31 जुलाई 2026
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पेलेट गन विवाद: कांग्रेस का आरोप — केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने संसद को दी गलत जानकारी, प्रिविलेज मोशन की तैयारी

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पेलेट गन विवाद: कांग्रेस का आरोप — केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने संसद को दी गलत जानकारी, प्रिविलेज मोशन की तैयारी

सारांश

भाजपा द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन की कोशिश उलटी पड़ी — कांग्रेस ने पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पर पेलेट गन इस्तेमाल को लेकर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया और खुद प्रिविलेज मोशन लाने की घोषणा की।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद के.सी.
वेणुगोपाल ने 31 जुलाई को घोषणा की कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया जाएगा।
आरोप है कि जितेंद्र सिंह ने सदन में कहा कि कोई फायरिंग नहीं हुई, जबकि पेलेट गन और बिहार में एके-47 के इस्तेमाल के सबूत मौजूद हैं।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि 20 तारीख से चल रहे सत्र में पहले दिन को छोड़ प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में नहीं आए।
लोकसभा से एंटी-पेपर लीक विधेयक पास हुआ; TMC ने PM के आश्वासन पर अविश्वास जताया।
कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने महाराष्ट्र MHT-CET में 40-50% अंक वाले छात्रों के पास होने को पेपर लीक का प्रमाण बताया।
TMC सांसद सौगत रॉय ने वंदे मातरम विधेयक को 'सांप्रदायिक नजरिए से पास' बताया।

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने 31 जुलाई को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि पेलेट गन और बिहार में एके-47 के इस्तेमाल को लेकर संसद में गलत जानकारी देने के आरोप में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया जाएगा। यह घोषणा उस वक्त आई जब भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने की कोशिश की।

मुख्य घटनाक्रम

वेणुगोपाल ने कहा, 'असल में यह प्रिविलेज जितेंद्र सिंह ने किया है। उन्होंने यह कहकर सदन को गुमराह किया कि कोई फायरिंग नहीं हुई।' उन्होंने आगे कहा, 'इसके साफ सबूत हैं और राहुल गांधी ने खुद सबूत दिखाए कि फायरिंग हुई थी, पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ था और बिहार में एके-47 का भी इस्तेमाल हुआ था।'

गौरतलब है कि जब कोई मंत्री, सांसद, विधायक या अन्य व्यक्ति सदन को गलत जानकारी देता है, तथ्य छिपाता है, या सदन के विशेषाधिकारों का हनन करता है, तब उसके विरुद्ध प्रिविलेज मोशन लाया जा सकता है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, 'भाजपा के अंदर इस बात का कॉम्पिटिशन है कि कौन ज़्यादा गाली दे सकता है, ताकि पार्टी में उनकी इमेज बेहतर हो सके। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।'

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने संसद सत्र में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, 'संसद का सत्र 20 तारीख से चल रहा है, लेकिन पहले दिन को छोड़कर न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री सदन में आए हैं। पूरा देश, खासकर युवा और छात्र, उन सवालों का जवाब चाहते हैं जो हम संसद में उठा रहे हैं।'

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, 'किसी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने से असल में कुछ नहीं होता। असली मुद्दा यह है कि वे संसद को अपनी मर्जी से चलाते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रिविलेज मोशन भाजपा के हर एक सांसद पर आना चाहिए।

पेपर लीक और एंटी-पेपर लीक विधेयक

कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने महाराष्ट्र के एमएचटी-सीईटी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 'जब संसद में पेपर लीक पर चर्चा हो रही है, तब महाराष्ट्र में लगभग हर दिन पेपर लीक हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि जिन छात्रों ने 12वीं में सिर्फ 40-50 प्रतिशत अंक लाए थे, वे एमएचटी-सीईटी पास कर पाए हैं। जिनके पास पैसे हैं, वे पेपर खरीद रहे हैं।'

लोकसभा से एंटी-पेपर लीक विधेयक पास होने पर TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'अब देखना है कि कोई पेपर लीक होता है या नहीं। PM मोदी के आश्वासन पर हम विश्वास नहीं करते।' झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सांसद महुआ माजी ने विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि इसमें कड़े नियम हैं, लेकिन जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

वंदे मातरम विधेयक पर विवाद

वंदे मातरम से जुड़े विधेयक के पास होने पर सौगत रॉय ने कहा, 'इसकी कोई जरूरत नहीं थी। वंदे मातरम पहले से ही राष्ट्रीय गीत था, लेकिन इसमें एक खास हिस्सा था जिसके बारे में रवींद्रनाथ टैगोर ने भी कहा था कि इसे शामिल नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा ने इस बिल को सांप्रदायिक नजरिए से पास किया है।'

आगे क्या होगा

कांग्रेस द्वारा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ औपचारिक प्रिविलेज मोशन दाखिल किए जाने की प्रक्रिया अगले संसदीय सत्र में आगे बढ़ने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद में पेपर लीक, पुलिस जवाबदेही और विपक्ष की आवाज़ दबाने के आरोप एक साथ उभर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यदि नहीं, तो जवाबदेही किसकी? एंटी-पेपर लीक विधेयक का उसी दिन पास होना और MHT-CET विवाद एक साथ सामने आना यह दर्शाता है कि संस्थागत विश्वसनीयता — चाहे परीक्षा तंत्र की हो या संसदीय सूचना की — इस सत्र का केंद्रीय मुद्दा बन गई है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस किसके खिलाफ और क्यों प्रिविलेज मोशन लाने जा रही है?
कांग्रेस केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने जा रही है। आरोप है कि उन्होंने लोकसभा में यह कहकर सदन को गुमराह किया कि कोई फायरिंग नहीं हुई, जबकि कांग्रेस के अनुसार पेलेट गन और बिहार में एके-47 के इस्तेमाल के सबूत मौजूद हैं।
प्रिविलेज मोशन क्या होता है?
प्रिविलेज मोशन संसदीय प्रक्रिया का वह हथियार है जिसे तब लाया जाता है जब कोई मंत्री, सांसद या अन्य व्यक्ति सदन को गलत जानकारी दे, तथ्य छिपाए, या सदन के विशेषाधिकारों का उल्लंघन करे। इसे लोकसभा या राज्यसभा में दाखिल किया जा सकता है।
भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन क्यों लाया?
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने की कोशिश की। हालांकि स्रोत में इसका सटीक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, कांग्रेस ने इसे राजनीतिक कदम बताते हुए पलटवार किया।
एंटी-पेपर लीक विधेयक पर विपक्ष का क्या रुख रहा?
लोकसभा से एंटी-पेपर लीक विधेयक पास होने पर TMC सांसद सौगत रॉय ने PM मोदी के आश्वासन पर अविश्वास जताया। JMM सांसद महुआ माजी ने विधेयक को अच्छा बताया लेकिन जवाबदेही और पारदर्शिता की माँग रखी।
महाराष्ट्र MHT-CET पेपर लीक विवाद क्या है?
कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के MHT-CET इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में 12वीं में 40-50% अंक पाने वाले छात्र भी पास हो गए, जो कोचिंग संस्थानों के जरिए प्रश्नपत्र लीक होने का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि जिनके पास पैसे हैं, वे पेपर खरीद रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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