केटीआर का राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर तंज: 'वोट चोरी' विरोध मार्च को बताया कांग्रेस की हरकत
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मंत्री केटी रामाराव (केटीआर) ने 31 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर तीखा व्यंग्यात्मक हमला बोला। यह प्रतिक्रिया नई दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाले इंडिया गठबंधन के 'वोट चोरी' विरोध मार्च की पूर्व संध्या पर आई है।
केटीआर का व्यंग्य बाण
केटीआर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कल दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें एक 'विधायक-चोर' और एक 'वोट-के-बदले-नोट-चोर' शामिल है।' उन्होंने कटाक्ष करते हुए जोड़ा, 'लगता है ये सिर्फ कांग्रेस की हरकत हैं।'
केटीआर ने फेसबुक पर आगे लिखा, 'तेलंगाना में 10 बीआरएस विधायकों को कांग्रेस में शामिल होने के लिए उकसाने वाले राहुल गांधी, अपने 'वोट फॉर नोट' घोटालेबाज रेवंत रेड्डी के साथ देश में वोट चोरी के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। मेरी बात यहीं खत्म होती है। भारतीय लोकतंत्र जिंदाबाद।'
इंडिया गठबंधन का 'चलो दिल्ली' मार्च
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को घोषणा की कि विपक्षी दल 1 नवंबर को मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक 'चलो दिल्ली' मार्च निकालेंगे। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट कर लोगों को आमंत्रित करते हुए लिखा, 'कल मिलते हैं, साथ में टहलते हैं। कनॉट प्लेस, मिंटो रोड जंक्शन-अजमेरी गेट-रामलीला मैदान, 1 नवंबर, दोपहर 12 बजे।'
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कनॉट प्लेस से मार्च निकालने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
रामलीला मैदान पर रैली का एजेंडा
यह मार्च रामलीला मैदान पर समाप्त होगा, जहाँ इंडिया गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रैली आयोजित करने की योजना है। रैली में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया जाएगा और उनके इस्तीफे की मांग की जाएगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब बीआरएस तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के विरुद्ध लगातार विपक्षी दबाव बनाए हुए है। केटीआर का संदर्भ उन 10 बीआरएस विधायकों की ओर है जिनके कथित तौर पर कांग्रेस में शामिल होने को लेकर बीआरएस ने 'दल-बदल' का आरोप लगाया था। रेवंत रेड्डी पर 'वोट फॉर नोट' का संदर्भ पूर्व में उनके खिलाफ दर्ज एक पुराने मामले से जुड़ा है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इंडिया गठबंधन का दिल्ली मार्च कितनी व्यापक राजनीतिक प्रतिध्वनि पैदा करता है और क्या चुनाव आयोग इस विरोध पर कोई प्रतिक्रिया देता है।