केटीआर की चेतावनी: तेलंगाना में 2 लाख नौकरियों का वादा न निभाने पर राहुल गांधी के आवास पर घेराबंदी करेगी बीआरएस
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने सोमवार, 3 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास की घेराबंदी करने की चेतावनी दी। केटीआर का आरोप है कि तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने 2 लाख नौकरियों सहित चुनाव पूर्व किए गए तमाम वादों को पूरा नहीं किया है।
मुख्य आरोप: नौकरियों का वादा, खोखला साबित
केटीआर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस के युवा घोषणापत्र में पहले वर्ष में 2 लाख नौकरियाँ देने का वादा किया गया था, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी 10,000 नौकरियाँ तक नहीं भरी गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में 20,000 रिक्तियाँ होने के बावजूद सरकार ने केवल 7,000 पदों के लिए अधिसूचना जारी की है।
उन्होंने तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TSPSC) द्वारा ग्रुप 1-4 की अधिसूचना जारी करने में हो रही देरी का भी उल्लेख किया और कहा कि खम्मम जिले में वेणु नाम के एक छात्र ने इसी देरी से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया है और वह अभी अपनी जान के लिए लड़ रहा है।
राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर सीधा हमला
केटीआर ने कहा, 'राहुल गांधी कहाँ हैं जबकि यहाँ के युवा आत्महत्या कर रहे हैं? तेलंगाना के युवा जवाबदेही चाहते हैं और वे चुप नहीं रहेंगे।' उन्होंने तर्क दिया कि यह सुसाइड नोट कांग्रेस के 'अक्षम और अयोग्य शासन' के विरुद्ध एक आरोप-पत्र की तरह है।
उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा इंजीनियरों को 'आपराधिक बर्बादी' कहे जाने की भी कड़ी आलोचना की और राहुल गांधी की इस पर चुप्पी पर सवाल उठाया। केटीआर ने कहा कि जब दूसरे राज्यों में लाठीचार्ज होता है तो राहुल गांधी घटनास्थल पर पहुँच जाते हैं, लेकिन कांग्रेस शासित राज्यों में वे कभी नहीं आते।
व्यापार सूचकांक और तकनीकी क्षेत्र में गिरावट
केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद तेलंगाना 'व्यापार करने में आसानी' (Ease of Doing Business) के मामले में 13वें स्थान पर खिसक गया है। उन्होंने नैसकॉम और एसटीपीआई के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में प्रौद्योगिकी क्षेत्र में रोज़गार भी घटे हैं। उन्होंने कैबिनेट मंत्रियों और उनके सहयोगियों पर जबरन वसूली के आरोपों को भी इस गिरावट का कारण बताया।
पेपर लीक विरोधी विधेयक पर बीआरएस का रुख
संसद में पारित पेपर लीक विरोधी विधेयक पर केटीआर ने कहा कि बीआरएस ने इसका स्वागत किया है क्योंकि बच्चों के हित में कोई भी कदम सकारात्मक है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अकेले कानून बनाने से कुछ नहीं बदलता — असली सवाल यह है कि इसे कौन और कैसे लागू करेगा, और केंद्र राज्यों के साथ किस तरह समन्वय करेगा।
आगे क्या होगा
बीआरएस ने वादा किया है कि सत्ता में लौटने पर वह नौकरी की सभी रिक्तियाँ भरेगी। केटीआर ने बेरोज़गार युवाओं से अपील की कि वे अपनी जान देने की कोशिश न करें। छात्रों ने अपने हस्तलिखित नोट में राहुल गांधी, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर वार्षिक नौकरी कैलेंडर पेश करने की माँग की है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस सरकार इस बढ़ते दबाव का किस तरह जवाब देती है।