डिंपल यादव का आरोप: युवाओं और रोज़गार के सवालों से ध्यान भटका रही केंद्र व यूपी सरकार
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने 6 अगस्त को नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि दोनों सरकारें जानबूझकर ऐसे विवादास्पद मुद्दे उठा रही हैं जिनका मकसद युवाओं, छात्रों और रोज़गार से जुड़े वास्तविक सवालों से जनता का ध्यान भटकाना और समाज में विभाजन पैदा करना है। उनके साथ सपा के वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव और सांसद राजीव राय भी मौजूद थे।
मुख्य आरोप और मांगें
डिंपल यादव ने कहा कि सरकार 'बांटो और राज करो' की नीति पर काम कर रही है। उनके अनुसार जब भाजपा की विचारधारा के विरुद्ध बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, तब सरकार नए विवादास्पद मुद्दे सामने लाकर लोगों का ध्यान असली सवालों से हटा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़कों पर बच्चों की मौत क्यों हुई, छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया और छात्राओं पर लाठीचार्ज क्यों हुआ।
डिंपल यादव ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार की घटनाएँ दिखाई देती हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि गृह मंत्री संसद में आकर इन मुद्दों पर जवाब दें।
पेपर लीक और स्कूल बंदी का मुद्दा
झारखंड में जारी जेपीएससी छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए डिंपल यादव ने उत्तर प्रदेश में कथित पेपर लीक का मामला भी उठाया। उनका दावा है कि राज्य में 21 से अधिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 29 हज़ार प्राथमिक विद्यालय बंद किए जा रहे हैं, जिससे करीब एक करोड़ बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
राम मंदिर और दान की अनियमितताओं पर सवाल
राम मंदिर के मुद्दे पर डिंपल यादव ने कहा कि मंदिर निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इसके लिए आम नागरिकों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक ने उदारतापूर्वक दान दिया। उन्होंने बताया कि वाराणसी दौरे के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि एक उद्योगपति ने अकेले ₹11 करोड़ का दान दिया था। उनकी माँग है कि मंदिर निर्माण और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर संसद में पारदर्शी चर्चा हो।
सपा सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि संसदीय कार्य मंत्री ने दावा किया था कि विपक्ष ने राम मंदिर के मुद्दे पर काली पट्टी बाँधी, जबकि ऐसा कोई वीडियो प्रमाण मौजूद नहीं है। राजीव राय ने कहा कि यदि ऐसा कोई साक्ष्य दिखाया जाए तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं।
विपक्षी कार्यक्रमों पर रोक और लोकतांत्रिक अधिकार
प्रयागराज में कांग्रेस के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की ग्राउंड बुकिंग रद्द किए जाने पर डिंपल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक दल को कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है और यदि सरकार ऐसे आयोजनों को रोकती है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जनेश्वर मिश्र की जयंती से जुड़े कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई थी, जो उनका अपमान है।
राम गोपाल यादव का सरकार पर हमला
सपा के वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर नियमों और कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं को सभी नियमों से ऊपर समझने लगी है और विपक्षी दलों के कार्यक्रमों को अनुमति न देकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। उनका कहना था कि जनता समय आने पर इसका जवाब देगी। यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है।