12 अक्टूबर 2026
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सूरत साइबर क्राइम: केरल की महिला ₹13.10 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में गिरफ्तार

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सूरत साइबर क्राइम: केरल की महिला ₹13.10 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी में गिरफ्तार

सारांश

सूरत साइबर क्राइम शाखा ने केरल की एक महिला को ₹13.10 लाख की ऑनलाइन निवेश ठगी में दबोचा — फर्जी वेबसाइट, जाली सेबी दस्तावेज़ और मैसेजिंग ऐप ग्रुप के ज़रिए बिछाया गया जाल। एक खाते से जुड़ी 12 राज्यों की शिकायतें बताती हैं कि यह कोई अकेला मामला नहीं।

मुख्य बातें

सूरत साइबर क्राइम शाखा ने केरल की 46 वर्षीय महिला सलीना थाडियान को 12 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया।
पीड़ित से ₹13.10 लाख शेयर ट्रेडिंग में 5% से अधिक रिटर्न का वादा कर ठगे गए।
आरोपी के बैंक खाते में 9 जनवरी से 29 जुलाई 2026 के बीच ₹39.70 लाख का लेन-देन; ₹33.40 लाख संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी की रकम।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस खाते से जुड़ी 12 शिकायतें ; 4 एफआईआर विभिन्न राज्यों में दर्ज।
आरोपियों ने सेबी के जाली दस्तावेज़ और फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल किया।

सूरत शहर पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने 12 अक्टूबर 2026 को केरल से एक 46 वर्षीय महिला को कथित तौर पर ₹13.10 लाख की ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया। आरोप है कि इस ठगी में पीड़ित को शेयर ट्रेडिंग के ज़रिए पाँच प्रतिशत से अधिक रिटर्न का लालच दिया गया और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के जाली दस्तावेज़ों का भी इस्तेमाल किया गया।

आरोपी की पहचान और भूमिका

गिरफ्तार महिला की पहचान सलीना थाडियान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सलीना ने कथित तौर पर अपने बेटे के साथ मिलकर एक फर्म स्थापित की और उसके नाम पर फेडरल बैंक में एक संयुक्त चालू खाता खोला। इस खाते का इस्तेमाल फरार आरोपियों को साइबर धोखाधड़ी की रकम अवैध रूप से स्थानांतरित करने के लिए करने दिया गया, जिसके बदले में उन्हें प्रत्येक लेनदेन पर तीन प्रतिशत कमीशन मिलती थी।

पुलिस ने बताया कि 9 जनवरी से 29 जुलाई 2026 के बीच इस खाते में कुल ₹39.70 लाख का लेन-देन दर्ज किया गया। इनमें से ₹33.40 लाख संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी की रकम के रूप में जमा हुए थे।

धोखाधड़ी का तरीका

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता को पहले एक मैसेजिंग ऐप के ग्रुप में जोड़ा और आकर्षक मुनाफे के दावे कर उसे अपनी कथित कंपनी के ज़रिए शेयर खरीदने के लिए राज़ी किया। इसके बाद उन्होंने एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा और पीड़ित को उस पर रजिस्ट्रेशन करवाया। आरोप है कि इस फर्जी प्लेटफॉर्म का मकसद पीड़ित को यह विश्वास दिलाना था कि वह वास्तव में शेयर ट्रेडिंग से भारी मुनाफा कमा रहा है।

गौरतलब है कि आरोपियों ने सेबी के नाम पर जाली दस्तावेज़ भी प्रसारित किए, जिनमें 27 जुलाई 2026 की तारीख वाला एक फर्जी लेटरहेड भी शामिल था। इस तरह सरकारी संस्था का नाम इस्तेमाल कर पीड़ित का विश्वास जीतने की कोशिश की गई।

राष्ट्रव्यापी शिकायतें और एफआईआर

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस बैंक खाते की जाँच में विभिन्न राज्यों से 12 शिकायतें सामने आईं। पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में चार एफआईआर पहले से दर्ज थीं। यह मामला केवल सूरत तक सीमित नहीं, बल्कि एक व्यापक साइबर ठगी नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

पैसा रोका, मामला दर्ज

शिकायतकर्ता को कथित तौर पर आरोपियों के बताए खातों में ₹13.10 लाख ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया गया। जब पीड़ित ने बाद में निकासी का अनुरोध किया, तो धनराशि जारी नहीं की गई और सभी संपर्क बंद कर दिए गए, जिसके बाद साइबर अपराध का मामला दर्ज हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है।

सूरत साइबर क्राइम शाखा मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि जाँच एजेंसियाँ अक्सर क्षेत्राधिकार की दीवारों में उलझी रहती हैं। सेबी के नाम पर जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल चिंताजनक है — यह नियामक की साख को हथियार बनाना है। असली सवाल यह है कि फरार मुख्य आरोपी अब भी खुले हैं, और अब तक कितने और पीड़ित चुप हैं।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत साइबर क्राइम शाखा ने किसे और किस मामले में गिरफ्तार किया?
सूरत साइबर क्राइम शाखा ने केरल की 46 वर्षीय महिला सलीना थाडियान को ₹13.10 लाख की ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने अपने बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी की रकम के अवैध हस्तांतरण के लिए करने दिया।
इस निवेश धोखाधड़ी का शिकार कैसे बनाया गया?
आरोपियों ने पहले पीड़ित को एक मैसेजिंग ऐप ग्रुप में जोड़ा और 5% से अधिक रिटर्न का लालच दिया। इसके बाद फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया और सेबी के जाली दस्तावेज़ भेजकर विश्वास जीता, फिर ₹13.10 लाख ट्रांसफर करवाए।
इस खाते से कितने राज्यों में शिकायतें आई हैं?
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस खाते से जुड़ी विभिन्न राज्यों से 12 शिकायतें दर्ज हुई हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में चार एफआईआर भी दर्ज की गई थीं।
सलीना थाडियान को धोखाधड़ी से क्या फायदा हुआ?
पुलिस के अनुसार सलीना को प्रत्येक लेनदेन पर तीन प्रतिशत कमीशन मिलती थी। उनके खाते में 9 जनवरी से 29 जुलाई 2026 के बीच ₹39.70 लाख का कुल लेन-देन दर्ज हुआ, जिसमें ₹33.40 लाख संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी की रकम थी।
ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?
किसी भी अनजान मैसेजिंग ग्रुप में शेयर ट्रेडिंग सलाह पर भरोसा न करें और असामान्य रूप से ऊँचे रिटर्न के वादे से सतर्क रहें। सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर किसी भी दस्तावेज़ या कंपनी की प्रामाणिकता जाँचें और साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करें।
राष्ट्र प्रेस
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