13 अगस्त 2026
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कर्नाटक मंत्रिमंडल की 'संध्या किरण' योजना: 4.93 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज

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कर्नाटक मंत्रिमंडल की 'संध्या किरण' योजना: 4.93 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज

सारांश

कर्नाटक सरकार ने 'संध्या किरण' योजना को मंजूरी देकर राज्य के 4.93 लाख पेंशनभोगियों को ₹5 लाख तक का सालाना कैशलेस इलाज देने का रास्ता खोला है। अंशदान आधारित इस स्वैच्छिक योजना में 70 प्रतिशत लागत लाभार्थी और 30 प्रतिशत सरकार वहन करेगी।

मुख्य बातें

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने 13 अगस्त 2026 को 'संध्या किरण' कैशलेस स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दी।
प्रारंभिक चरण में 4.93 लाख लाभार्थी (जिनमें 3.11 लाख पेंशनभोगी शामिल) इस योजना के दायरे में आएँगे।
प्रति परिवार ₹5 लाख तक का सालाना कैशलेस इलाज; नियमित पेंशनभोगी मूल पेंशन का 1.25% और पारिवारिक पेंशनभोगी 0.75% अंशदान देंगे।
उपचार लागत का 70% लाभार्थी अंशदान से और 30% राज्य सरकार वहन करेगी — क्रमशः ₹57.22 करोड़ और ₹24.53 करोड़ ।
योजना सुवर्णा आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट (SAST) के माध्यम से लागू होगी; 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी इस योजना के पात्र नहीं।

कर्नाटक राज्य मंत्रिमंडल ने 13 अगस्त 2026 को 70 वर्ष से कम आयु के राज्य सरकार के पेंशनभोगियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों और पात्र दिव्यांग आश्रित बच्चों के लिए अंशदान आधारित कैशलेस स्वास्थ्य सेवा योजना 'संध्या किरण' को मंजूरी दे दी है। प्रारंभिक चरण में 4.93 लाख लाभार्थियों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा, जिनमें 3.11 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

यह स्वैच्छिक योजना एबी-आर्क ढाँचे के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का फ्लोटर आधार पर माध्यमिक, तृतीयक और आपातकालीन उपचार कैशलेस रूप से उपलब्ध कराएगी। नियमित पेंशनभोगियों को अपनी मूल पेंशन का 1.25 प्रतिशत अंशदान करना होगा, जबकि पारिवारिक पेंशनभोगी अपनी मूल पारिवारिक पेंशन का 0.75 प्रतिशत अंशदान देंगे।

गौरतलब है कि यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक है, अर्थात पेंशनभोगी अपनी इच्छानुसार इसमें शामिल हो सकते हैं। इसे ऐसे समय में लागू किया जा रहा है जब सरकारी कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद के स्वास्थ्य खर्च एक बड़ी चिंता बन चुके हैं।

वित्तीय ढाँचा और लागत-साझेदारी

इस योजना से अनुमानित वार्षिक उपचार व्यय ₹81.75 करोड़ के मुकाबले लगभग ₹117 करोड़ का वार्षिक अंशदान प्राप्त होने की उम्मीद है। एबी-आर्क नीति के अनुसार, उपचार लागत का 70 प्रतिशत लाभार्थियों के अंशदान से और 30 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जो क्रमशः लगभग ₹57.22 करोड़ और ₹24.53 करोड़ बनता है।

यह वित्तीय संरचना सरकार पर सीधे बोझ को सीमित रखती है और पेंशनभोगियों की भागीदारी सुनिश्चित करती है — जो पारंपरिक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से एक अलग दृष्टिकोण है।

क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी

इस योजना को सुवर्णा आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट (SAST) के माध्यम से लागू किया जाएगा। SAST पंजीकरण, अंशदान संग्रह, सूचीबद्ध अस्पतालों के प्रबंधन, कैशलेस उपचार प्रक्रिया और दावा निपटान की पूरी देखरेख करेगा। यह वही संस्था है जो पहले से कर्नाटक की अन्य स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं के संचालन में अनुभवी है।

किसे होगा फायदा

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ उन पारिवारिक पेंशनभोगियों और दिव्यांग आश्रित बच्चों को होगा जो अब तक सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे से बाहर थे। 70 वर्ष से कम आयु की शर्त के कारण वरिष्ठतम पेंशनभोगी इस योजना के पात्र नहीं होंगे, जो एक महत्त्वपूर्ण सीमा है।

आगे की राह

मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब SAST पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करेगा। अधिकारियों के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को जल्द ही नामांकन की जानकारी दी जाएगी। यह योजना कर्नाटक के सरकारी सेवानिवृत्त वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा के एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सबसे बड़ी सीमा यह है कि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी — जो स्वास्थ्य खर्च के सबसे बड़े जोखिम में होते हैं — इस योजना के दायरे से बाहर हैं। अनुमानित ₹117 करोड़ का वार्षिक अंशदान ₹81.75 करोड़ के उपचार व्यय से अधिक है, जो योजना की वित्तीय स्थिरता के लिए अच्छा संकेत है, परंतु यह आँकड़ा तभी टिकेगा जब नामांकन दर पर्याप्त रहे। असली परीक्षा SAST की क्रियान्वयन क्षमता और सूचीबद्ध अस्पतालों की पहुँच पर निर्भर करेगी — खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जहाँ बड़ी संख्या में पेंशनभोगी रहते हैं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'संध्या किरण' योजना क्या है?
'संध्या किरण' कर्नाटक सरकार की अंशदान आधारित कैशलेस स्वास्थ्य सेवा योजना है, जिसे 13 अगस्त 2026 को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। यह योजना 70 वर्ष से कम आयु के राज्य सरकार के पेंशनभोगियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों और पात्र दिव्यांग आश्रित बच्चों को प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज प्रदान करेगी।
'संध्या किरण' योजना में कितना अंशदान देना होगा?
नियमित पेंशनभोगियों को अपनी मूल पेंशन का 1.25 प्रतिशत और पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपनी मूल पारिवारिक पेंशन का 0.75 प्रतिशत मासिक अंशदान देना होगा। उपचार लागत का 70 प्रतिशत इस अंशदान से और 30 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी।
इस योजना से कितने लोगों को फायदा मिलेगा?
प्रारंभिक चरण में लगभग 4.93 लाख लाभार्थियों को इस योजना के अंतर्गत लाया जाएगा, जिनमें 3.11 लाख पेंशनभोगी शामिल हैं। इसके अलावा पारिवारिक पेंशनभोगी और पात्र दिव्यांग आश्रित बच्चे भी इस योजना के दायरे में आएँगे।
योजना का संचालन कौन करेगा?
'संध्या किरण' योजना को सुवर्णा आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट (SAST) के माध्यम से लागू किया जाएगा। SAST पंजीकरण, अंशदान संग्रह, सूचीबद्ध अस्पतालों का प्रबंधन, कैशलेस उपचार और दावा निपटान की देखरेख करेगा।
क्या 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं?
नहीं, 'संध्या किरण' योजना केवल 70 वर्ष से कम आयु के पेंशनभोगियों के लिए है। 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनभोगी इस योजना के पात्र नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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