कूनो में जन्मी मादा चीता KGP-11 मुरैना में घायल मिली, पालपुर केंद्र में इलाज जारी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में जन्मी 27 माह की मादा चीता KGP-11 को 1 जून 2026 को मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र के पास घायल अवस्था में पाया गया, जिसके बाद उसे पालपुर पशु चिकित्सा केंद्र ले जाकर उपचार शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार चीता की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वह उपचार पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रही है। यह घटना देश की महत्वाकांक्षी चीता पुनर्स्थापन परियोजना के बीच सामने आई है।
कैसे सामने आया मामला
कूनो राष्ट्रीय उद्यान द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, नियमित ट्रैकिंग और निगरानी के दौरान टीम को KGP-11 की गतिविधियों में असामान्यता दिखाई दी। ट्रैकिंग दल ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुँची। प्रारंभिक जाँच में चीता के शरीर पर चोट के निशान पाए गए।
उपचार और निगरानी
घायल मादा चीता को फिलहाल क्वारंटाइन बोमा में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया है। संक्रमण या किसी अन्य जोखिम से बचाने के लिए उसे अन्य चीतों से अलग रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी हर गतिविधि पर रेडियो कॉलर और ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है।
भारत में जन्मी पीढ़ी का हिस्सा
KGP-11 उन चीतों में शामिल है, जिनका जन्म भारत में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में हुआ था। मार्च 2025 में उसे खुले जंगल में छोड़ा गया था, ताकि वह प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से रह सके और शिकार करने की क्षमता विकसित कर सके। चीता पुनर्स्थापन परियोजना के तहत कूनो में जन्मे शावकों को चरणबद्ध तरीके से जंगल में छोड़ा जा रहा है, जिससे देश में चीता आबादी को स्थायी रूप से स्थापित किया जा सके।
विभाग की चिंता और जाँच
मादा चीता के घायल मिलने की इस घटना ने वन विभाग और संरक्षण विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार चोट लगने के कारणों की जाँच की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँगे। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में आई है जब परियोजना के तहत जंगल में छोड़े गए चीतों की सुरक्षा और अनुकूलन क्षमता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
अन्य चीते सुरक्षित
इस बीच कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पार्क में मौजूद अन्य सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी नियमित निगरानी जारी है। आने वाले दिनों में KGP-11 के स्वास्थ्य की प्रगति और चोट के कारणों की जाँच रिपोर्ट पर सबकी नज़र रहेगी।