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कर्नाटक: डिप्टी सीएम ने विधायकों को दी चेतावनी, हाई कमान से मिलें लेकिन गैर-जरूरी बयान न दें

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कर्नाटक: डिप्टी सीएम ने विधायकों को दी चेतावनी, हाई कमान से मिलें लेकिन गैर-जरूरी बयान न दें

सारांश

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विधायकों को हाई कमान से मिलने की सलाह दी है लेकिन उन्हें गैर-जरूरी बयान देने से रोका है। यह चेतावनी पार्टी अनुशासन की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री ने विधायकों को अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी।
सार्वजनिक बयानों से पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने से रोका गया।
कैबिनेट में फेरबदल की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

बेंगलुरु, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विधायकों को चेतावनीहाई कमान से मिलना चाहिए, लेकिन जनता के सामने किसी भी गैर-जरूरी बयान से बचना चाहिए।

डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य के पार्टी विधायकों का दिल्ली जाकर कांग्रेस हाई कमांड से मिलना उचित है, लेकिन अनावश्यक बयान देने पर पार्टी की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बेंगलुरु में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "सभी विधायकों को पार्टी का अनुशासन बनाए रखना चाहिए। उन्हें पार्टी का सम्मान करना चाहिए और मीडिया के सामने पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही इस मुद्दे पर बात कर चुके हैं।

जब विधायकों के नई दिल्ली दौरे से संबंधित सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "कुछ विधायकों ने मुझसे सलाह ली थी। हाई कमान से मंत्री पद की मांग करना गलत नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा, "पहली और दूसरी बार के विधायकों को भी मंत्री पद मिल सकता है, लेकिन यह सही समय नहीं है। चुनाव अभी चल रहे हैं।"

डिप्टी सीएम ने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात के बारे में कहा, "पार्टी ने मुझे तमिलनाडु जाने का निर्देश दिया था। मैं गया और वापस आया। मुझे पार्टी अध्यक्ष को रिपोर्ट देनी थी।"

सोमवार को दिल्ली के कर्नाटक भवन में कांग्रेस के लगभग 25 विधायकों ने नाश्ते पर बैठक की, जिसमें कैबिनेट में फेरबदल के मुद्दे पर चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, इस अनौपचारिक बैठक में कई विधायकों ने कैबिनेट में फेरबदल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे कर लिए हैं, इसलिए नए चेहरों को मौका देने की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान विधायकों ने मंत्री पद और अधिक प्रतिनिधित्व की मांग के समर्थन में एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसे पार्टी आलाकमान तक अपनी उम्मीदों को सामूहिक रूप से पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

इस बीच, विराजपेट के विधायक और मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार एएस. पोनन्ना ने कहा कि वरिष्ठ विधायकों ने राज्य में कैबिनेट में फेरबदल की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मांग को किसी भी तरह से बगावत या पार्टी विरोधी गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

पोनन्ना ने मडिकेरी में पत्रकारों से कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे कर लिए हैं, और इस संदर्भ में, पार्टी के भीतर नए चेहरों को शामिल करने की मांग बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर चुनावी समय में।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपमुख्यमंत्री ने विधायकों को क्या चेतावनी दी?
उपमुख्यमंत्री ने विधायकों को हाई कमान से मिलने का निर्देश दिया लेकिन जनता के सामने गैर-जरूरी बयान न देने की चेतावनी दी।
क्या विधायकों ने दिल्ली जाने से पहले सलाह ली थी?
कुछ विधायकों ने दिल्ली जाने से पहले उपमुख्यमंत्री से सलाह ली थी।
कैबिनेट में फेरबदल की मांग क्यों उठाई गई?
विधायकों ने कहा कि सरकार ने तीन साल पूरे कर लिए हैं, इसलिए नए चेहरों को मौका देने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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