केरल विधानसभा चुनाव: 9 अप्रैल को 140 सीटों पर एक चरण में मतदान, 2.71 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य

Click to start listening
केरल विधानसभा चुनाव: 9 अप्रैल को 140 सीटों पर एक चरण में मतदान, 2.71 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य

सारांश

केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने जा रहा है, जिसमें 2.71 करोड़ मतदाता अपनी पसंद का चयन करेंगे। जानिए इस चुनावी प्रक्रिया की पूरी जानकारी और वोटिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।

Key Takeaways

  • केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होंगे।
  • 2.71 करोड़ मतदाता चुनाव में भाग लेंगे।
  • महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है।
  • आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है।
  • चुनाव आयोग ने सभी प्रक्रियाओं की जानकारी दी है।

तिरुवनंतपुरम, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 140 विधानसभा क्षेत्रों में फैले कुल 2.71 करोड़ मतदाताओं के साथ, केरल 9 अप्रैल को चुनावों के लिए तैयार है। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने हाल ही में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया है।

चुनाव आयोग ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कैलेंडर जारी किया, जिसमें नामांकन दाखिल करने, कागजात की जांच, उम्मीदवारी वापस लेने, मतदान और मतगणना की तारीखों की विस्तृत जानकारी दी गई।

जैसे ही शेड्यूल की घोषणा हुई, पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता तुरंत लागू हो गई।

मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू. केलकर के कार्यालय के अनुसार, चुनाव 20 फरवरी को तैयार की गई अंतिम वोटर लिस्ट के आधार पर होंगे, जिसे विशेष संशोधन के बाद तैयार किया गया है।

केलकर ने बताया कि सोमवार को दोपहर 3 बजे सभी राजनीतिक पार्टियों की एक मीटिंग बुलाई गई है।

केलकर ने कहा, "हम चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।"

अपडेटेड लिस्ट से पता चलता है कि राज्य में महिला वोटरों की संख्या पुरुषों से अधिक है।

कुल वोटरों में से लगभग 1.31 करोड़ पुरुष हैं, जबकि 1.38 करोड़ महिलाएं हैं; यह केरल के उस लगातार ट्रेंड को दर्शाता है जहां महिला वोटरों की संख्या अधिक होती है।

अंतिम लिस्ट में 2,23,558 प्रवासी वोटर भी शामिल हैं, जिन्होंने विदेश में निवास करते हुए वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवाया है।

अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग के बाद 20 फरवरी को अंतिम वोटर लिस्ट जारी की गई थी।

संशोधन प्रक्रिया के तहत, सभी 140 विधानसभा सीटों पर सुनवाई और जांच की गई।

इस प्रक्रिया के दौरान, वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट से 53,229 नाम हटा दिए गए।

हटाए गए नामों में वे वोटर शामिल हैं जिनकी गिनती के दौरान मृत्यु हो गई थी, जिन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता ले ली थी, जो अपनी विधानसभा सीट से बाहर रहने चले गए थे, और ऐसे मामले जहां नामों की दोबारा एंट्री हुई थी।

इसके साथ ही, संशोधन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नए वोटर भी जोड़े गए। पिछले साल 27 अक्टूबर से इस साल 30 जनवरी के बीच, आयोग ने फॉर्म 6 के माध्यम से जमा किए गए 13,51,151 आवेदनों को मंजूरी दी, जिनमें वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने की मांग की गई थी।

इसके अतिरिक्त, विदेश में रहने वाले वोटरों के तौर पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए फॉर्म 6ए के तहत 1,59,111 आवेदनों को भी मंजूरी दी गई।

कुल मिलाकर, चुनाव आयोग ने संशोधन के दौरान नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित 24,28,639 आवेदनों पर कार्रवाई की, जबकि मौजूदा वोटर की जानकारी में सुधार के लिए 3,93,333 फॉर्म स्वीकार किए गए। अब जब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो चुकी है, तो राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है, विशेषकर जब मुकाबला बेहद कड़ा होने की संभावना है।

Point of View

बल्कि पूरे देश में लोकतंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सभी राजनीतिक दलों को अपनी रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

केरल विधानसभा चुनाव कब हो रहे हैं?
केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने जा रहे हैं।
मतदाता सूची में कितने मतदाता हैं?
मतदाता सूची में कुल 2.71 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या क्या है?
महिला मतदाताओं की संख्या 1.38 करोड़ है, जबकि पुरुष मतदाता 1.31 करोड़ हैं।
चुनाव आयोग ने कब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी?
चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा रविवार को की थी।
क्या चुनाव में प्रवासी मतदाता भी शामिल हैं?
हाँ, अंतिम लिस्ट में 2,23,558 प्रवासी मतदाता भी शामिल हैं।
Nation Press