3 अगस्त 2026
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केटीआर की चेतावनी: तेलंगाना में 2 लाख नौकरियों का वादा न निभाने पर राहुल गांधी के आवास पर घेराबंदी करेगी बीआरएस

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केटीआर की चेतावनी: तेलंगाना में 2 लाख नौकरियों का वादा न निभाने पर राहुल गांधी के आवास पर घेराबंदी करेगी बीआरएस

सारांश

बीआरएस के केटीआर ने सोमवार को कांग्रेस पर तेलंगाना के युवाओं से किए वादे तोड़ने का आरोप लगाया — दो साल में 2 लाख की जगह 10,000 नौकरियाँ भी नहीं भरीं। खम्मम में एक छात्र के आत्महत्या के प्रयास का हवाला देते हुए उन्होंने राहुल गांधी के आवास पर घेराबंदी की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने 3 अगस्त को राहुल गांधी के दिल्ली आवास पर घेराबंदी की चेतावनी दी।
कांग्रेस ने पहले साल में 2 लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन दो वर्षों में 10,000 पद भी नहीं भरे गए।
पुलिस विभाग में 20,000 रिक्तियाँ होने के बावजूद सरकार ने केवल 7,000 पदों की अधिसूचना जारी की।
खम्मम में वेणु नामक छात्र ने TSPSC अधिसूचना में देरी से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया।
तेलंगाना 'व्यापार करने में आसानी' रैंकिंग में 13वें स्थान पर खिसका — कांग्रेस शासन में गिरावट का आरोप।
बीआरएस ने पेपर लीक विरोधी विधेयक का स्वागत किया, लेकिन क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने सोमवार, 3 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास की घेराबंदी करने की चेतावनी दी। केटीआर का आरोप है कि तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने 2 लाख नौकरियों सहित चुनाव पूर्व किए गए तमाम वादों को पूरा नहीं किया है।

मुख्य आरोप: नौकरियों का वादा, खोखला साबित

केटीआर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस के युवा घोषणापत्र में पहले वर्ष में 2 लाख नौकरियाँ देने का वादा किया गया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी 10,000 नौकरियाँ तक नहीं भरी गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में 20,000 रिक्तियाँ होने के बावजूद सरकार ने केवल 7,000 पदों के लिए अधिसूचना जारी की है।

उन्होंने तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TSPSC) द्वारा ग्रुप 1-4 की अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी का भी उल्लेख किया और कहा कि खम्मम जिले में वेणु नाम के एक छात्र ने इसी देरी से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया है और वह अभी अपनी जान के लिए लड़ रहा है।

राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर सीधा हमला

केटीआर ने कहा, 'राहुल गांधी कहाँ हैं जबकि यहाँ के युवा आत्महत्या कर रहे हैं? तेलंगाना के युवा जवाबदेही चाहते हैं और वे चुप नहीं रहेंगे।' उन्होंने तर्क दिया कि यह सुसाइड नोट कांग्रेस के 'अक्षम और अयोग्य शासन' के विरुद्ध एक आरोप-पत्र की तरह है।

उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा इंजीनियरों को 'आपराधिक बर्बादी' कहे जाने की भी कड़ी आलोचना की और राहुल गांधी की इस पर चुप्पी पर सवाल उठाया। केटीआर ने कहा कि जब दूसरे राज्यों में लाठीचार्ज होता है तो राहुल गांधी घटनास्थल पर पहुँच जाते हैं, लेकिन कांग्रेस शासित राज्यों में वे कभी नहीं आते।

व्यापार सूचकांक और तकनीकी क्षेत्र में गिरावट

केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद तेलंगाना 'व्यापार करने में आसानी' (Ease of Doing Business) के मामले में 13वें स्थान पर खिसक गया है। उन्होंने नैसकॉम और एसटीपीआई के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोज़गार भी घटे हैं। उन्होंने कैबिनेट मंत्रियों और उनके सहयोगियों पर जबरन वसूली के आरोपों को भी इस गिरावट का कारण बताया।

पेपर लीक विरोधी विधेयक पर बीआरएस का रुख

संसद में पारित पेपर लीक विरोधी विधेयक पर केटीआर ने कहा कि बीआरएस ने इसका स्वागत किया है क्योंकि बच्चों के हित में कोई भी कदम सकारात्मक है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अकेले कानून बनाने से कुछ नहीं बदलता — असली सवाल यह है कि इसे कौन और कैसे लागू करेगा, और केंद्र राज्यों के साथ किस तरह समन्वय करेगा।

आगे क्या होगा

बीआरएस ने वादा किया है कि सत्ता में लौटने पर वह नौकरी की सभी रिक्तियाँ भरेगी। केटीआर ने बेरोज़गार युवाओं से अपील की कि वे अपनी जान देने की कोशिश न करें। छात्रों ने अपने हस्तलिखित नोट में राहुल गांधी, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर वार्षिक नौकरी कैलेंडर पेश करने की माँग की है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस सरकार इस बढ़ते दबाव का किस तरह जवाब देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे उसकी नैतिक स्थिति कमज़ोर होती है। वेणु जैसे छात्रों के मामले यह रेखांकित करते हैं कि नौकरी कैलेंडर की माँग अब राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय ज़रूरत बन चुकी है। कांग्रेस और बीआरएस दोनों के लिए असली परीक्षा यह है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की इच्छाशक्ति किसके पास है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केटीआर ने राहुल गांधी के आवास पर घेराबंदी की धमकी क्यों दी?
केटीआर ने यह चेतावनी इसलिए दी क्योंकि उनके अनुसार तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने पहले साल में 2 लाख नौकरियाँ देने के वादे को दो साल बाद भी पूरा नहीं किया है। उन्होंने इसे युवाओं के साथ विश्वासघात बताया।
तेलंगाना में नौकरी भर्ती की स्थिति क्या है?
केटीआर के अनुसार, दो साल में 10,000 नौकरियाँ भी नहीं भरी गई हैं। पुलिस विभाग में 20,000 रिक्तियाँ होने के बावजूद केवल 7,000 पदों की अधिसूचना जारी हुई है और TSPSC की ग्रुप 1-4 अधिसूचना में भी देरी हो रही है।
खम्मम में वेणु का मामला क्या है?
खम्मम जिले के वेणु नामक छात्र ने TSPSC द्वारा ग्रुप 1-4 की अधिसूचना जारी करने में देरी से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया। केटीआर ने बताया कि वह अभी भी अपनी जान के लिए लड़ रहा है।
तेलंगाना की 'व्यापार करने में आसानी' रैंकिंग में क्या बदलाव आया है?
केटीआर के अनुसार कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद तेलंगाना इस रैंकिंग में 13वें स्थान पर खिसक गया है। उन्होंने इसके लिए नकारात्मक नीतिगत माहौल और कैबिनेट स्तर पर जबरन वसूली के आरोपों को ज़िम्मेदार ठहराया।
बीआरएस का पेपर लीक विरोधी विधेयक पर क्या रुख है?
बीआरएस ने विधेयक का स्वागत किया है, लेकिन केटीआर ने स्पष्ट किया कि अकेले कानून से कुछ नहीं बदलता। उनके अनुसार असली सवाल यह है कि इसे कैसे और कौन लागू करेगा, और केंद्र-राज्य समन्वय किस तरह होगा।
राष्ट्र प्रेस
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