केरल में निपाह वायरस: 30 में से 29 परीक्षण नेगेटिव, स्वास्थ्य मंत्री बोले — घबराएं नहीं
सारांश
मुख्य बातें
केरल में निपाह वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। 14 जून 2025 को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने पुष्टि की कि अब तक किए गए 30 परीक्षणों में से 29 नेगेटिव पाए गए हैं और केवल एक मरीज पॉजिटिव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
संपर्क सूची और परीक्षण की स्थिति
स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन के अनुसार, वर्तमान में संपर्क सूची में 100 लोग शामिल हैं, जिनमें से 44 स्वास्थ्यकर्मी हैं। ताज़ा दौर में 11 परीक्षण नेगेटिव आए हैं। संदिग्ध मरीज़ों के नमूने विस्तृत जाँच के लिए आपातकालीन आधार पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण की गंभीरता और वायरस के स्रोत की स्पष्ट जानकारी आधिकारिक परिणाम आने के बाद ही सामने आ सकेगी।
शिगेला का प्रकोप: कोझिकोड सबसे अधिक प्रभावित
निपाह की निगरानी के बीच केरल एक और स्वास्थ्य चुनौती से जूझ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से अब तक राज्य में शिगेला बैक्टीरिया के 135 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 68 मामले अकेले कोझिकोड में हैं। अब तक 3 मौतें हो चुकी हैं — पहली मार्च में, दूसरी कोझिकोड में एक बच्चे की और तीसरी एक 59 वर्षीय महिला की। चार बच्चे आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, हालाँकि उन्हें बचाने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने स्कूलों के कुओं की जाँच के निर्देश भी जारी किए हैं।
केंद्र सरकार की सक्रियता
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि केरल में हो रही गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। मंत्रालय ने राज्य को निपाह से बचाव के निर्धारित प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय केरल स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार संपर्क में है और ज़रूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों का सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया गया है।
आम जनता के लिए सलाह
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें और अफ़वाहों से बचें। यह ऐसे समय में आया है जब केरल पहले भी — 2018 और 2023 में — निपाह के प्रकोप से प्रभावित हो चुका है, जिससे राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को त्वरित प्रतिक्रिया देने का अनुभव है। राज्य भर में निगरानी और बचाव के उपाय तेज़ कर दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
NIV पुणे से परीक्षण परिणाम जल्द से जल्द प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। शिगेला के नए मामले अन्य ज़िलों से भी सामने आने लगे हैं, जिससे राज्यव्यापी सतर्कता और अधिक ज़रूरी हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं और कोई भी नया घटनाक्रम सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।