सबरीमाला सोना चोरी मामला: केरल हाई कोर्ट ने एसआईटी को दो हफ्ते का अतिरिक्त समय, 8 जून को अगली सुनवाई

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सबरीमाला सोना चोरी मामला: केरल हाई कोर्ट ने एसआईटी को दो हफ्ते का अतिरिक्त समय, 8 जून को अगली सुनवाई

सारांश

सबरीमाला सोना घोटाले की जांच में केरल हाई कोर्ट ने एसआईटी को दो हफ्ते की मोहलत दी — ठीक उस दिन जब यूडीएफ ने सत्ता संभाली। 36 वैज्ञानिक नमूने और 391 बयान — अब सब कुछ जमशेदपुर की लैब रिपोर्ट पर टिका है।

मुख्य बातें

केरल हाई कोर्ट ने 18 मई 2026 को एसआईटी को सबरीमाला सोना मामले में जांच के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया।
जांच में देरी की वजह जमशेदपुर स्थित सीएसआईआर-एनएमएल की प्रतीक्षित रिपोर्ट है; करीब 36 नमूने भेजे गए हैं।
अब तक 391 लोगों से पूछताछ, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल फोरेंसिक जांच जारी।
अदालत ने कहा — रिपोर्ट के आधार पर नए मामले दर्ज और नए आरोपियों की पहचान संभव।
अगली सुनवाई 8 जून को निर्धारित।

केरल हाई कोर्ट ने 18 मई 2026 को सबरीमाला मंदिर के सोने में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को जांच पूरी करने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय प्रदान किया। अदालत ने स्वीकार किया कि मामले में कई महत्वपूर्ण जांच अभी लंबित हैं और वैज्ञानिक रिपोर्टों का इंतजार जारी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और समय का महत्व

यह आदेश ऐसे संवेदनशील समय में आया है, जब कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने कुछ घंटे पहले ही केरल में सत्ता की बागडोर संभाली थी। गौरतलब है कि हाल के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सबरीमाला सोना घोटाले को विपक्ष ने एक प्रमुख चुनावी मुद्दे के रूप में उठाया था। यह पहली बार नहीं है कि किसी धार्मिक संस्था से जुड़े वित्तीय विवाद ने केरल की राजनीति को गर्म किया हो।

खंडपीठ का आदेश और एसआईटी की रिपोर्ट

जस्टिस राजा विजयराघवन वी. और जस्टिस के.वी. जयकुमार की खंडपीठ के समक्ष एसआईटी के जांच अधिकारी एस. ससीधरन ने विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। एसआईटी ने स्पष्ट किया कि जांच में देरी की मुख्य वजह जमशेदपुर स्थित नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी (सीएसआईआर-एनएमएल) की प्रतीक्षित रिपोर्ट है, जहाँ जांच के लिए करीब 36 नमूने भेजे गए हैं।

वैज्ञानिक परीक्षण और फोरेंसिक प्रक्रिया

लैब में सोने की परत और धातु संरचना की जांच के लिए कई अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है — इनमें एक्स-रे फ्लोरेसेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी, इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री और ऑप्टिकल एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी शामिल हैं। एसआईटी के अनुसार, लैब की अंतिम रिपोर्ट अगले 10 दिनों में प्राप्त होने की संभावना है।

जांच एजेंसी का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोने की प्लेटिंग कितनी मात्रा में हुई, कितना सोना वास्तव में उपयोग किया गया और क्या तांबे की प्लेटों की अदला-बदली की गई थी। अब तक 391 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और उनके बयान दर्ज किए गए हैं।

जांच की व्यापकता

एसआईटी ने सफाई, बफिंग, गोल्ड प्लेटिंग, लेकर कोटिंग और पैकिंग की संपूर्ण प्रक्रिया का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया है। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। इसके अलावा जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच भी समानांतर रूप से जारी है।

अदालत की टिप्पणी और आगे की राह

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वैज्ञानिक रिपोर्टें इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और सटीक निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नए मामले दर्ज किए जा सकते हैं और नए आरोपियों की पहचान भी संभव है। इस मामले की अगली सुनवाई 8 जून को निर्धारित की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब जब वही पार्टी सत्ता में है, तो जांच की निष्पक्षता और गति पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। वैज्ञानिक साक्ष्य — यदि ठोस निकले — तो यह मामला केवल मंदिर प्रशासन तक सीमित नहीं रहेगा; यह राज्य सरकार की जवाबदेही का भी सवाल बनेगा।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला सोना घोटाला मामला क्या है?
सबरीमाला मंदिर में सोने की प्लेटिंग के दौरान कथित तौर पर गड़बड़ी की गई — आरोप है कि असली सोने की जगह तांबे की प्लेटें लगाई गईं। इस मामले की जांच के लिए केरल में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है।
केरल हाई कोर्ट ने एसआईटी को अतिरिक्त समय क्यों दिया?
एसआईटी ने अदालत को बताया कि जमशेदपुर स्थित सीएसआईआर-एनएमएल की वैज्ञानिक रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, जिसके बिना जांच के निष्कर्ष अधूरे हैं। अदालत ने माना कि वैज्ञानिक साक्ष्य जिम्मेदारी तय करने के लिए अनिवार्य हैं।
सीएसआईआर-एनएमएल में क्या जांच हो रही है?
जमशेदपुर की नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी में करीब 36 नमूनों की जांच एक्स-रे फ्लोरेसेंस स्पेक्ट्रोस्कोपी, इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री और ऑप्टिकल एमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसी तकनीकों से की जा रही है। रिपोर्ट 10 दिनों में आने की उम्मीद है।
इस मामले की अगली सुनवाई कब है?
केरल हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 8 जून 2026 को निर्धारित की है। तब तक एसआईटी से लैब रिपोर्ट सहित पूर्ण जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अपेक्षा है।
क्या इस मामले में नए आरोपी भी हो सकते हैं?
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नए मामले दर्ज किए जा सकते हैं और नए आरोपियों की पहचान भी संभव है। अब तक 391 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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