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केरल में निपाह वायरस: 30 में से 29 परीक्षण नेगेटिव, स्वास्थ्य मंत्री बोले — हालात काबू में

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केरल में निपाह वायरस: 30 में से 29 परीक्षण नेगेटिव, स्वास्थ्य मंत्री बोले — हालात काबू में

सारांश

केरल में निपाह का एकमात्र पॉजिटिव मामला अब तक सीमित है — 30 में से 29 परीक्षण नेगेटिव आए हैं। लेकिन राज्य एक साथ दो मोर्चों पर लड़ रहा है: निपाह की निगरानी और शिगेला का बढ़ता प्रकोप, जिसने 135 मामलों और 3 मौतों के साथ कोझिकोड को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है।

मुख्य बातें

केरल में 30 निपाह परीक्षणों में से 29 नेगेटिव ; केवल 1 मरीज पॉजिटिव।
संपर्क सूची में 100 लोग , जिनमें 44 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
नमूने जाँच के लिए NIV पुणे भेजे गए; परिणाम जल्द अपेक्षित।
1 जनवरी से केरल में शिगेला के 135 मामले , 3 मौतें ; कोझिकोड में सर्वाधिक 68 मामले ।
4 बच्चे ICU में, जिनमें 2 की हालत गंभीर ; स्कूलों के कुओं की जाँच के निर्देश।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय केरल के साथ समन्वय में; SOP पालन के निर्देश जारी।

केरल में निपाह वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने 14 जून को बताया कि अब तक किए गए 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव आए हैं और केवल एक मरीज पॉजिटिव पाया गया है। संपर्क सूची में फिलहाल 100 लोग शामिल हैं, जिनमें 44 स्वास्थ्यकर्मी भी हैं।

निपाह की मौजूदा स्थिति

स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन के अनुसार ताज़ा दौर में 11 परीक्षण नेगेटिव आए हैं, जो संक्रमण के सीमित प्रसार का संकेत देते हैं। संदिग्ध मरीज़ों और उनके संपर्क में आए लोगों के नमूने आपातकालीन आधार पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि वायरस के स्रोत और संक्रमण की गंभीरता की पूरी जानकारी आधिकारिक परीक्षण परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

यह ऐसे समय में आया है जब केरल में निपाह का इतिहास रहा है — राज्य 2018 और 2023 में भी इस वायरस का सामना कर चुका है, जिससे स्वास्थ्य तंत्र की सतर्कता स्वाभाविक रूप से बढ़ी हुई है।

केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल में हो रही गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रखने की बात कही है। मंत्रालय ने राज्य को निपाह के निर्धारित प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। केंद्र ने यह भी भरोसा दिलाया है कि ज़रूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

शिगेला का बढ़ता प्रकोप

निपाह की चिंताओं के बीच केरल एक और स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार 1 जनवरी से अब तक राज्य में शिगेला बैक्टीरिया के 135 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 68 मामले कोझिकोड ज़िले में हैं। अब तक इस संक्रमण से 3 मौतें हो चुकी हैं — पहली मौत मार्च में हुई, दूसरी कोझिकोड में एक बच्चे की और तीसरी एक 59 वर्षीय महिला की।

गौरतलब है कि शिगेला के नए मामले अब अन्य ज़िलों में भी सामने आने लगे हैं। फिलहाल 4 बच्चे ICU में हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने स्कूलों के कुओं की जाँच के निर्देश जारी किए हैं।

आम जनता पर असर और सरकारी अपील

स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने स्पष्ट किया कि हालात नियंत्रण में हैं और घबराने की ज़रूरत नहीं है। पूरे राज्य में निगरानी और बचाव उपाय तेज़ कर दिए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

आगे क्या होगा

NIV पुणे के परीक्षण परिणाम आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केरल स्वास्थ्य विभाग के बीच लगातार समन्वय जारी है। राज्य में दोहरे स्वास्थ्य संकट — निपाह और शिगेला — के प्रबंधन पर स्वास्थ्य तंत्र की परीक्षा अगले कुछ दिनों में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शिगेला के 135 मामले और 3 मौतें यह सवाल उठाती हैं कि जल-स्रोत निगरानी में कहाँ चूक हुई। स्कूलों के कुओं की जाँच का निर्देश देर से आया जान पड़ता है। NIV पुणे के परिणाम और केंद्र-राज्य समन्वय की गति ही तय करेगी कि यह 'काबू में' की स्थिति वास्तविकता है या आश्वासन।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में निपाह वायरस की अभी क्या स्थिति है?
14 जून तक केरल में किए गए 30 निपाह परीक्षणों में से 29 नेगेटिव आए हैं और केवल एक मरीज पॉजिटिव पाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के अनुसार हालात नियंत्रण में हैं और संपर्क सूची में 100 लोगों की निगरानी जारी है।
निपाह के संदिग्ध नमूने कहाँ भेजे गए हैं?
संदिग्ध मरीज़ों और उनके संपर्क में आए लोगों के नमूने आपातकालीन आधार पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे गए हैं। परिणाम आने के बाद ही वायरस के स्रोत और संक्रमण की गंभीरता की पूरी जानकारी मिल सकेगी।
केरल में शिगेला प्रकोप कितना गंभीर है?
1 जनवरी से अब तक केरल में शिगेला बैक्टीरिया के 135 मामले सामने आए हैं और 3 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक 68 मामले कोझिकोड में हैं, और 4 बच्चे ICU में हैं जिनमें 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
केंद्र सरकार ने केरल को क्या निर्देश दिए हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल को निपाह के निर्धारित प्रोटोकॉल और SOP का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय केरल स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार संपर्क में है और ज़रूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद देने का भरोसा दिलाया है।
क्या केरल के लोगों को निपाह या शिगेला से घबराना चाहिए?
स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने स्पष्ट किया है कि घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें और अफवाहों से बचें।
राष्ट्र प्रेस
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