केटीआर का राहुल गांधी पर बड़ा हमला: तेलंगाना में 420 वादों का जवाब दें, कांग्रेस भ्रष्टाचार पर मौन
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और उन्हें भारतीय राजनीति के सबसे बड़े 'झूठे' नेताओं में से एक बताया। केटीआर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के कथित भ्रष्टाचार पर जानबूझकर चुप्पी साधे हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
केटीआर बीआरएस मुख्यालय तेलंगाना भवन में एक सदस्यता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहाँ खैरताबाद निर्वाचन क्षेत्र के वरिष्ठ अल्पसंख्यक नेता जिब्रान शरीफ का बीआरएस में स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस पर वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए।
रामाराव ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने तेलंगाना की जनता से 420 वादे किए थे — जिनमें 100 दिनों के भीतर 6 गारंटियाँ लागू करने और 13 अलग घोषणाएँ पूरी करने का भरोसा दिया गया था। उनके अनुसार, अब 1,000 से अधिक दिन बीत चुके हैं और वे वादे अधूरे पड़े हैं।
वादाखिलाफी के आरोप
केटीआर ने कई विशिष्ट वादों का हवाला देते हुए कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस ने पहले वर्ष में दो लाख युवाओं को रोजगार देने का जो वादा किया था, उसे किस हद तक पूरा किया गया? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अल्पसंख्यक कल्याण के लिए ₹4,000 करोड़ के बजट आवंटन की प्रतिबद्धता का क्या हुआ।
रामाराव ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार की 'आसरा' पेंशन को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹4,000 करने का वादा भी पूरा नहीं हुआ। इसी तरह किसानों को प्रति एकड़ ₹10,000 के स्थान पर ₹15,000 देने के चुनावी वादे की भी अनदेखी की गई।
भ्रष्टाचार पर सरकार की प्रतिक्रिया
केटीआर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के प्रशासन में एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के परिवारों से जुड़े भूमि सौदों और व्यापारिक समझौतों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इसलिए चुप हैं क्योंकि उन्हें भी इसमें हिस्सेदारी मिल रही है और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी उनका 'एटीएम कार्ड' बन गए हैं। गौरतलब है कि इन आरोपों को कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक खंडन नहीं किया गया।
राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर सवाल
केटीआर ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी देशभर में 'छात्रों की गूंज' जैसी पहलों के लिए यात्राएँ तो करते हैं, लेकिन तेलंगाना में कदम रखने का साहस नहीं जुटा पाते। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में कांग्रेस की सरकार है, वहाँ राहुल गांधी का कोई अता-पता नहीं है — यह खुद उनकी पार्टी के प्रशासन की विफलता की स्वीकृति है।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल कांग्रेस पार्टी देश में सांप्रदायिक राजनीति रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और उसके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक मुकाबला करने की ताकत नहीं है।
बीआरएस की वापसी का दावा
केटीआर ने विश्वास जताया कि जनता में मौजूदा कांग्रेस सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि बीआरएस अगले डेढ़ साल के भीतर सत्ता में वापसी करेगी और पार्टी प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) 2028 में पुनः मुख्यमंत्री बनेंगे। बीआरएस का दावा है कि वह तेलंगाना को देश का नंबर एक राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी 2023 की चुनावी हार के बाद अपनी संगठनात्मक पुनर्रचना में जुटी है।