15 जुलाई 2026
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खन्ना में मनरेगा मजदूरों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज, राजा वड़िंग ने भगवंत मान सरकार को घेरा

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खन्ना में मनरेगा मजदूरों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज, राजा वड़िंग ने भगवंत मान सरकार को घेरा

सारांश

खन्ना में 8 महीने की बकाया मजदूरी माँग रहे मनरेगा कर्मचारियों पर भगवंत मान सरकार ने आंसू गैस और लाठीचार्ज करवाया — यह वही सरकार है जो मजदूरों के साथ खड़े होने का दावा करती थी। पंजाब कांग्रेस ने इसे AAP का 'मजदूर-विरोधी चेहरा' बताया।

मुख्य बातें

15 जुलाई को खन्ना, लुधियाना में मनरेगा कर्मचारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया।
प्रदर्शनकारी 8 महीने की बकाया मनरेगा मजदूरी की माँग कर रहे थे।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक्स पर पोस्ट कर भगवंत मान सरकार की कड़ी निंदा की।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बकाया मजदूरी के तत्काल भुगतान और निष्पक्ष जाँच की माँग की।
भगवंत मान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पंजाब के लुधियाना जिले के खन्ना में 15 जुलाई को मनरेगा कर्मचारियों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारी मजदूर 8 महीने की बकाया मजदूरी की माँग को लेकर सड़क पर उतरे थे। इस कार्रवाई की पंजाब कांग्रेस ने कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को मजदूर-विरोधी करार दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

खन्ना में एकत्र हुए मनरेगा कर्मचारी सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए शांतिपूर्वक अपनी बकाया मजदूरी की माँग कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गईं।

राजा वड़िंग की प्रतिक्रिया

पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'खन्ना का यह वीडियो देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। लोग शांति से सतनाम वाहेगुरु का नारा लगा रहे थे और बकाया मनरेगा मजदूरी की माँग कर रहे थे। उनकी बात सुनने के बजाय मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने आंसू गैस के गोले छोड़े।'

वड़िंग ने आगे कहा कि जब अपनी मेहनत की कमाई माँगने वाले मजदूरों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जाता है, तो यह सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा, 'जो सरकार किसानों और मजदूरों के साथ खड़ी होने का दावा करती है, उसे उनकी आवाज़ सुननी चाहिए, न कि उन्हें जबरदस्ती चुप कराना चाहिए। पंजाब दया, जवाबदेही और न्याय का हकदार है, दबाव का नहीं।'

कांग्रेस नेता रंधावा का बयान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 8 महीने से मनरेगा के कच्चे मजदूर अपनी मेहनत की कमाई का इंतज़ार कर रहे हैं, और जब वे शांति से अपना हक माँगने बैठे तो उनका सामना बातचीत से नहीं, बल्कि आंसू गैस और पुलिस कार्रवाई से हुआ।

रंधावा ने माँग की कि सरकार मजदूरों की बकाया मजदूरी तत्काल अदा करे और इस घटना की निष्पक्ष जाँच का आदेश दे। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में अपना हक माँगना कोई जुर्म नहीं हो सकता।'

आम जनता और मजदूरों पर असर

मनरेगा कर्मचारियों की 8 महीने की बकाया मजदूरी का मुद्दा पंजाब में श्रमिक वर्ग के लिए गंभीर आर्थिक संकट बन चुका है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने सत्ता में आने से पहले मजदूरों और किसानों के अधिकारों की रक्षा का वादा किया था। इस घटना ने उस वादे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या होगा आगे

कांग्रेस ने इस मुद्दे को विधानसभा और सड़क — दोनों मंचों पर उठाने के संकेत दिए हैं। मजदूर संगठनों की ओर से आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी दी गई है। भगवंत मान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों मिलकर एक गंभीर प्रशासनिक विफलता की तस्वीर बनाते हैं। विडंबना यह है कि AAP ने कांग्रेस पर ठीक इसी तरह के मजदूर-विरोधी रवैये का आरोप लगाकर सत्ता हासिल की थी। जब तक सरकार बकाया भुगतान और जाँच पर ठोस कदम नहीं उठाती, यह मुद्दा विपक्ष के लिए राजनीतिक हथियार बना रहेगा।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खन्ना में मनरेगा मजदूरों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ?
मनरेगा कर्मचारी 8 महीने की बकाया मजदूरी की माँग को लेकर खन्ना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारी सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए अपनी बात रख रहे थे।
राजा वड़िंग ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने मजदूरों की बात सुनने के बजाय उन पर आंसू गैस चलाई, जो सरकार की मजदूर-विरोधी प्राथमिकताओं को उजागर करता है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही और न्याय की माँग की।
मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी कितने समय से लंबित है?
कांग्रेस नेताओं के बयानों के अनुसार, मनरेगा के कच्चे मजदूरों की मजदूरी 8 महीने से बकाया है। यह आर्थिक संकट ही प्रदर्शन की मुख्य वजह बना।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने क्या माँग की?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भगवंत मान सरकार से मजदूरों की बकाया मजदूरी तत्काल अदा करने और घटना की निष्पक्ष जाँच का आदेश देने की माँग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपना हक माँगना जुर्म नहीं है।
खन्ना लाठीचार्ज पर भगवंत मान सरकार का क्या रुख है?
इस घटना पर अब तक भगवंत मान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को आगे भी उठाने के संकेत दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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