केरल में निपाह संदिग्ध मामला और वायनाड में शिगेला प्रकोप, 9 पुष्ट केस; स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर
सारांश
मुख्य बातें
केरल में 12 जून 2025 को एक साथ दो संक्रामक खतरे सामने आए हैं — एक ओर निपाह वायरस का नया संदिग्ध मामला दर्ज किया गया है, तो दूसरी ओर वायनाड जिले में शिगेला बैक्टीरिया का प्रकोप जारी है और पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। इन दोनों खतरों के मद्देनज़र राज्य एवं केंद्र सरकार ने निगरानी और रोकथाम के उपायों को युद्धस्तर पर तेज़ कर दिया है।
निपाह वायरस: क्या है ताज़ा स्थिति
केरल में निपाह के एक नए संदिग्ध मामले की सूचना मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य में हो रही गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रखना शुरू कर दिया है। संदिग्ध मरीज़ों और उनके संपर्क में आए लोगों के नमूने आपातकालीन आधार पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण की गंभीरता और वायरस के स्रोत की पुष्टि आधिकारिक परीक्षण परिणाम आने के बाद ही की जा सकेगी।
केंद्र सरकार ने राज्य को निपाह से बचाव के निर्धारित प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया है कि ज़रूरत पड़ने पर तकनीकी सहायता और विशेषज्ञों का सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि हालात नियंत्रण में हैं और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र रख रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय रोकथाम उपायों की समीक्षा के लिए केरल स्वास्थ्य विभाग के साथ निरंतर संपर्क में है।
वायनाड में शिगेला प्रकोप: मुख्य घटनाक्रम
वायनाड में शिगेला संक्रमण के पुष्ट मामले बढ़कर 9 हो गए हैं और आज और परीक्षण परिणाम आने की उम्मीद है। कोलियाडी स्कूल के 502 बच्चों में संक्रमण से जुड़े लक्षण दिखने के बाद उनका उपचार किया गया था। फिलहाल 47 लोग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। गौरतलब है कि शिगेला के नए मामले अब दूसरे जिलों से भी सामने आने लगे हैं, जिससे प्रकोप के विस्तार की आशंका बढ़ी है।
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तीन पंचायतों और सुल्तान बथेरी नगरपालिका क्षेत्र के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों को सलाह दी है कि जब तक स्थिति में सुधार न हो, बच्चों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में न ले जाएँ।
आम जनता पर असर और एहतियाती कदम
प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल ज़मीनी स्तर पर जाँच, निगरानी और जागरूकता अभियान चला रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना कारण भयभीत हुए स्वास्थ्य विभाग की दिशानिर्देशों का पालन करें। यह ऐसे समय में आया है जब केरल पहले भी निपाह के कई प्रकोपों का सामना कर चुका है — 2018, 2021 और 2023 में राज्य में निपाह के मामले दर्ज हुए थे।
क्या होगा आगे
NIV पुणे के परीक्षण परिणाम आने के बाद निपाह के संदिग्ध मामले की पुष्टि या खंडन हो सकेगा। इसी के आधार पर राज्य सरकार अगले कदम तय करेगी। शिगेला के मामले में भी आज आने वाले नए परीक्षण परिणाम स्थिति की वास्तविक गंभीरता स्पष्ट करेंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों संक्रमणों पर त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया ही प्रकोप को सीमित रखने की कुंजी है।