान था?
इंदिरा लंकेश ने साहित्य, मीडिया और फिल्म जगत में पी. लंकेश की विरासत को मजबूत आधार दिया। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं लेखन और पुस्तक प्रकाशन के क्षेत्र में स्वतंत्र योगदान दिया।
इंदिरा लंकेश के निधन की खबर कब आई?
इंदिरा लंकेश के निधन की खबर 15 जून 2026 को सामने आई, जिसके बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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