केरल में 50 लाख छात्र लौटे स्कूल, 3 लाख से अधिक बच्चों का पहली बार दाखिला
सारांश
मुख्य बातें
केरल में दो महीने की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद सोमवार, 1 जून 2026 को स्कूलों के दरवाज़े फिर से खुल गए, और लगभग 50 लाख छात्र अपनी कक्षाओं में लौट आए। इस वर्ष 3 लाख से अधिक बच्चे पहली बार किसी स्कूल में दाखिला ले रहे हैं, जिसने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। स्कूलों का यह पुनः आरंभ केरल के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में गिना जाता है।
राज्य-स्तरीय उद्घाटन समारोह
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने तिरुवनंतपुरम के पट्टम स्थित सरकारी मॉडल गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में राज्य-स्तरीय समारोह का उद्घाटन कर नए शैक्षणिक वर्ष की औपचारिक शुरुआत की। नए राज्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने इस अवसर पर बच्चों को मिठाइयाँ बाँटीं।
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) सरकार के कार्यकाल में 'प्रवेशोत्सवम' एक भव्य उत्सव के रूप में मनाया जाता था। इस वर्ष नई सरकार ने जानबूझकर सादगीपूर्ण आयोजन को प्राथमिकता दी।
सादगी भरा 'प्रवेशोत्सवम'
सरकार ने भव्य आयोजनों की जगह शैक्षणिक तैयारियों और छात्र-कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया। शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री का वितरण स्कूल खुलने से पहले ही पूरा कर लिया गया था, ताकि पहले दिन से ही पठन-पाठन सुचारू रूप से शुरू हो सके।
यह बदलाव नई सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है — उत्सव की चमक-दमक से परे, ज़मीनी तैयारी पर ज़ोर।
सोशल मीडिया पर छाए बच्चे
पूरे केरल में अभिभावकों और शिक्षकों ने बच्चों की पहले दिन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए, जो देखते-देखते वायरल हो गए। नई वर्दी, नए बस्ते और उत्सुक चेहरों की झलकियाँ राज्यभर में भावनात्मक लहर बन गईं।
आम जनता पर असर
केरल के लिए 1 जून का यह दिन केवल स्कूलों के पुनः खुलने का प्रतीक नहीं है — यह उन सामाजिक लय और दिनचर्याओं की वापसी है जो इस राज्य के सामूहिक जीवन को एक विशिष्ट पहचान देती हैं। 3 लाख से अधिक नए विद्यार्थियों का पहली बार स्कूल में कदम रखना इस सत्र को आँकड़ों से परे एक सामाजिक घटना बनाता है।
आने वाले हफ्तों में स्कूलों में नई कक्षाओं की व्यवस्था, शिक्षक-छात्र अनुपात और बुनियादी ढाँचे की स्थिति पर नज़र रहेगी।