मध्य प्रदेश सरकार चीतों के लिए प्रतिदिन 35,000 रुपए खर्च कर रही है: कुनो में भोजन की स्थिति
सारांश
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भोपाल, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश सरकार कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में चीतों के भोजन और संरक्षण पर प्रतिदिन लगभग 35,000 रुपए खर्च कर रही है। यह जानकारी राज्य सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में पेश किए गए लिखित उत्तर में दी है।
सरकार ने बताया कि 2024-25 में बकरी के मांस की खरीद पर कुल 1,27,10,870 रुपए खर्च किए गए। हालांकि, यह भी बताया गया कि चीतों के भोजन के लिए कोई अलग बजट प्रावधान नहीं है। इसके बजाय, आवश्यकतानुसार अन्य मदों से धनराशि का उपयोग किया जाता है।
यह रिपोर्ट कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब के लिए प्रस्तुत की गई है। उन्होंने चीतों के भोजन के लिए वार्षिक आवंटन, उसकी गुणवत्ता और 'प्रोजेक्ट चीता' पर खर्च की गई धनराशि के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी पूछा कि क्या 6 दिसंबर, 2025 को सड़क दुर्घटना में तेंदुए की मृत्यु भोजन की कमी के कारण हुई थी?
इन सवालों का जवाब देते हुए, सरकार ने विधानसभा में बताया कि प्रतिदिन बकरियों की संख्या का कोई निश्चित मानक नहीं है।
सरकार ने कहा कि पशु चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं और निगरानी आकलन के आधार पर मांस की आपूर्ति की जाती है।
सरकार ने चीतों को भोजन से वंचित किए जाने के दावों का खंडन किया और कहा कि एक समर्पित निगरानी दल चौबीसों घंटे काम कर रहा है।
दिसंबर 2025 में तेंदुए की मृत्यु के संबंध में स्पष्ट किया गया कि यह सड़क दुर्घटना के कारण हुई थी और इसका भोजन की कमी से कोई संबंध नहीं था। सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि तेंदुए कभी-कभी खुले जंगलों में घूमते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों का शिकार कर लेते हैं, लेकिन अधिकारियों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से इनकार किया गया।
कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में वर्तमान में 38 चीते हैं, और इनमें से 27 चीते कुनो में ही पैदा हुए हैं, जब से 17 सितंबर, 2022 को आठ चीतों का पहला बैच छोड़ा गया था।