छात्रों पर केस वापसी को लेकर विपक्ष का हमला: खड़गे ने अनुराग ठाकुर को घेरा, CPM ने भी सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 31 जुलाई को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर छात्रों के प्रति दोहरे रवैये का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध लाए गए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव और आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। यह विवाद राहुल गांधी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट के बाद और गहरा गया।
खड़गे की प्रतिक्रिया
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमारे सांसद काबिल हैं और लोकसभा में इनका सामना करेंगे।' खड़गे ने संकेत दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने के बजाय संसद के भीतर ही जवाब देगी।
कांग्रेस सांसदों के तीखे सवाल
कांग्रेस सांसद कैप्टन विरियाटो फर्नांडीस ने सरकार की कथनी और करनी में अंतर को उजागर करते हुए कहा, 'अगर सरकार खुद कहती रहती है कि युवा और जेन-जी हमारे देश का भविष्य हैं, तो फिर आप उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों कर रहे हैं? सरकार उनके खिलाफ दर्ज केस वापस क्यों नहीं ले रही है?'
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि आंदोलनकारी छात्रों पर लाठी और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया। फर्नांडीस ने कहा, 'राहुल गांधी की ओर से जो भी कहा गया, वह बिल्कुल सही कहा गया। भविष्य को मौका दिया जाना चाहिए। युवाओं के साथ कांग्रेस हमेशा खड़ी रहेगी।'
कांग्रेस सांसद क्रिस्टोफर तिलक ने अनुराग ठाकुर पर सीधा निशाना साधते हुए एक पुराने वाकये का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'जब वह मंत्री थे, वह एक बार एक स्कूल गए थे और छात्रों से पूछा था कि स्पेस में जाने वाला पहला व्यक्ति कौन था। बच्चों ने जवाब दिया, 'नील आर्मस्ट्रांग।' उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं, नहीं, यह हनुमान थे।' तो, अनुराग ठाकुर ऐसे व्यक्ति हैं जो पूरी तरह से बेसिक साइंटिफिक टेम्पर के खिलाफ हैं।'
सीपीआई(एम) का आरोप: हजारों केस दर्ज
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] सांसद वी. शिवदासन ने आरोप लगाया कि इस सरकार और गृह मंत्री अमित शाह की पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध हजारों मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा, 'सरकार ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा, लेकिन वह वादा पूरा नहीं किया गया। छात्र पुलिस की बर्बरता और उनके खिलाफ दर्ज झूठे केस के खिलाफ अपना प्रोटेस्ट जारी रखेंगे।'
विशेषाधिकार प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद राहुल गांधी द्वारा एक्स पर की गई पोस्ट के बाद उपजा, जिस पर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में छात्र आंदोलन और उन पर दर्ज मामलों का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। विपक्ष का एकजुट स्वर यह संकेत देता है कि आने वाले संसद सत्र में यह मुद्दा और तेज हो सकता है।