केरल में निपाह वायरस: 30 में से 29 परीक्षण नेगेटिव, स्वास्थ्य मंत्री बोले — हालात काबू में
सारांश
मुख्य बातें
केरल में निपाह वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने 14 जून को बताया कि अब तक किए गए 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव आए हैं और केवल एक मरीज पॉजिटिव पाया गया है। संपर्क सूची में फिलहाल 100 लोग शामिल हैं, जिनमें 44 स्वास्थ्यकर्मी भी हैं।
निपाह की मौजूदा स्थिति
स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन के अनुसार ताज़ा दौर में 11 परीक्षण नेगेटिव आए हैं, जो संक्रमण के सीमित प्रसार का संकेत देते हैं। संदिग्ध मरीज़ों और उनके संपर्क में आए लोगों के नमूने आपातकालीन आधार पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि वायरस के स्रोत और संक्रमण की गंभीरता की पूरी जानकारी आधिकारिक परीक्षण परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में निपाह का इतिहास रहा है — राज्य 2018 और 2023 में भी इस वायरस का सामना कर चुका है, जिससे स्वास्थ्य तंत्र की सतर्कता स्वाभाविक रूप से बढ़ी हुई है।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल में हो रही गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रखने की बात कही है। मंत्रालय ने राज्य को निपाह के निर्धारित प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। केंद्र ने यह भी भरोसा दिलाया है कि ज़रूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
शिगेला का बढ़ता प्रकोप
निपाह की चिंताओं के बीच केरल एक और स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार 1 जनवरी से अब तक राज्य में शिगेला बैक्टीरिया के 135 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 68 मामले कोझिकोड ज़िले में हैं। अब तक इस संक्रमण से 3 मौतें हो चुकी हैं — पहली मौत मार्च में हुई, दूसरी कोझिकोड में एक बच्चे की और तीसरी एक 59 वर्षीय महिला की।
गौरतलब है कि शिगेला के नए मामले अब अन्य ज़िलों में भी सामने आने लगे हैं। फिलहाल 4 बच्चे ICU में हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने स्कूलों के कुओं की जाँच के निर्देश जारी किए हैं।
आम जनता पर असर और सरकारी अपील
स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने स्पष्ट किया कि हालात नियंत्रण में हैं और घबराने की ज़रूरत नहीं है। पूरे राज्य में निगरानी और बचाव उपाय तेज़ कर दिए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
आगे क्या होगा
NIV पुणे के परीक्षण परिणाम आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केरल स्वास्थ्य विभाग के बीच लगातार समन्वय जारी है। राज्य में दोहरे स्वास्थ्य संकट — निपाह और शिगेला — के प्रबंधन पर स्वास्थ्य तंत्र की परीक्षा अगले कुछ दिनों में होगी।