31 जुलाई 2026
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केसी वेणुगोपाल ने जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया, संसद में 'झूठ बोलने' का आरोप

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केसी वेणुगोपाल ने जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया, संसद में 'झूठ बोलने' का आरोप

सारांश

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह पर 'संसद चलो' मार्च में पैलेट गन फायरिंग से इनकार कर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया। यह कदम BJP सांसद अनुराग ठाकुर के राहुल गांधी के खिलाफ नोटिस के एक दिन बाद आया — संसदीय टकराव और तेज हुआ।

मुख्य बातें

केसी वेणुगोपाल ने 31 जुलाई 2026 को राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया।
आरोप: 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च के दौरान गोलीबारी से इनकार कर जितेंद्र सिंह ने सदन को गुमराह किया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहले पैलेट गन से घायल व्यक्ति से मुलाकात के सबूत मीडिया के सामने पेश किए थे।
BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने एक दिन पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को राहुल गांधी के खिलाफ नियम 222 और 223 के तहत नोटिस दिया था।
विशेषाधिकार प्रस्ताव स्वीकार होने पर मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा जा सकता है।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को लोकसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। वेणुगोपाल का आरोप है कि 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित ज्यादतियों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने सदन को गुमराह किया।

विशेषाधिकार प्रस्ताव की पृष्ठभूमि

यह विवाद लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर निचले सदन में हुई बहस के दौरान उभरा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल किए थे। उन सवालों के जवाब में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कथित तौर पर कहा कि प्रदर्शन के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हुई।

वेणुगोपाल के आरोप और साक्ष्य

वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मैंने राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने संसद में खुलेआम झूठ बोला और दावा किया कि हमारे छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के जवाब में कोई फायरिंग नहीं हुई।'

संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, 'विशेषाधिकार प्रस्ताव बिल्कुल साफ है। लोकसभा में जवाब देते हुए राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि कोई गोलीबारी नहीं हुई, जबकि सोशल मीडिया पर तस्वीरें मौजूद थीं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'हमारे नेता प्रतिपक्ष पहले ही एक लड़के को पैलेट गन से लगी चोटों के साफ सबूत पेश कर चुके हैं। कोई मंत्री सदन को इस तरह गुमराह कैसे कर सकता है?'

कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी हवाला दिया जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मीडिया के सामने पैलेट गन से घायल एक व्यक्ति से मुलाकात की थी। वेणुगोपाल के अनुसार, ऐसी फायरिंग के शिकार लोगों के अस्पताल के रिकॉर्ड भी सामने आए हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और पलटवार

वेणुगोपाल का यह कदम भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को राहुल गांधी के खिलाफ नोटिस सौंपने के ठीक एक दिन बाद आया है। ठाकुर का यह नोटिस 'पेपर लीक विरोधी बिल' पर बहस के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर था, जिसे लोकसभा की कार्यप्रणाली के नियम 222 और नियम 223 के तहत दाखिल किया गया था।

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक का गवाह बन रहा है। गौरतलब है कि 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा पहले से ही संसद के भीतर और बाहर विवाद का केंद्र रहा है।

आगे क्या होगा

विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को स्वीकार करने या अस्वीकार करने का अधिकार लोकसभा अध्यक्ष के पास है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जा सकता है। दोनों पक्षों की ओर से संसदीय मोर्चे पर टकराव और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक बराबरी का खेल अधिक दिखता है — एक पक्ष नोटिस देता है, दूसरा पलटवार करता है। असली सवाल यह है कि 'संसद चलो' मार्च के दौरान पैलेट गन के उपयोग की स्वतंत्र जाँच हुई या नहीं — जो अभी तक सार्वजनिक नहीं है। अस्पताल के रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों का हवाला देने के बावजूद सरकार ने इन आरोपों पर कोई ठोस खंडन या जाँच का आश्वासन नहीं दिया है, जो इस विवाद को और गहरा करता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केसी वेणुगोपाल ने जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव क्यों पेश किया?
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का आरोप है कि राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई कथित गोलीबारी से इनकार कर सदन को गुमराह किया। वेणुगोपाल के अनुसार पैलेट गन से घायल व्यक्ति के अस्पताल के रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्ट इस दावे को झुठलाते हैं।
'संसद चलो' मार्च क्या था और इसमें क्या हुआ?
'संसद चलो' मार्च 20 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया था। विपक्ष का आरोप है कि इस मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे कुछ लोग घायल हुए। सरकार ने इस दावे को संसद में खारिज किया था।
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के बाद आगे क्या होगा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला यह तय करेंगे कि प्रस्ताव को स्वीकार किया जाए या नहीं। यदि स्वीकार होता है, तो मामला विशेषाधिकार समिति के पास जाएगा जो आगे की जाँच और कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है।
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के खिलाफ किस आधार पर नोटिस दिया?
BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष को राहुल गांधी के खिलाफ नियम 222 और नियम 223 के तहत नोटिस दिया। यह नोटिस 'पेपर लीक विरोधी बिल' पर बहस के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर था।
क्या इस तरह के विशेषाधिकार प्रस्ताव पहले भी पेश हुए हैं?
हाँ, संसद में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश करना एक स्थापित संसदीय प्रक्रिया है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई सांसद यह मानता है कि किसी मंत्री या सदस्य ने सदन को जानबूझकर गुमराह किया हो। अधिकांश मामलों में ये प्रस्ताव राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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