1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केटीआर का राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर तंज: 'वोट चोरी' विरोध मार्च को बताया कांग्रेस की हरकत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केटीआर का राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर तंज: 'वोट चोरी' विरोध मार्च को बताया कांग्रेस की हरकत

सारांश

केटीआर ने 'वोट चोरी' विरोध मार्च को ही पलटवार का हथियार बना दिया — राहुल गांधी को 'विधायक-चोर' और रेवंत रेड्डी को 'वोट-के-बदले-नोट-चोर' कहकर। यह व्यंग्य इंडिया गठबंधन के 1 नवंबर के दिल्ली मार्च की पूर्व संध्या पर तेलंगाना की राजनीति की गहरी दरारों को उजागर करता है।

मुख्य बातें

केटीआर ने 31 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर तीखा व्यंग्य किया।
केटीआर ने राहुल गांधी को 'विधायक-चोर' और रेवंत रेड्डी को 'वोट-के-बदले-नोट-चोर' कहा।
इंडिया गठबंधन का 'चलो दिल्ली' मार्च 1 नवंबर को मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित है।
रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाया जाएगा।
दिल्ली पुलिस के अनुसार कनॉट प्लेस से मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मंत्री केटी रामाराव (केटीआर) ने 31 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर तीखा व्यंग्यात्मक हमला बोला। यह प्रतिक्रिया नई दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाले इंडिया गठबंधन के 'वोट चोरी' विरोध मार्च की पूर्व संध्या पर आई है।

केटीआर का व्यंग्य बाण

केटीआर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कल दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें एक 'विधायक-चोर' और एक 'वोट-के-बदले-नोट-चोर' शामिल है।' उन्होंने कटाक्ष करते हुए जोड़ा, 'लगता है ये सिर्फ कांग्रेस की हरकत हैं।'

केटीआर ने फेसबुक पर आगे लिखा, 'तेलंगाना में 10 बीआरएस विधायकों को कांग्रेस में शामिल होने के लिए उकसाने वाले राहुल गांधी, अपने 'वोट फॉर नोट' घोटालेबाज रेवंत रेड्डी के साथ देश में वोट चोरी के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। मेरी बात यहीं खत्म होती है। भारतीय लोकतंत्र जिंदाबाद।'

इंडिया गठबंधन का 'चलो दिल्ली' मार्च

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को घोषणा की कि विपक्षी दल 1 नवंबर को मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक 'चलो दिल्ली' मार्च निकालेंगे। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट कर लोगों को आमंत्रित करते हुए लिखा, 'कल मिलते हैं, साथ में टहलते हैं। कनॉट प्लेस, मिंटो रोड जंक्शन-अजमेरी गेट-रामलीला मैदान, 1 नवंबर, दोपहर 12 बजे।'

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कनॉट प्लेस से मार्च निकालने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी।

रामलीला मैदान पर रैली का एजेंडा

यह मार्च रामलीला मैदान पर समाप्त होगा, जहाँ इंडिया गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रैली आयोजित करने की योजना है। रैली में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया जाएगा और उनके इस्तीफे की मांग की जाएगी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब बीआरएस तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के विरुद्ध लगातार विपक्षी दबाव बनाए हुए है। केटीआर का संदर्भ उन 10 बीआरएस विधायकों की ओर है जिनके कथित तौर पर कांग्रेस में शामिल होने को लेकर बीआरएस ने 'दल-बदल' का आरोप लगाया था। रेवंत रेड्डी पर 'वोट फॉर नोट' का संदर्भ पूर्व में उनके खिलाफ दर्ज एक पुराने मामले से जुड़ा है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इंडिया गठबंधन का दिल्ली मार्च कितनी व्यापक राजनीतिक प्रतिध्वनि पैदा करता है और क्या चुनाव आयोग इस विरोध पर कोई प्रतिक्रिया देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तेलंगाना की राजनीति की उस विडंबना को रेखांकित करता है जहाँ बीआरएस स्वयं विधायक दल-बदल के आरोपों से घिरी पार्टी है और अब नैतिक ऊँचाई से कांग्रेस पर प्रहार कर रही है। इंडिया गठबंधन का 'वोट चोरी' आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग की साख को चुनौती देने की कोशिश है, लेकिन जब उसके सहयोगी खुद आंतरिक विरोधाभासों से जूझ रहे हों, तो यह संदेश कमज़ोर पड़ता है। मुख्यधारा की कवरेज मार्च की लॉजिस्टिक्स पर केंद्रित है, जबकि असली कहानी यह है कि विपक्षी एकता की परत के नीचे तेलंगाना में बीआरएस और कांग्रेस के बीच गहरी खाई बनी हुई है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर क्या आरोप लगाए?
केटीआर ने राहुल गांधी को 'विधायक-चोर' और रेवंत रेड्डी को 'वोट-के-बदले-नोट-चोर' कहा। उनका इशारा तेलंगाना में 10 बीआरएस विधायकों के कांग्रेस में कथित शामिल होने और रेवंत रेड्डी पर पूर्व में लगे 'वोट फॉर नोट' के आरोपों की ओर था।
इंडिया गठबंधन का 'चलो दिल्ली' मार्च क्या है?
यह 1 नवंबर को मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित विरोध मार्च है, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी करेंगे। रैली में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने इस मार्च पर क्या कहा?
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कनॉट प्लेस से मार्च निकालने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इससे मार्च के आयोजन को लेकर कानूनी और प्रशासनिक जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
बीआरएस और कांग्रेस के बीच तेलंगाना में विवाद क्या है?
बीआरएस का आरोप है कि कांग्रेस ने तेलंगाना में उसके 10 विधायकों को कथित तौर पर दल-बदल के लिए प्रेरित किया। इसी पृष्ठभूमि में केटीआर ने इंडिया गठबंधन के 'वोट चोरी' विरोध मार्च को विरोधाभासी करार दिया है।
रामलीला मैदान रैली में इंडिया गठबंधन की मुख्य माँग क्या होगी?
रैली में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया जाएगा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की जाएगी। विपक्षी दल इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवश्यक बता रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले