पार्क की 5% जमीन उपयोग प्रस्ताव की होगी पूरी समीक्षा, विधानसभा में फिर चर्चा: सीएम डीके शिवकुमार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार, 1 सितंबर को स्पष्ट किया कि सार्वजनिक पार्कों की 5 प्रतिशत भूमि के वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति देने संबंधी प्रस्ताव की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बेंगलुरु स्थित अपने आवास के पास पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा लिए गए भूमि आवंटन के फैसलों की भी जाँच होगी और जरूरत पड़ने पर इस विषय पर कर्नाटक विधानसभा में दोबारा चर्चा कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट रुख
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि वह इस प्रस्ताव से जुड़ी सभी फाइलें मंगवाएंगे। उन्होंने कहा, 'मैं देखूंगा कि पार्क की पाँच प्रतिशत जमीन देने का प्रस्ताव क्यों लाया गया, पिछली सरकारों ने क्या फैसले लिए और किसे कौन-सी जमीन आवंटित की गई। पूरी समीक्षा के बाद इस पर विधानसभा में फिर चर्चा की जा सकती है।' उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा, 'मुझे पता है कि पार्क की जमीन की सुरक्षा कैसे करनी है — किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है।'
लालबाग और मेट्रो भूमि उपयोग की होगी जाँच
मुख्यमंत्री ने बताया कि लालबाग में मेट्रो परियोजना के लिए भूमि उपयोग और बेंगलुरु के अन्य इलाकों में पार्क भूमि के आवंटन की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पिछली सरकार द्वारा लालबाग समेत पार्क भूमि के संबंध में उठाए गए सभी कदमों की जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही विपक्ष और आम जनता के सुझावों पर भी विचार किया जाएगा।
102 तालुक सूखाग्रस्त घोषित, आकलन जारी
शिवकुमार ने बताया कि राज्य में अब तक 102 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है और कई अन्य तालुकों की स्थिति की समीक्षा जारी है। राजस्व, कृषि और अन्य संबंधित विभाग केंद्र सरकार के तय मानकों के अनुसार संयुक्त रूप से आकलन कर अंतिम निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की टीम के दौरे से पहले सूखे की घोषणा प्रक्रिया में कोई तकनीकी त्रुटि न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। धारवाड़, गदग समेत कई जिलों से अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
राहुल गांधी की एफआईआर पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर मुख्यमंत्री ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने कोई गलत काम नहीं किया। युवाओं और देश के लिए लड़ना उनका संवैधानिक अधिकार है और कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।' यह ऐसे समय में आया है जब BJP और कांग्रेस के बीच राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
BJP की 'बल्लारी चलो' यात्रा पर पलटवार
भाजपा की 'बल्लारी चलो' पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि विपक्ष की यह यात्रा कांग्रेस के लिए एक अवसर है। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) भी इसके जवाब में अपनी रणनीति तैयार करेगी। गौरतलब है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए दोनों दलों के बीच जमीनी सक्रियता तेज हो गई है।