15 सितंबर 2026
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किशाऊ बांध MOU: 6 राज्यों की सहमति से यमुना में बढ़ेगा पानी, हरियाणा को मिलेगा 1,280 क्यूसेक हिस्सा

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किशाऊ बांध MOU: 6 राज्यों की सहमति से यमुना में बढ़ेगा पानी, हरियाणा को मिलेगा 1,280 क्यूसेक हिस्सा

सारांश

सालों से लटका किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट आखिरकार आगे बढ़ा — छह राज्यों के बीच MOU पर हस्ताक्षर हुए। हरियाणा को तीनों परियोजनाओं से 1,280 क्यूसेक और कुल 1,143 MCM पानी मिलने का रास्ता साफ हुआ। यमुना बेसिन की जल-सुरक्षा के लिए यह एक बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर 15 सितंबर 2026 को 6 राज्यों के बीच MOU पर हस्ताक्षर हुए।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की; हरियाणा, UP, उत्तराखंड, हिमाचल, दिल्ली, राजस्थान शामिल।
तीनों परियोजनाओं से यमुना में 2,676 क्यूसेक अतिरिक्त जल, जिसमें हरियाणा का हिस्सा 1,280 क्यूसेक ।
हरियाणा का कुल जल हिस्सा लगभग 1,143 MCM ; यमुना जल में राज्य का कुल हिस्सा 48% ।
रेणुका-जी और लखवार प्रोजेक्ट पर निर्माण जारी; किशाऊ पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 15 सितंबर 2026 को कहा कि किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर छह राज्यों के बीच हुए समझौते (MOU) पर हस्ताक्षर एक निर्णायक उपलब्धि है, जिससे यमुना नदी में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और हरियाणा को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने इसे सालों से लटके एक अहम मुद्दे के समाधान की दिशा में मील का पत्थर बताया।

बैठक में शामिल राज्य और अहम फैसले

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान — कुल छह राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में किशाऊ प्रोजेक्ट को लेकर आम सहमति बनाई गई और MOU पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सक्रिय कोशिशों से इस मुद्दे पर राज्यों के बीच आम सहमति बनाने का रास्ता साफ हो गया है, जो सालों से लंबित था।'

हरियाणा को कितना मिलेगा पानी

मुख्यमंत्री सैनी के अनुसार, यमुना नदी के कुल जल में हरियाणा का हिस्सा 48 प्रतिशत है। तीनों प्रमुख परियोजनाओं — रेणुका-जी, लखवार और किशाऊ — से हरियाणा का संयुक्त हिस्सा लगभग 1,143 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) होगा। तीनों परियोजनाएँ मिलकर यमुना में पानी की उपलब्धता में 2,676 क्यूसेक की बढ़ोतरी करेंगी, जिसमें से 1,280 क्यूसेक हरियाणा को प्राप्त होंगे।

रेणुका-जी और लखवार की वर्तमान स्थिति

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि रेणुका-जी और लखवार प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य पहले से ही जारी है। अब किशाऊ प्रोजेक्ट पर भी शीघ्र काम शुरू होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि ये तीनों परियोजनाएँ यमुना बेसिन की जल-सुरक्षा के लिए दशकों पुरानी योजनाओं का हिस्सा रही हैं, जो राज्यों के बीच आम सहमति न बन पाने के कारण आगे नहीं बढ़ पाई थीं।

केंद्रीय मंत्रियों का आभार

मुख्यमंत्री सैनी ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का भी धन्यवाद किया और कहा कि पाटिल ने संबंधित राज्यों और विभागों के साथ निरंतर समन्वय कर इस परियोजना को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

आगे की राह

किशाऊ प्रोजेक्ट पर MOU के बाद अब निर्माण की समयसीमा और वित्तपोषण के ब्यौरे सामने आने की प्रतीक्षा है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई राज्य गर्मियों में पानी की गंभीर कमी का सामना करते हैं और यमुना बेसिन का जल-प्रबंधन राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुका है। तीनों परियोजनाओं के पूरा होने पर करोड़ों लोगों को पेयजल और सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

रेणुका-जी और लखवार — ये तीनों परियोजनाएँ दशकों से फाइलों में बंद थीं, और इस MOU को ऐतिहासिक बताने से पहले यह देखना ज़रूरी है कि सहमति से क्रियान्वयन तक का रास्ता कितना कठिन है। अंतर-राज्यीय जल विवादों में MOU अक्सर पहला नहीं, बल्कि सबसे आसान कदम होता है — असली परीक्षा निर्माण की समयसीमा, वित्तपोषण और जल-वितरण के ऑडिट में है। यमुना बेसिन के करोड़ों लोगों के लिए यह समझौता तभी सार्थक होगा जब बाँधों का पानी वास्तव में खेतों और नलों तक पहुँचे — घोषणाओं में नहीं।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट क्या है?
किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट यमुना नदी पर प्रस्तावित एक बहुउद्देशीय बाँध परियोजना है, जिसका उद्देश्य उत्तर भारत के कई राज्यों को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराना है। 15 सितंबर 2026 को छह राज्यों ने इस परियोजना पर MOU पर हस्ताक्षर किए।
किशाऊ बांध MOU में कौन-कौन से राज्य शामिल हैं?
हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान — ये छह राज्य इस MOU के हस्ताक्षरकर्ता हैं। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की।
हरियाणा को किशाऊ प्रोजेक्ट से कितना पानी मिलेगा?
तीनों परियोजनाओं — रेणुका-जी, लखवार और किशाऊ — से मिलाकर हरियाणा को कुल लगभग 1,143 MCM पानी मिलेगा। तीनों परियोजनाएँ यमुना में 2,676 क्यूसेक अतिरिक्त जल जोड़ेंगी, जिसमें 1,280 क्यूसेक हरियाणा का हिस्सा होगा।
रेणुका-जी और लखवार प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति क्या है?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, रेणुका-जी और लखवार प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य पहले से ही चल रहा है। किशाऊ प्रोजेक्ट पर भी जल्द काम शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
यमुना नदी के जल में हरियाणा का कुल हिस्सा कितना है?
मुख्यमंत्री सैनी के अनुसार यमुना नदी के कुल जल में हरियाणा का हिस्सा 48 प्रतिशत है। MOU पर हस्ताक्षर के बाद अब इस हिस्से को सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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